Export: दिसंबर 2025 में भारत का निर्यात 1.87 प्रतिशत बढ़ा, 38.51 अरब डॉलर पर पहुंचा आंकड़ा
वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद दिसंबर 2025 में भारत का निर्यात सालाना आधार पर 1.87% बढ़कर 38.51 अरब डॉलर रहा। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के अनुसार, भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।
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वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के निर्यात में सकारात्मक रुझान बना हुआ है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को बताया कि दिसंबर 2025 में देश का मर्चेंडाइज निर्यात 1.87% बढ़कर 38.5 अरब डॉलर पहुंच गया।
आयात में हुई बढ़ोतरी से व्यापार घाटा बढ़ा
इसी अवधि में आयात बढ़कर 63.55 अरब डॉलर हो गया, जो दिसंबर 2024 में 58.43 अरब डॉलर था। इसके चलते दिसंबर में व्यापार घाटा 25 अरब डॉलर दर्ज किया गया। अग्रवाल ने कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत का निर्यात लगातार सकारात्मक वृद्धि दर्ज कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वित्त वर्ष 2025-26 में वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 850 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर सकता है।
कुल निर्यात बढ़कर 330.29 अरब डॉलर पहुंचा
आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान भारत का कुल निर्यात 2.44% बढ़कर 330.29 अरब डॉलर रहा, जो निर्यात क्षेत्र में मजबूती का संकेत देता है। इस बीच भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर अग्रवाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जा रही है।
कुल निर्यात में आई मामूली गिरावट
- उद्योग मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में भारत का कुल निर्यात 74.01 अरब डॉलर रहा, जो दिसंबर 2024 के 74.77 अरब डॉलर से मामूली रूप से कम है।
- वहीं आयात में एक वर्ष पहले के 76.23 अरब डॉलर से तीव्र वृद्धि दर्ज की गई और यह 80.94 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
- देश का कुल व्यापार घाटा दिसंबर 2025 में बढ़कर 6.92 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने में यह 1.46 अरब अमेरिकी डॉलर था।
व्यापार घाटे में वृद्धि मुख्य रूप से आयात में वृद्धि के कारण हुई, जबकि निर्यात साल-दर-साल आधार पर लगभग स्थिर रहा। इन आंकड़ों में वस्तुओं और सेवाओं के संयुक्त व्यापार को शामिल किया गया है।