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Indian Money in Swiss Banks: स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा राशि में 8% घटी, 2025 में 36793 करोड़ रह गई
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 19 Jun 2026 05:04 AM IST
सार
Indian Money in Swiss Banks: स्विस केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार 2025 में स्विस बैंकों में भारतीय ग्राहकों की जमा राशि 8% से अधिक घटकर करीब 36,793 करोड़ रुपये रह गई। हालांकि. व्यक्तिगत खातों में जमा धन में बढ़ोतरी हुई। लेकिन कुल हिस्सेदारी सीमित रही और वैश्विक स्तर पर भी विदेशी ग्राहकों की जमा राशि में गिरावट देखी गई। पढ़िए रिपोर्ट-
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स्विस बैंक में भारतीयों की जमा राशि में गिरावट
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक ने आंकड़े जारी कर बताया है कि वर्ष 2025 में स्विस बैंकों में भारतीय ग्राहकों की कुल जमा राशि 8 फीसदी से अधिक घटकर 3.25 अरब स्विस फ्रैंक (करीब 36,793 करोड़ रुपये) रह गई। इसकी वजह स्थानीय शाखाओं और अन्य वित्तीय संस्थानों के पास मौजूद फंड में कमी थी।
हालांकि, व्यक्तिगत और संस्थागत ग्राहकों के खातों में जमा राशि में तेज वृद्धि देखने को मिली। ग्राहक खातों में जमा धन 50 फीसदी से अधिक बढ़कर 52.4 करोड़ स्विस फ्रैंक (करीब 6,000 करोड़ रुपये) पहुंच गया। इसके बावजूद कुल भारतीय फंड में इसकी हिस्सेदारी केवल 16 फीसदी रही। वैश्विक स्तर पर स्विस बैंकों में विदेशी ग्राहकों की कुल जमा राशि 2025 भी करीब 8 फीसदी घटकर 1.05 ट्रिलियन स्विस फ्रैंक रह गई। ग्राहकों के मामले में भारत 46वें स्थान पर रहा, जबकि ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस शीर्ष तीन देशों में शामिल रहे। बांग्लादेश 81वें, जबकि पाकिस्तान 108वें पायदान पर है। स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) के अनुसार, भारतीय ग्राहकों से संबंधित लगभग 2.6 अरब स्विस फ्रैंक की राशि अन्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से रखी गई थी। इसमें भी सालाना आधार पर करीब 15 फीसदी की कमी आई है। वर्ष 2024 में स्विस बैंकों में भारतीय धन तीन गुना बढ़कर 3.5 अरब स्विस फ्रैंक पहुंच गया था, जो 2021 के बाद का उच्चतम स्तर था। 2021 में यह राशि 3.83 अरब स्विस फ्रैंक थी।
ये भी पढ़ें: सरकार की कमाई में उछाल: ₹5.21 लाख करोड़ के पार पहुंचा डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन, रिफंड देने की रफ्तार भी बढ़ी
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जमा राशि काले धन का संकेत नहीं
एसएनबी ने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े भारतीय ग्राहकों के लिए घोषित कुल देनदारियों को दर्शाते हैं। इन्हें स्विट्जरलैंड में कथित काले धन के संकेतक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इनमें वे खाते शामिल नहीं है, जो भारतीयों या अनिवासी भारतीयों द्वारा तीसरे देशों की संस्थाओं के नाम पर संचालित किए जाते हैं। स्विट्जरलैंड और भारत के बीच कर मामलों में स्वत: सूचना आदान-प्रदान व्यवस्था 2018 से लागू है। इसके तहत भारतीय खाताधारकों की वित्तीय जानकारी नियमित रूप से भारतीय कर अधिकारियों के साथ साझा की जा रही है।
बीआईएस के आंकड़े बयान कर रहे अलग कहानी
अंतरराष्ट्रीय निपटान बैंक (बीआईएस) के आंकड़ों के अनुसार, स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा राशि 2025 में 20 फीसदी बढ़कर 8.97 करोड़ डॉलर (करीब 780 करोड़ रुपये) हो गई। 2023 में इसमें 25 फीसदी, 2022 में 18 फीसदी और 2021 में 8 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई थी, जबकि 2024 में इसमें लगभग करीब 6% की बढ़ोतरी हुई थी। 2020 में भारतीयों के जमा धन में 39% की बढ़ोतरी हुई थी। भारतीय और स्विस अधिकारियों ने स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा राशि के लिए बीआईएस को पहले अधिक भरोसेमंद पैमाना बताया था।
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हालांकि, व्यक्तिगत और संस्थागत ग्राहकों के खातों में जमा राशि में तेज वृद्धि देखने को मिली। ग्राहक खातों में जमा धन 50 फीसदी से अधिक बढ़कर 52.4 करोड़ स्विस फ्रैंक (करीब 6,000 करोड़ रुपये) पहुंच गया। इसके बावजूद कुल भारतीय फंड में इसकी हिस्सेदारी केवल 16 फीसदी रही। वैश्विक स्तर पर स्विस बैंकों में विदेशी ग्राहकों की कुल जमा राशि 2025 भी करीब 8 फीसदी घटकर 1.05 ट्रिलियन स्विस फ्रैंक रह गई। ग्राहकों के मामले में भारत 46वें स्थान पर रहा, जबकि ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस शीर्ष तीन देशों में शामिल रहे। बांग्लादेश 81वें, जबकि पाकिस्तान 108वें पायदान पर है। स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) के अनुसार, भारतीय ग्राहकों से संबंधित लगभग 2.6 अरब स्विस फ्रैंक की राशि अन्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से रखी गई थी। इसमें भी सालाना आधार पर करीब 15 फीसदी की कमी आई है। वर्ष 2024 में स्विस बैंकों में भारतीय धन तीन गुना बढ़कर 3.5 अरब स्विस फ्रैंक पहुंच गया था, जो 2021 के बाद का उच्चतम स्तर था। 2021 में यह राशि 3.83 अरब स्विस फ्रैंक थी।
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जमा राशि काले धन का संकेत नहीं
एसएनबी ने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े भारतीय ग्राहकों के लिए घोषित कुल देनदारियों को दर्शाते हैं। इन्हें स्विट्जरलैंड में कथित काले धन के संकेतक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इनमें वे खाते शामिल नहीं है, जो भारतीयों या अनिवासी भारतीयों द्वारा तीसरे देशों की संस्थाओं के नाम पर संचालित किए जाते हैं। स्विट्जरलैंड और भारत के बीच कर मामलों में स्वत: सूचना आदान-प्रदान व्यवस्था 2018 से लागू है। इसके तहत भारतीय खाताधारकों की वित्तीय जानकारी नियमित रूप से भारतीय कर अधिकारियों के साथ साझा की जा रही है।
बीआईएस के आंकड़े बयान कर रहे अलग कहानी
अंतरराष्ट्रीय निपटान बैंक (बीआईएस) के आंकड़ों के अनुसार, स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा राशि 2025 में 20 फीसदी बढ़कर 8.97 करोड़ डॉलर (करीब 780 करोड़ रुपये) हो गई। 2023 में इसमें 25 फीसदी, 2022 में 18 फीसदी और 2021 में 8 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई थी, जबकि 2024 में इसमें लगभग करीब 6% की बढ़ोतरी हुई थी। 2020 में भारतीयों के जमा धन में 39% की बढ़ोतरी हुई थी। भारतीय और स्विस अधिकारियों ने स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा राशि के लिए बीआईएस को पहले अधिक भरोसेमंद पैमाना बताया था।