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बेरोजगारी दर 5.5 फीसदी पर कायम: ग्रामीण इलाकों में घटी, शहरों में बढ़ी श्रम भागीदारी
Thu, 16 Jul 2026 04:54 AM IST
राकेश कुमार
बोनस डेस्क, नई दिल्ली।
बोनस डेस्क, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 16 Jul 2026 04:54 AM IST
सार
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार, देश में समग्र बेरोजगारी दर मई के समान ही 5.5 फीसदी पर स्थिर बनी हुई है। इस दौरान शहरों में श्रम भागीदारी दर बढ़कर 50.1 फीसदी हो गई और कामकाजी गतिविधियों में मामूली सुधार हुआ, हालांकि शहरी बेरोजगारी दर मामूली रूप से बढ़कर 6.6 फीसदी पहुंच गई।
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बेरोजगारी दर स्थिर
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के जून 2026 के मासिक बुलेटिन के अनुसार, देश में रोजगार और बेरोजगारी की समग्र स्थिति स्थिर बनी हुई है। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए अखिल भारतीय स्तर पर समग्र बेरोजगारी दर जून में 5.5 फीसदी दर्ज की गई, जो मई, 2026 के समान स्तर पर ही बरकरार है।
आंकड़ों के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में कामकाजी गतिविधियों में मामूली सुधार देखा गया। शहरों में श्रम भागीदारी दर मई के 49.8 फीसदी से सुधरकर जून, 2026 में 50.1 फीसदी पर पहुंच गई। इसके साथ ही, शहरों में श्रमिक जनसंख्या अनुपात भी मामूली बढ़त के साथ 46.8 फीसदी रहा, जो मई में 46.6 फीसदी था। हालांकि, शहरी बेरोजगारी दर मई के 6.4 फीसदी से मामूली बढ़कर 6.6 फीसदी हो गई, लेकिन सालाना आधार पर इसमें 0.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
ग्रामीण भारत के लिए राहत की बात यह रही कि यहां बेरोजगारी दर मई के 5.1 फीसदी से घटकर 5.0 फीसदी पर आ गई। साथ ही, फरवरी 2026 से लगातार बढ़ रही ग्रामीण पुरुषों की बेरोजगारी दर में जून में गिरावट देखने को मिली है।
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बुलेटिन के मुताबिक, देश में समग्र महिला श्रम भागीदारी जून में 32.7 फीसदी रही। मासिक स्तर पर यह लगभग स्थिर (मई में 32.8 फीसदी) है, लेकिन पिछले साल जून (32.0 फीसदी) के मुकाबले इसमें 0.7 फीसदी की मजबूत सालाना बढ़त दर्ज की गई है, जो कुल श्रमबल में महिलाओं की लगातार बढ़ रही भूमिका को दर्शाती है।
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आंकड़ों के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में कामकाजी गतिविधियों में मामूली सुधार देखा गया। शहरों में श्रम भागीदारी दर मई के 49.8 फीसदी से सुधरकर जून, 2026 में 50.1 फीसदी पर पहुंच गई। इसके साथ ही, शहरों में श्रमिक जनसंख्या अनुपात भी मामूली बढ़त के साथ 46.8 फीसदी रहा, जो मई में 46.6 फीसदी था। हालांकि, शहरी बेरोजगारी दर मई के 6.4 फीसदी से मामूली बढ़कर 6.6 फीसदी हो गई, लेकिन सालाना आधार पर इसमें 0.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
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ग्रामीण भारत के लिए राहत की बात यह रही कि यहां बेरोजगारी दर मई के 5.1 फीसदी से घटकर 5.0 फीसदी पर आ गई। साथ ही, फरवरी 2026 से लगातार बढ़ रही ग्रामीण पुरुषों की बेरोजगारी दर में जून में गिरावट देखने को मिली है।
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बुलेटिन के मुताबिक, देश में समग्र महिला श्रम भागीदारी जून में 32.7 फीसदी रही। मासिक स्तर पर यह लगभग स्थिर (मई में 32.8 फीसदी) है, लेकिन पिछले साल जून (32.0 फीसदी) के मुकाबले इसमें 0.7 फीसदी की मजबूत सालाना बढ़त दर्ज की गई है, जो कुल श्रमबल में महिलाओं की लगातार बढ़ रही भूमिका को दर्शाती है।