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जीवन की तरह संपत्ति का भी बीमा: आपदाओं से मेहनत की कमाई बचाने के लिए क्यों जरूरी है होम इंश्योरेंस? जानिए

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला। Published by: राकेश कुमार Updated Mon, 11 May 2026 05:23 AM IST
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सार

भारत में प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ रहा है, लेकिन संपत्ति के बीमा का स्तर 1% से भी कम है। 2026 के आंकड़े बताते हैं कि 92-95% नुकसान का बोझ सीधे जनता की जेब पर पड़ता है। IRDAI के नए नियमों ने अब क्लेम प्रक्रिया को आसान और ग्राहक-अनुकूल बना दिया है, जिससे मामूली प्रीमियम पर घर और दुकान को आग, बाढ़ और भूकंप जैसे खतरों से सुरक्षित किया जा सकता है।
 

importance of home and property insurance in india 2026 guide
ऑनलाइन बीमा (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार

भारत में संपत्ति का सुरक्षा घेरा बहुत कमजोर है। आग, बाढ़ और भूकंप जैसी कोई बड़ी आपदा किसी भी मिडिल क्लास परिवार को गरीबी रेखा के नीचे धकेलने के लिए काफी है। 2026 का सबसे बड़ा सबक यही है-संपत्ति बनाना जितना जरूरी है, उसे बीमा से सुरक्षित करना उससे कहीं ज्यादा अनिवार्य है। विराज ने 10 साल तक दिन-रात मेहनत करके नोएडा में इलेक्ट्रॉनिक आइटम की दुकान खड़ी की थी। दुकान को नया लुक देने के लिए विराज ने शानदार इंटीरियर और महंगे एसी पर 5 लाख रुपये खर्च किए। जब उनसे किसी ने इंश्योरेंस की बात की, तो उनका जवाब था- छोड़िए भाई साहब, यहां कुछ नहीं होता, ये पैसे की बर्बादी है।


भारत में बीमा का सुरक्षा अंतराल औसतन 92-95%
विराज की तरह अधिकांश लोग प्रॉपर्टी इंश्योरेंस को आज भी पैसे की बर्बादी मानते हैं। यही वजह है कि भारत में बीमा का सुरक्षा अंतराल औसतन 92-95% है। इसका मतलब है कि 100 रुपये के नुकसान में से 95 रुपये का बोझ  आपकी या सरकार की जेब पर पड़ता है। भारत का बीमा बाजार तेजी से बढ़ तो रहा है, लेकिन अभी भी कई चुनौतियां हैं। भारत में कुल बीमा पेनेट्रेशन जीडीपी का 3.7% है, लेकिन प्रॉपर्टी इंश्योरेंस के मामले में यह 1% से भी कम है।
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जबकि इसकी तुलना में जोखिम लगातार बढ़ रहा है। 2024 में 365 में से 322 दिन भारत ने अत्यधिक खराब मौसम का सामना किया। 2025 में यह बढ़कर 331 दिन हो गया। 2022 से 2025 के बीच आपदाओं के कारण होने वाली मौतों में 47% का इजाफा हुआ। 2023 में 7,000 से ज्यादा आग लगने की दुर्घटनाएं हुईं।
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कैसे होता है होम इंश्योरेंस का कवरेज तय?  
होम इंश्योरेंस कवरेज इस बात पर निर्भर करेगा कि आप केवल इमारत का बीमा करा रहे हैं, केवल सामान का या दोनों का। इमारत का मूल्य रिकंस्ट्रक्शन कॉस्ट होती है, न कि संपत्ति का बाजार मूल्य। इमारत का मूल्य जानने के लिए, संपत्ति के निर्मित क्षेत्र और प्रति वर्ग फुट निर्माण दर का गुणा किया जाता है। इसे उदाहरण से समझते हैं: मान लीजिए आपके घर का निर्मित क्षेत्र 1200 वर्ग फुट है और निर्माण लागत 1,500 प्रति वर्ग फुट है, तो इमारत के ढांचे के लिए बीमा राशि 18 लाख होगी।
 
कवरेज का प्रकार बीमा राशि अनुमानित वार्षिक प्रीमियम
केवल ढांचा 18 लाख रुपये 1,200–2,000 रुपये
केवल सामान 5 लाख रुपये 500–1,200 रुपये
व्यापक कवर 23 लाख रुपये 1,500–3,000 रुपये
ऐड-ऑन्स के साथ 25 लाख रुपये+ 2,500–4,500 रुपये
 
आपदा अनुमानित नुकसान बीमा कवरेज कवरेज नहीं
बाढ़ 100 अरब डॉलर 5% 95%
चक्रवात / तूफान 15–20 अरब डॉलर 5–8% 92–95%
भूकंप 10–15 अरब डॉलर 1% 99%
सूखा 100 अरब डॉलर प्रभाव 2–5% 95%
लू 1–3 अरब डॉलर 1% 99%
भूस्खलन 1–2 अरब डॉलर 1% 99%
जंगल की आग 1.74 लाख करोड़ रु./वर्ष 1% 99%
औद्योगिक / शहरी आग 1000 करोड़ रु./वर्ष 30–40% 60–70%
सभी आपदाएं 162 अरब डॉलर 5–8% 92–95%

अनिवार्य आवश्यकता बन गया है बीमा
अमिताभ दीवान हेड, लार्ज कॉरपोरेट रिस्क, पॉलिसीबाजार फॉर बिजनेस का कहना है कि हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां हम मौसम, पावर ग्रिड या हमारे आसपास के लोगों के कार्यों को नियंत्रित नहीं कर सकते। जो हम नियंत्रित कर सकते हैं, वह है हमारी तैयारी। जीवन भर की मेहनत से बनाए घर या दुकान को असुरक्षित छोड़ना वैसा ही है जैसे तूफान में दरवाजा खुला छोड़ देना। अपनी संपत्ति को एक व्यापक बीमा पॉलिसी के साथ सुरक्षित करना आपके परिवार और आपके भविष्य के लिए सबसे अधिक पेशेवर और जिम्मेदारी भरा काम है।  

IRDAI ने बदली जनरल इंश्योरेंस की दुनिया
  1. अब किसी भी क्लेम को केवल 'दस्तावेजों की कमी' के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता।
  2. बीमा कंपनी को जो भी दस्तावेज चाहिए, उन्हें पॉलिसी देते वक्त ही मांगना होगा। क्लेम के समय आपसे सिर्फ वही कागज मांगे जा सकते हैं, जो सीधे तौर पर उस घटना से जुड़े हों।
  3. रिटेल ग्राहक अब जब चाहें अपनी पॉलिसी कैंसिल कर सकते हैं। कंपनी को बचे हुए समय का प्रीमियम आनुपातिक आधार पर वापस करना होगा।
  4. बीमा कंपनी आपकी पॉलिसी तब तक कैंसिल नहीं कर सकती जब तक कि 'धोखाधड़ी' साबित न हो जाए।
  5. आग बीमा के साथ बाढ़, भूकंप और आतंकवाद के लिए अलग से ऐड-ऑन चुनने या हटाने की पूरी आजादी।  
  6. पॉलिसी के साथ एक सरल पन्ने की कस्टमर इंफॉर्मेशन शीट, जिसमें आसान भाषा में लिखा होगा- क्या कवर है, क्या नहीं और क्लेम कैसे मिलेगा।

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