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Chandigarh News: नीलामी में पैसों की बरसात... 83 ठेके 496.81 करोड़ में बिके
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आरक्षित मूल्य से 29% ज्यादा बोली; पलसोरा का ठेका 16.71 करोड़ में सबसे महंगा
12.27 करोड़ में धनास का ठेका बिका और दूसरे नंबर पर रहा
11.52 करोड़ में सेक्टर-61 का ठेका बिका और तीसरे नंबर पर
सेक्टर-10 के होटल माउंटव्यू में हुई ई-टेंडर प्रक्रिया में 84 यूनिट्स के लिए 195 बोलियां प्राप्त हुईं
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। आबकारी नीति 2026-27 के तहत ई-टेंडरिंग में शराब ठेकों की बोली ने इस बार नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। शहर की 83 लाइसेंसिंग यूनिट्स (ठेके) 496.81 करोड़ रुपये में आवंटित हुईं जो आरक्षित मूल्य 385.24 करोड़ रुपये से करीब 29 प्रतिशत अधिक है। सबसे महंगा ठेका गांव पलसोरा का रहा, जो 16.71 करोड़ रुपये में बिका। वहीं, धनास वेंड 12.27 करोड़ रुपये के साथ दूसरे और सेक्टर-61 वेंड 11.52 करोड़ रुपये में तीसरे स्थान पर रहा।
सेक्टर-10 के होटल माउंटव्यू में वीरवार को आयोजित ई-टेंडर प्रक्रिया में 84 यूनिट्स के लिए 195 बोलियां प्राप्त हुईं। इनमें से 83 यूनिट्स का सफल आवंटन किया गया जबकि एक यूनिट (एलयू-77) में एकमात्र बोलीदाता तकनीकी रूप से अयोग्य पाया गया। इसके अतिरिक्त 3.90 करोड़ रुपये भागीदारी शुल्क के रूप में भी प्राप्त हुए।
नई आबकारी नीति का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाने और राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित करना है। इसके तहत ई-टेंडरिंग, डिजिटल सिग्नेचर और जीपीएस आधारित ट्रैकिंग को अनिवार्य किया गया है। साथ ही एक व्यक्ति या इकाई को अधिकतम 10 यूनिट्स तक सीमित कर एकाधिकार पर रोक लगाने की कोशिश की गई है।
14 ठेकों की टेंडर प्रक्रिया शुरू
विभाग ने बताया कि शेष 14 ठेकों की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही उनका आवंटन भी पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि इनसे भी निर्धारित आरक्षित मूल्य से अधिक राजस्व प्राप्त होगा।
बिक हुए टॉप टेन ठेके
गांव पलसोरा : 16.71 करोड़ रुपये
गांव/कॉलोनी धनास: 12.27 करोड़
सेक्टर- 61 मार्केट: 11.52 करोड़
गांव मौली (चंडीगढ़ नर्सरियों के पास) : 10.27 करोड़
गांव खुड्डा लाहौरा/खुड्डा जस्सू (मध्य मार्ग): 10.25 करोड़
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 (एमडब्ल्यू मार्केट): 9.55 करोड़
सेक्टर 9 (मध्य मार्ग): 9.51 करोड़
सेक्टर 40-डी मार्केट: 9.33 करोड़
मनीमाजरा (सिर्फ मोटर मार्केट में): 9.27 करोड़
सेक्टर-26 (मध्य मार्ग) : 9.21 करोड़
पिछले साल विवादों में रही आबकारी नीति
पिछले साल 21 मार्च को विभाग ने 96 शराब ठेकों की नीलामी की थी जिससे विभाग को 606 करोड़ की लाइसेंस फीस मिली। यह 439 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य से लगभग 36 फीसदी अधिक था। पिछले साल 33 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी नहीं देने पर बाद में 42 ठेकों को सील भी कर दिया गया था। बाद में इसको धीरे-धीरे खोला और नीलाम किया गया। एक ही परिवार को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। पूरे साल आबकारी नीति विवाद में रही और करीब आधा दर्जन से ज्यादा बार नीलामी करने के बाद भी सभी ठेके नहीं उठ पाए थे।
साइड स्टोरी
एस्टेट ऑफिस के खाली प्लाटों पर खोल सकेंगे ठेके
-ऑक्शन के दाैरान डीसी ने दी जानकारी
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। अब एस्टेट ऑफिस के खाली प्लॉट पर भी ठेके खोले जा सकेंगे। इसके लिए स्टेट ऑफिस ने तैयारी कर ली है। ठेकों की नीलामी के दौरान डीसी निशांत कुमार यादव ने कहा कि कई जगह ठेका खोलने की जगह न होने के कारण ई टेंडरिंग में लोग भाग नहीं लेते हैं। इसी वजह से ऐसा किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में अभी 14 ठेकों की नीलामी बाकी है। इसके लिए बोली लगाने की प्रक्रिया 20 से शुरू हो जाएगी। यह निविदाएं 25 मार्च को खुल जाएंगी। उन्होंने कहा कि जहां जगह नहीं मिल पा रही है यदि वहां पर स्टेट ऑफिस का प्लाॅट पड़ा है तो उसे ठेका लेने वाले को किराये पर दे दिया जाएगा। यह किराया काफी वाजिब होगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
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सेक्टर-10 के होटल माउंटव्यू में वीरवार को आयोजित ई-टेंडर प्रक्रिया में 84 यूनिट्स के लिए 195 बोलियां प्राप्त हुईं। इनमें से 83 यूनिट्स का सफल आवंटन किया गया जबकि एक यूनिट (एलयू-77) में एकमात्र बोलीदाता तकनीकी रूप से अयोग्य पाया गया। इसके अतिरिक्त 3.90 करोड़ रुपये भागीदारी शुल्क के रूप में भी प्राप्त हुए।
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नई आबकारी नीति का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाने और राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित करना है। इसके तहत ई-टेंडरिंग, डिजिटल सिग्नेचर और जीपीएस आधारित ट्रैकिंग को अनिवार्य किया गया है। साथ ही एक व्यक्ति या इकाई को अधिकतम 10 यूनिट्स तक सीमित कर एकाधिकार पर रोक लगाने की कोशिश की गई है।
14 ठेकों की टेंडर प्रक्रिया शुरू
विभाग ने बताया कि शेष 14 ठेकों की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही उनका आवंटन भी पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि इनसे भी निर्धारित आरक्षित मूल्य से अधिक राजस्व प्राप्त होगा।
बिक हुए टॉप टेन ठेके
गांव पलसोरा : 16.71 करोड़ रुपये
गांव/कॉलोनी धनास: 12.27 करोड़
सेक्टर- 61 मार्केट: 11.52 करोड़
गांव मौली (चंडीगढ़ नर्सरियों के पास) : 10.27 करोड़
गांव खुड्डा लाहौरा/खुड्डा जस्सू (मध्य मार्ग): 10.25 करोड़
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 (एमडब्ल्यू मार्केट): 9.55 करोड़
सेक्टर 9 (मध्य मार्ग): 9.51 करोड़
सेक्टर 40-डी मार्केट: 9.33 करोड़
मनीमाजरा (सिर्फ मोटर मार्केट में): 9.27 करोड़
सेक्टर-26 (मध्य मार्ग) : 9.21 करोड़
पिछले साल विवादों में रही आबकारी नीति
पिछले साल 21 मार्च को विभाग ने 96 शराब ठेकों की नीलामी की थी जिससे विभाग को 606 करोड़ की लाइसेंस फीस मिली। यह 439 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य से लगभग 36 फीसदी अधिक था। पिछले साल 33 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी नहीं देने पर बाद में 42 ठेकों को सील भी कर दिया गया था। बाद में इसको धीरे-धीरे खोला और नीलाम किया गया। एक ही परिवार को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। पूरे साल आबकारी नीति विवाद में रही और करीब आधा दर्जन से ज्यादा बार नीलामी करने के बाद भी सभी ठेके नहीं उठ पाए थे।
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-ऑक्शन के दाैरान डीसी ने दी जानकारी
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। अब एस्टेट ऑफिस के खाली प्लॉट पर भी ठेके खोले जा सकेंगे। इसके लिए स्टेट ऑफिस ने तैयारी कर ली है। ठेकों की नीलामी के दौरान डीसी निशांत कुमार यादव ने कहा कि कई जगह ठेका खोलने की जगह न होने के कारण ई टेंडरिंग में लोग भाग नहीं लेते हैं। इसी वजह से ऐसा किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में अभी 14 ठेकों की नीलामी बाकी है। इसके लिए बोली लगाने की प्रक्रिया 20 से शुरू हो जाएगी। यह निविदाएं 25 मार्च को खुल जाएंगी। उन्होंने कहा कि जहां जगह नहीं मिल पा रही है यदि वहां पर स्टेट ऑफिस का प्लाॅट पड़ा है तो उसे ठेका लेने वाले को किराये पर दे दिया जाएगा। यह किराया काफी वाजिब होगा।