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इस शख्स को कहते हैं 'बांग्लादेश का कसाई', एक ही रात में 7000 लोगों को मरवा दिया था

Fri, 10 Apr 2020 01:49 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Fri, 10 Apr 2020 01:49 PM IST
butcher of bangladesh Tikka Khan Painful Story of bangladesh genocide 1971
'बांग्लादेश का कसाई' - फोटो : Social media

पुराने दौर में तो चंगेज खान, हलाकू और तैमूरलंग जैसे कई खूनी पैदा हुए हैं, जिन्होंने हजारों-लाखों लोगों को मौत के घाट उतार दिया था, लेकिन क्या आप आधुनिक इतिहास के उस खूनी के बारे में जानते हैं, जिसने एक ही रात में सात हजार लोगों का कत्ल करवा दिया था। इस शख्स को दुनिया 'बूचर ऑफ बांग्लादेश' यानी 'बांग्लादेश का कसाई' कहती है। उस रात उसने इतनी बर्बरता की कि उस दौर के लोग आज भी उसका नाम सुनकर ही सिहर उठते हैं। 

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टिक्का खान - फोटो : Social media

इस शख्स का नाम है टिक्का खान, पाकिस्तानी सेना का 4-स्टार जनरल था और पाकिस्तान का पहला थल सेनाध्यक्ष। 10 फरवरी 1915 को इसका जन्म रावलपिंडी के पास ही एक गांव में हुआ था। भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से पढ़ाई करने के बाद 1935 में टिक्का खान ब्रिटिश भारतीय सेना में भर्ती हुआ था। उसके बाद 1940 में वह कमीशंड ऑफिसर बन गया। उसने जर्मनी के खिलाफ दूसरे विश्व युद्ध में भी हिस्सा लिया था। 

butcher of bangladesh Tikka Khan Painful Story of bangladesh genocide 1971
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

बंटवारे के बाद टिक्का खान पाकिस्तान चला गया और वहां की सेना में मेजर बन गया। उसने 1965 में भारत-पाक लड़ाई में भी हिस्सा लिया था। टिक्का खान की बर्बरता की कहानी की शुरुआत साल 1969 से होती है, जब याह्या खान पाकिस्तान के राष्ट्रपति बने। ठीक उसी समय पूर्वी पाकिस्तान (जो अब बांग्लादेश है) को अलग देश बनाने की मांग ने जोर पकड़ लिया। इसलिए टिक्का खान को वहां भेजा गया। 

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butcher of bangladesh Tikka Khan Painful Story of bangladesh genocide 1971
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

टिक्का खान ने पूर्वी पाकिस्तान जाते ही सीधे सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी, जिसे 'ऑपरेशन सर्चलाइट' का नाम दिया गया। इस ऑपरेशन के तहत टिक्का खान के आदेश पर पाकिस्तानी सेना ने जो किया, उसे शायद ही इतिहास कभी भुला पाए। पूर्वी पाकिस्तान में हजारों लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ढाका में तो एक ही रात में सात हजार लोगों को मार दिया गया। क्या बच्चे, क्या बूढ़े और क्या महिलाएं, किसी को भी नहीं बख्शा गया।

butcher of bangladesh Tikka Khan Painful Story of bangladesh genocide 1971
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Shutterstock

रॉबर्ट पेन ने बांग्लादेश के इस नरसंहार पर एक किताब लिखी है, जिसमें उन्होंने बताया है कि 1971 के महज नौ महीनों में बांग्लादेश में करीब दो लाख औरतों और लड़कियों के साथ दुष्कर्म हुआ था। इस घटना के बाद ही टाइम मैगजीन ने टिक्का खान को 'बांग्लादेश का कसाई' कहा था। 

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