Monsoon India: भारत में मानसून पहुंच चुका है, लेकिन अभी भी देश के बड़े इलाके में लोगों को बारिश का इंतजार है। बीते 146 वर्षों में जून 2026 का महीना सबसे सूखों में से एक रहा है। केरल में चार चून को मानसून पहुंच गया था, जिसके बाद दक्षिण, पूर्व और पूर्वोत्तर के ज्यादातर हिस्सों में पहुंच गया, लेकिन 15 जून के बाद यह अचानक रुक गया।
Monsoon India: क्यों नहीं हो रही है बारिश? भारत में टूटा 146 साल का रिकॉर्ड, मौसम विभाग ने बताईं ये पांच वजहें
Monsoon India: भारत में 4 जून को मानसून पहुंच गया है, लेकिन देश के बड़े इलाके में अभी भी बारिश का इंतजार है। मौसम विभाग के मुताबिक, जून 2026 146 साल में सबसे ज्यादा सूखा रहा है।
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- सोमाली जेट दूसरा कारण है। यह एक हवा है जिससे अफ्रीका से अरब सागर के रास्ते भारत तक नमी आती है। इस बार यह हवा बेहद कमजोर थी।
-तीसरा वजह यह है कि उत्तर पश्चिम भारत और पश्चिम एशिया के रेगिस्तान से आने वाली गर्म और सूखी हवा है, जिसने मध्य भारत के ऊपर एक ढक्कन जैसा प्रभाव डाला। इससे बादल बारिश में नहीं बदल पाए।
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-इंडियन ओशन डाइपोल का सामान्य रहना चौथी वजह है। यह हिंद महासागर के दो इलाकों के तापमान का अंतर है। इस बार यह न्यूट्रल रहा जिससे मॉनसून को जरूरी मदद नहीं मिल पाई।
-पांचवी वजह बंगाल की खाड़ी में कम दबाव वाला सिस्टम नहीं बना, जो बारिश को देश के भीतरी इलाकों तक खींचकर लाते हैं।
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क्या अल नीनो है वजह?
अब सवाल है कि बारिश न होने की वजह अल नीनो है। अमेरिकी एजेंसी एनओएए ने जून के दूसरे हफ्ते में अल नीनो का एलना किया है। लेकिन मौसम विभाग ने कहा है कि जून की कमी में इसका बेहद कम प्रभाव था। अल नीनो का प्रभाव जुलाई, अगस्त और सितंबर में दिख सकता है। 23 जून के बाद मुंबई और मध्य भारत के कुछ बारिश लौटी है। हालांकि, मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 2026 में कुल बारिश सामान्य से कम यानी लगभग 90 फीसदी कम हो सकती है। वैज्ञानिकों के लिए यह चिंता है कि गर्म होती हवा अधिक पानी रोकती है। इससे आगे जाकर लंबे सूखे के बाद अचानक भयानक बारिश का खतरा बढ़ सकता है।