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लुटियंस जोन की सबसे महंगी डील?: सुभाष चंद्रा ने बेचा ₹1260 करोड़ में बंगला,जानें खरीदार कौन
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar
Updated Thu, 18 Jun 2026 09:11 PM IST
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पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ. सुभाष चंद्रा
- फोटो : आईएएनएस
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एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने दिल्ली के लुटियंस क्षेत्र में स्थित एक बंगला 1260 करोड़ रुपये में एक अज्ञात कारोबारी को बेचा है। इसे राजधानी में हाल के सबसे महंगे रियल एस्टेट सौदों में से एक माना जा रहा है। करीब तीन एकड़ में फैला यह बंगला कनॉट प्लेस और इंडिया गेट के पास भगवान दास रोड पर मौजूद है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संपत्ति को दिल्ली स्थित एक कारोबारी परिवार ने खरीदा है। हालांकि, इस खरीदार की पहचान उजागर नहीं की गई है। यह बंगला उसी सड़क पर स्थित है जहां गौतम अदाणी की अगुवाई वाले समूह ने वर्ष 2020 में लगभग 400 करोड़ रुपये में एक अन्य संपत्ति खरीदी थी। सूत्रों ने कहा कि 1,260 करोड़ रुपये का यह सौदा दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरा हो जाने की उम्मीद है।
एक दशक में चार गुना से अधिक बढ़े दाम
इस सौदे को लेकर समूह के प्रवक्ता ने इस लेन-देन पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। चंद्रा ने यह संपत्ति वर्ष 2015 में 304 करोड़ रुपये में खरीदी थी। इसका मतलब है कि इस संपत्ति का मूल्य पिछले एक दशक में चार गुना से अधिक हो गया है। लुटियंस बंगला क्षेत्र देश के सबसे महंगे रियल एस्टेट क्षेत्रों में से एक है, जहां करीब 3,000 बंगले हैं। इनमें से लगभग 600 संपत्तियां निजी स्वामित्व में हैं, जो देश के सबसे अमीर लोगों के पास हैं।
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कौन हैं सुभाष चंद्रा?
सुभाष चंद्रा का जन्म नवंबर 1950 में हरियाणा के हिसार जिले के आदमपुर गांव में हुआ था। उनका परिवार मूल रूप से अनाज व्यापार से जुड़ा हुआ था। शुरुआती शिक्षा उन्होंने हिसार में प्राप्त की और बाद में पारिवारिक व्यवसाय से जुड़ गए। अपने कारोबारी जीवन की शुरुआत उन्होंने वर्ष 1981 में पैकेजिंग व्यवसाय से की। इसके बाद उन्होंने मीडिया क्षेत्र में कदम रखा और वर्ष 1992 में भारत का पहला निजी हिंदी सैटेलाइट चैनल जी टीवी शुरू किया। व्यवसाय के अलावा उन्होंने राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2016 में वे हरियाणा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे।
क्या है लुटियंस की दिल्ली?
किंग जॉर्ज V और ब्रिटेन की महारानी मेरी अपने उपनिवेश यानी उस वक्त के भारत के दौरे पर थे। वर्ष 1911 की 15 दिसंबर को किंग्सवे कैंप के पास शाही दंपत्ति ने 'दिल्ली दरबार' की नींव रखी। इसका निर्माण कार्य वर्ष 1912 में शुरू हुआ और ये 10 फरवरी वर्ष 1931 में पूरा हो गया जब इसका औपचारिक उद्घाटन किया गया। भारत की आजादी के बाद अंग्रेज शासक तो चले गए, मगर लुटियंस की दिल्ली में भारत के उस समय के बड़े लोग - चाहे नेता हों, नौकरशाह या फिर उद्योगपति - यानी प्रभावशाली लोग इन बंगलों में रहने लगे।
साल 2020 में दिल्ली के लुटियंस एरिया में गौतम अडानी के अडानी समूह ने ये बंगला 400 करोड़ रुपये में खरीदा था, जो कि भगवानदास रोड पर स्थित है। ये बंगला 3.4 एकड़ में बना हुआ है, जहां 7 बेडरूम, 6 लिविंग रूम और डाइनिंग रूम, एक स्टडी रूम के अलावा स्टार्फ क्वार्टर भी हैं। इससे पहले ये बंगला आदित्य प्राइवेट लिमिटेड का था, लेकिन एक हजार करोड़ रुपये के इस बंगले को बोली में अंडानी समूह ने खरीद लिया था।
विजय शेखर
पेटीएम एप के संस्थापक विजय शेखर के पास भी दिल्ली के लुटियंस में द गोल्फ लिंक्स पर एक आलीशान बंगला है। ये बंगला तीन हजार एकड़ में बना हुआ है और इस बंगले के लिए विजय शेखर ने 82 करोड़ रुपये खर्च किए।
नवीन जिंदल
नवीन जिंदल के पास भी दिल्ली के लुटियंस इलाके में प्रॉपर्टी है। लुटियंस दिल्ली में उनके पास एक आलीशान बंगला है, जिसे खरीदने के लिए उन्होंने करोड़ों रुपये खर्च किए। इस बंगले की कीमत 120-150 करोड़ रुपये के बीच बताई जाती है। नवीन जिंदल की इस प्रॉपर्टी को लुटियंस दिल्ली की दूसरी सबसे महंगी संपत्ति के तौर पर देखा जाता है।
सुनील वचानी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लुटियंस दिल्ली में सुनील वचानी ने गौतम अडानी की नीलाम किए गए एक बंगले को खरीदा था। इसके लिए सुनील वचानी को 170 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ा था। यहां आपको बता दें कि, सुनील वचानी प्रॉपर्टी डील डिक्सन टेक्नोलॉजीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं।
लक्ष्मी मित्तल
साल 2005 में लुटियंस दिल्ली में लक्ष्मी मित्तल ने एक बंगला खरीदा था। इस बंगले के लिए लक्ष्मी मित्तल ने 31 करोड़ रुपये खर्च किए थे। ये बंगला बेहद ही लग्जरी और खूबसूरत है। इसके अलावा लक्ष्मी मित्तल की ब्रिटेन में भी काफी प्रॉपर्टी है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संपत्ति को दिल्ली स्थित एक कारोबारी परिवार ने खरीदा है। हालांकि, इस खरीदार की पहचान उजागर नहीं की गई है। यह बंगला उसी सड़क पर स्थित है जहां गौतम अदाणी की अगुवाई वाले समूह ने वर्ष 2020 में लगभग 400 करोड़ रुपये में एक अन्य संपत्ति खरीदी थी। सूत्रों ने कहा कि 1,260 करोड़ रुपये का यह सौदा दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरा हो जाने की उम्मीद है।
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एक दशक में चार गुना से अधिक बढ़े दाम
इस सौदे को लेकर समूह के प्रवक्ता ने इस लेन-देन पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। चंद्रा ने यह संपत्ति वर्ष 2015 में 304 करोड़ रुपये में खरीदी थी। इसका मतलब है कि इस संपत्ति का मूल्य पिछले एक दशक में चार गुना से अधिक हो गया है। लुटियंस बंगला क्षेत्र देश के सबसे महंगे रियल एस्टेट क्षेत्रों में से एक है, जहां करीब 3,000 बंगले हैं। इनमें से लगभग 600 संपत्तियां निजी स्वामित्व में हैं, जो देश के सबसे अमीर लोगों के पास हैं।
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कौन हैं सुभाष चंद्रा?
सुभाष चंद्रा का जन्म नवंबर 1950 में हरियाणा के हिसार जिले के आदमपुर गांव में हुआ था। उनका परिवार मूल रूप से अनाज व्यापार से जुड़ा हुआ था। शुरुआती शिक्षा उन्होंने हिसार में प्राप्त की और बाद में पारिवारिक व्यवसाय से जुड़ गए। अपने कारोबारी जीवन की शुरुआत उन्होंने वर्ष 1981 में पैकेजिंग व्यवसाय से की। इसके बाद उन्होंने मीडिया क्षेत्र में कदम रखा और वर्ष 1992 में भारत का पहला निजी हिंदी सैटेलाइट चैनल जी टीवी शुरू किया। व्यवसाय के अलावा उन्होंने राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2016 में वे हरियाणा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे।
क्या है लुटियंस की दिल्ली?
किंग जॉर्ज V और ब्रिटेन की महारानी मेरी अपने उपनिवेश यानी उस वक्त के भारत के दौरे पर थे। वर्ष 1911 की 15 दिसंबर को किंग्सवे कैंप के पास शाही दंपत्ति ने 'दिल्ली दरबार' की नींव रखी। इसका निर्माण कार्य वर्ष 1912 में शुरू हुआ और ये 10 फरवरी वर्ष 1931 में पूरा हो गया जब इसका औपचारिक उद्घाटन किया गया। भारत की आजादी के बाद अंग्रेज शासक तो चले गए, मगर लुटियंस की दिल्ली में भारत के उस समय के बड़े लोग - चाहे नेता हों, नौकरशाह या फिर उद्योगपति - यानी प्रभावशाली लोग इन बंगलों में रहने लगे।
लुटियंस जोन में इन पांच अरबपतियों के हैं करोड़ों के बंगले
गौतम अडानीसाल 2020 में दिल्ली के लुटियंस एरिया में गौतम अडानी के अडानी समूह ने ये बंगला 400 करोड़ रुपये में खरीदा था, जो कि भगवानदास रोड पर स्थित है। ये बंगला 3.4 एकड़ में बना हुआ है, जहां 7 बेडरूम, 6 लिविंग रूम और डाइनिंग रूम, एक स्टडी रूम के अलावा स्टार्फ क्वार्टर भी हैं। इससे पहले ये बंगला आदित्य प्राइवेट लिमिटेड का था, लेकिन एक हजार करोड़ रुपये के इस बंगले को बोली में अंडानी समूह ने खरीद लिया था।
विजय शेखर
पेटीएम एप के संस्थापक विजय शेखर के पास भी दिल्ली के लुटियंस में द गोल्फ लिंक्स पर एक आलीशान बंगला है। ये बंगला तीन हजार एकड़ में बना हुआ है और इस बंगले के लिए विजय शेखर ने 82 करोड़ रुपये खर्च किए।
नवीन जिंदल
नवीन जिंदल के पास भी दिल्ली के लुटियंस इलाके में प्रॉपर्टी है। लुटियंस दिल्ली में उनके पास एक आलीशान बंगला है, जिसे खरीदने के लिए उन्होंने करोड़ों रुपये खर्च किए। इस बंगले की कीमत 120-150 करोड़ रुपये के बीच बताई जाती है। नवीन जिंदल की इस प्रॉपर्टी को लुटियंस दिल्ली की दूसरी सबसे महंगी संपत्ति के तौर पर देखा जाता है।
सुनील वचानी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लुटियंस दिल्ली में सुनील वचानी ने गौतम अडानी की नीलाम किए गए एक बंगले को खरीदा था। इसके लिए सुनील वचानी को 170 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ा था। यहां आपको बता दें कि, सुनील वचानी प्रॉपर्टी डील डिक्सन टेक्नोलॉजीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं।
लक्ष्मी मित्तल
साल 2005 में लुटियंस दिल्ली में लक्ष्मी मित्तल ने एक बंगला खरीदा था। इस बंगले के लिए लक्ष्मी मित्तल ने 31 करोड़ रुपये खर्च किए थे। ये बंगला बेहद ही लग्जरी और खूबसूरत है। इसके अलावा लक्ष्मी मित्तल की ब्रिटेन में भी काफी प्रॉपर्टी है।