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Hindi News ›   Chandigarh ›   494 raids conducted against fertilizer hoarding in Haryana over four months eight FIRs registered

Haryana: खाद की जमाखोरी पर चार महीने में 494 छापे, 50 लाइसेंस रद्द; आठ एफआईआर, 42 को कारण बताओ नोटिस

Sun, 02 Aug 2026 12:38 PM IST
Naveen आशीष वर्मा, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, चंडीगढ़ Published by: Naveen Updated Sun, 02 Aug 2026 12:38 PM IST
सार

केंद्र सरकार ने दावा किया है कि वर्ष 2025-26 में हरियाणा में किसानों के लिए सभी प्रमुख उर्वरकों की पर्याप्त व्यवस्था की गई। सरकार के अनुसार, वर्ष 2025-26 में हरियाणा में यूरिया की जरूरत 21.67 लाख मीट्रिक टन थी, जबकि 26.08 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध कराया गया।

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494 raids conducted against fertilizer hoarding in Haryana over four months eight FIRs registered
खाद (सांकेतिक) - फोटो : संवाद

विस्तार

हरियाणा में खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी व घटिया गुणवत्ता पर पिछले चार महीने में कड़ी कार्रवाई की गई है। सबसे अधिक कार्रवाई जमाखोरी के मामलों में हुई, जबकि कालाबाजारी और घटिया गुणवत्ता के मामलों में भी लाइसेंस रद्द और कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। राज्य में एक अप्रैल से 24 जुलाई तक कुल 494 जगहों पर छापे मारे गए। इस दौरान 50 लाइसेंस निलंबित या रद्द किए गए। 42 दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और आठ एफआईआर दर्ज की गई हैं। यह जानकारी केंद्र सरकार ने मानसून सत्र के दौरान दी।

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आंकड़ों के अनुसार, कालाबाजारी के मामलों में 8 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और 7 लाइसेंस रद्द या निलंबित किए गए। इस श्रेणी में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई। जमाखोरी के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की गई। इस दौरान 22 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 31 लाइसेंस रद्द या निलंबित किए गए और 6 एफआईआर दर्ज की गईं। सभी श्रेणियों में सबसे अधिक लाइसेंस इसी मामले में रद्द या निलंबित हुए।
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घटिया गुणवत्ता वाली खाद के मामलों में 9 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और 6 लाइसेंस रद्द या निलंबित किए गए। हालांकि इन मामलों में भी कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई। वहीं ,उर्वरकों के डायवर्जन (निर्धारित उपयोग के बजाय दूसरी जगह भेजने) को रोकने के लिए 3 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 6 लाइसेंस रद्द या निलंबित किए गए और 2 एफआईआर दर्ज की गईं। कार्रवाई के दौरान बोरों के रूप में कोई भी खाद जब्त नहीं की गई। जब्त सामग्री की मात्रा शून्य दर्ज की गई है।
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दावा, हरियाणा में जरूरत से ज्यादा उपलब्ध कराई गई खाद
केंद्र सरकार ने दावा किया है कि वर्ष 2025-26 में हरियाणा में किसानों के लिए सभी प्रमुख उर्वरकों की पर्याप्त व्यवस्था की गई। सरकार के अनुसार, वर्ष 2025-26 में हरियाणा में यूरिया की जरूरत 21.67 लाख मीट्रिक टन थी, जबकि 26.08 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध कराया गया। इस दौरान 23.20 लाख मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हुई। इसी तरह डीएपी की जरूरत 5.53 लाख मीट्रिक टन आंकी गई थी, जबकि 6.10 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध कराया गया। वहीं एमओपी की 0.58 लाख मीट्रिक टन आवश्यकता के मुकाबले 0.67 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध कराया गया।

सरकार ने बताया कि एनपीकेएस उर्वरक की मांग 1.57 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि 1.10 लाख मीट्रिक टन की बिक्री दर्ज की गई। केंद्र सरकार का कहना है कि हर सीजन से पहले राज्यों की जरूरत का आकलन किया जाता है। उसी के आधार पर उर्वरकों का आवंटन किया जाता है और पूरे देश में खाद की उपलब्धता की ऑनलाइन निगरानी की जाती है, ताकि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक मिल सके। जरूरत पड़ने पर आयात और रेलवे के सहयोग से राज्यों तक समय पर खाद पहुंचाई जाती है।


तीन साल में बढ़ी यूरिया की मांग
वर्ष              मांग (एलएमटी)          बिक्री (एलएमटी)
2023-24              20.63              21.77
2024-25             21.50               22.65
2025-26             21.67               23.20

हरियाणा के किसानों को ऐसे मिलती है खाद
सरकार ने बताया कि किसानों को आधार प्रमाणीकरण के बाद पीओएस मशीन के जरिए खाद दी जाती है। बिक्री के आधार पर कंपनियों को 100 प्रतिशत सब्सिडी का भुगतान किया जाता है। राज्य की जरूरत का आकलन पहले किया जाता है और हर महीने खाद का आवंटन व ऑनलाइन निगरानी की जाती है। हरियाणा में कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। 2025-26 के दौरान गुरुग्राम में 456 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है। 2024-25 में शाहाबाद में 253, हिसार में 453 और कैथल में 337, यानी कुल 1,043 किसानों को प्रशिक्षण मिला है। हरियाणा में उर्वरक वितरण नेटवर्क का भी विस्तार किया गया है। 30 जुलाई 2026 तक राज्य के 8,219 सक्रिय उर्वरक खुदरा विक्रेताओं में से 4,601 को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में विकसित किया जा चुका है।

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