{"_id":"5d2292968ebc3e6ca9216758","slug":"capital-investment-will-increase-in-domestic-startup","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"घरेलू स्टार्टअप में बढ़ेगा पूंजी निवेश, निवेश जुटाने पर देना होता था 30 फीसदी एंजल टैक्स ","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
घरेलू स्टार्टअप में बढ़ेगा पूंजी निवेश, निवेश जुटाने पर देना होता था 30 फीसदी एंजल टैक्स
Mon, 08 Jul 2019 06:17 AM IST
Avdhesh Kumar
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 08 Jul 2019 06:17 AM IST
विज्ञापन
Startup
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घरेलू स्टार्टअप में पूंजी निवेश बढ़ाने और नए रोजगार पैदा करने में इस बार का बजट काफी मददगार साबित होगा। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) सचिव रमेश अभिषेक ने रविवार को बताया कि स्टार्टप को टैक्स छूट दिए जाने से नए उद्यमी भी इस क्षेत्र में कदम रखेंगे, जो कारोबार विस्तार के साथ रोजगार को बढ़ावा देगा।
डीपीआईआईटी सचिव के मुताबिक, बजट ने स्टार्टअप में निवेश को एंजल टैक्स से पूरी तरह छूट प्रदान की है। इस कदम से उभरते उद्योगपतियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अलावा स्टार्टअप कंपनियों के लिए लंबित कर आकलन और कर संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ओर से विशेष प्रशासनिक व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।
सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि लंबित मामलों में कोई भी क्षेत्रीय कर अधिकारी बिना अपने पर्यवेक्षक अधिकारी से अनुमति लिए कोई भी जांच या सत्यापन शुरू नहीं कर सकेगा। इससे पहले कई स्टार्टअप ने शिकायत की थी कि उन्हें पूंजी बाजार से निवेश जुटाने पर आयकर अधिनियम-1961 की धारा 56(2)(8बी) के तहत 30 फीसदी टैक्स चुकाने के लिए नोटिस मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीपीआईआईटी सचिव के मुताबिक, बजट ने स्टार्टअप में निवेश को एंजल टैक्स से पूरी तरह छूट प्रदान की है। इस कदम से उभरते उद्योगपतियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अलावा स्टार्टअप कंपनियों के लिए लंबित कर आकलन और कर संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ओर से विशेष प्रशासनिक व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन
सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि लंबित मामलों में कोई भी क्षेत्रीय कर अधिकारी बिना अपने पर्यवेक्षक अधिकारी से अनुमति लिए कोई भी जांच या सत्यापन शुरू नहीं कर सकेगा। इससे पहले कई स्टार्टअप ने शिकायत की थी कि उन्हें पूंजी बाजार से निवेश जुटाने पर आयकर अधिनियम-1961 की धारा 56(2)(8बी) के तहत 30 फीसदी टैक्स चुकाने के लिए नोटिस मिला है।
विज्ञापन
कर विभाग ने दी थी बड़ी राहत
डीपीआईआईटी और सीबीडीटी ने गत फरवरी में स्टार्टअप की परिभाषा तय करते हुए कहा था कि इन कंपनियों को 25 करोड़ रुपये तक के निवेश पर एंजल टैक्स से पूरी तरह छूट रहेगी। अभी तक डीपीआईआईटी के पास 19,710 स्टार्टअप पंजीकृत किए जा चुके हैं। इसमें से 540 ने एंजल छूट का लाभ उठाया है।
नियमों का पालन आसान
सूचना प्रौद्योगिकी एवं सॉफ्टवेयर सेवा कंपनियों के संगठन नासकॉम ने बजट में स्टार्टअप को टैक्स से जुड़े नियामकीय अनुपालन में छूट दिए जाने को सही कदम बताया है। नासकॉम के कार्यकारी परिषद के सदस्य कुणाल बहल ने कहा कि बजट प्रावधानों से स्टार्टअप कंपनियों पर नियामकीय और टैक्स अनुपालन का बोझ कम होगा। यह कदम विदेशी निवेश को बढ़ावा देने में भी मदद करेगा और छोटे शहरों से नए स्टार्टअप लाने के लिए भी प्रोत्साहन मिलेगा।
निवेशक को भी सहूलियत
बहल ने कहा कि बजट ने स्टार्टअप में पैसे लगाने वालों को भी कई सहूलियत प्रदान की है। अब निवेशक की पहचान पर ज्यादा जोर नहीं दिया जाएगा और इसके लिए ई-सत्यापन का रास्ता अपनाएंगे। इतना ही नहीं स्टार्टअप के लिए जुटाई गई इस रकम की भी आयकर विभाग की ओर कोई जांच-पड़ताल नहीं की जाएगी। यह कदम निवेशकों को भी ज्यादा पूंजी लगाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
नियमों का पालन आसान
सूचना प्रौद्योगिकी एवं सॉफ्टवेयर सेवा कंपनियों के संगठन नासकॉम ने बजट में स्टार्टअप को टैक्स से जुड़े नियामकीय अनुपालन में छूट दिए जाने को सही कदम बताया है। नासकॉम के कार्यकारी परिषद के सदस्य कुणाल बहल ने कहा कि बजट प्रावधानों से स्टार्टअप कंपनियों पर नियामकीय और टैक्स अनुपालन का बोझ कम होगा। यह कदम विदेशी निवेश को बढ़ावा देने में भी मदद करेगा और छोटे शहरों से नए स्टार्टअप लाने के लिए भी प्रोत्साहन मिलेगा।
निवेशक को भी सहूलियत
बहल ने कहा कि बजट ने स्टार्टअप में पैसे लगाने वालों को भी कई सहूलियत प्रदान की है। अब निवेशक की पहचान पर ज्यादा जोर नहीं दिया जाएगा और इसके लिए ई-सत्यापन का रास्ता अपनाएंगे। इतना ही नहीं स्टार्टअप के लिए जुटाई गई इस रकम की भी आयकर विभाग की ओर कोई जांच-पड़ताल नहीं की जाएगी। यह कदम निवेशकों को भी ज्यादा पूंजी लगाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।