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Updates: पांच सुस्त वर्षों के बाद रफ्तार पकड़ेगा भारत का पावर ट्रांसमिशन सेक्टर, 7.6 लाख करोड़ निवेश का अनुमान
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Riya Dubey
Updated Fri, 24 Apr 2026 10:58 AM IST
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- फोटो : amarujala.com
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एसबीआई कैप्स की एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार भारत का पावर ट्रांसमिशन सेक्टर वित्त वर्ष 2027 में पांच सुस्त वर्षों के बाद रिकवरी की ओर बढ़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नियामकीय बदलाव और नए निवेश मॉडल इस क्षेत्र में पूंजी प्रवाह तथा परिसंपत्तियों के उपयोग के तरीके को बदल सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022 से 2026 के बीच ट्रांसमिशन लाइन और सबस्टेशन विस्तार के लक्ष्य लगातार पूरे नहीं हो सके। इसके पीछे राइट ऑफ वे (Right of Way) में देरी, जमीन मूल्यांकन की जटिलताएं, ग्रेट इंडियनबस्टर्ड रूलींग , और चीन से सीमित आयात के कारण उपकरणों की कमी जैसे प्रमुख कारण रहे।
हालांकि, वित्त वर्ष 2026 में सुधार के शुरुआती संकेत देखने को मिले। इस दौरान ट्रांसमिशन लाइन जोड़ने की रफ्तार सालाना आधार पर 37 प्रतिशत बढ़ी, जबकि सबस्टेशन क्षमता विस्तार लगभग लक्ष्य के करीब पहुंच गया। इसके बावजूद रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च 2027 तक राष्ट्रीय विद्युत योजना का लक्ष्य हासिल होना मुश्किल नजर आ रहा है, जिससे इस क्षेत्र की बड़ी पूंजीगत निवेश योजनाएं अभी पाइपलाइन में बनी रहेंगी। एसबीआई कैप्स ने अगले छह वर्षों में पावर ट्रांसमिशन सेक्टर में करीब 7.6 लाख करोड़ रुपये के निवेश अवसर का अनुमान जताया है, जो इस क्षेत्र में बड़े विस्तार की संभावनाओं को दर्शाता है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022 से 2026 के बीच ट्रांसमिशन लाइन और सबस्टेशन विस्तार के लक्ष्य लगातार पूरे नहीं हो सके। इसके पीछे राइट ऑफ वे (Right of Way) में देरी, जमीन मूल्यांकन की जटिलताएं, ग्रेट इंडियनबस्टर्ड रूलींग , और चीन से सीमित आयात के कारण उपकरणों की कमी जैसे प्रमुख कारण रहे।
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हालांकि, वित्त वर्ष 2026 में सुधार के शुरुआती संकेत देखने को मिले। इस दौरान ट्रांसमिशन लाइन जोड़ने की रफ्तार सालाना आधार पर 37 प्रतिशत बढ़ी, जबकि सबस्टेशन क्षमता विस्तार लगभग लक्ष्य के करीब पहुंच गया। इसके बावजूद रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च 2027 तक राष्ट्रीय विद्युत योजना का लक्ष्य हासिल होना मुश्किल नजर आ रहा है, जिससे इस क्षेत्र की बड़ी पूंजीगत निवेश योजनाएं अभी पाइपलाइन में बनी रहेंगी। एसबीआई कैप्स ने अगले छह वर्षों में पावर ट्रांसमिशन सेक्टर में करीब 7.6 लाख करोड़ रुपये के निवेश अवसर का अनुमान जताया है, जो इस क्षेत्र में बड़े विस्तार की संभावनाओं को दर्शाता है।

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