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Adani Case: जेएएल मामले में अदाणी ग्रुप को बड़ी जीत; NCLAT ने वेदांता की याचिका खारिज की, जानें पूरा मामला

आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: Riya Dubey Updated Mon, 04 May 2026 01:26 PM IST
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सार

एनसीएलएटी ने जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड के लिए अदाणी समूह की 14,535 करोड़ रुपये की समाधान योजना को मंजूरी दे दी और वेदांता समूह की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने माना कि लेनदारों की समिति का निर्णय उचित था और प्रक्रिया में कोई अनियमितता नहीं हुई। 

Adani Group wins JAL case; NCLAT dismisses Vedanta's plea, learn the full story
गौतम अदाणी - फोटो : amarujala.com
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विस्तार

जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के लिए अदाणी ग्रुप की समाधान योजना को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण (एनसीएलएटी) से मंजूरी मिल गई है। साथ ही, इसके प्रोसेस को चुनौती देने वाली वेदांता ग्रुप की याचिका को खारिज कर दिया गया है। 
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न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अशोक भूषण और तकनीकी सदस्य बरुन मित्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) के पूर्व आदेश को बरकरार रखा और कहा कि निर्णय लेने वाले प्राधिकरण के फैसले में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है।
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न्यायाधिकरण ने यह भी माना कि लेनदारों की समिति (सीओसी) द्वारा वेदांता की समाधान योजना को अस्वीकार करना उचित था। एनसीएलएटी ने पाया कि 14 नवंबर, 2025 को हुई अपनी 24वीं बैठक में समिति द्वारा परिशिष्ट पर विचार न करने का निर्णय न तो अमान्य था और न ही अनुचित।

न्यायालय ने आगे कहा कि समाधान योजना में कोई अनियमितता नहीं हुई है और समिति के व्यावसायिक विवेक को बरकरार रखते हुए प्रक्रिया को प्रभावी रूप से वैध ठहराया। न्यायालय ने कहा कि हमें निर्णय लेने वाले प्राधिकरण द्वारा पारित आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं मिलता है।

जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) को एनसीएलटी की इलाहाबाद बेंच द्वारा 3 जून, 2024 को कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया में शामिल किया गया था। इससे पहले, अपीलीय न्यायाधिकरण ने वेदांता द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बावजूद, अदाणी समूह की समाधान योजना के कार्यान्वयन पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था। वेदांता ने तर्क दिया था कि उसकी बोली वित्तीय रूप से बेहतर थी।

एनसीएलएटी ने जेएएल के लिए अदाणी की 14,535 करोड़ रुपए की बोली की मंजूरी को चुनौती देने वाली वेदांता की अपील पर सुनवाई की थी। इसके अलावा, वेदांता ने तर्क दिया था कि उसकी पेशकश का शुद्ध वर्तमान मूल्य (एनपीवी) 12,505 करोड़ रुपए अधिक था। हालांकि, न्यायाधिकरण ने उस समय स्पष्ट किया था कि अदाणी की समाधान योजना के तहत उठाए गए कोई भी कदम वेदांता की याचिका के अंतिम परिणाम के अधीन रहेंगे।

जेएएल 57,000 करोड़ रुपए से अधिक के ऋणों पर डिफॉल्ट करने के बाद जून 2024 में दिवालियापन प्रक्रिया में चला गया। वेदांता की अपील खारिज होने के साथ, अपीलीय न्यायाधिकरण ने अब जेपी के लिए अदाणी समूह की समाधान योजना के कार्यान्वयन का मार्ग खोल दिया है।



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