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क्रेस्ट घोटाला: प्रोजेक्ट डायरेक्टर गिरफ्तार, शेल कंपनियों के जरिये चला खेल; अब कैश ट्रेल खंगाल रही पुलिस

संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Mon, 30 Mar 2026 08:24 AM IST
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सार

रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) में करीब 75 करोड़ के घोटाले में 12 मार्च 2026 को केस दर्ज किया गया था।  

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चंडीगढ़ पुलिस - फोटो : संवाद
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विस्तार

रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) में करीब 75 करोड़ के घोटाले में चंडीगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर सिंह अबरोल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया जहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

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यह मामला 12 मार्च 2026 को क्रेस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की शिकायत पर दर्ज किया गया था। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि सरकारी खातों से करोड़ों रुपये शेल कंपनियों में ट्रांसफर किए गए और वहां से रकम आरोपी और उसके करीबी लोगों के खातों में पहुंचाई गई। 
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पुलिस अब पूरे कैश ट्रेल को खंगाल रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फर्जी कंपनियों और खातों के माध्यम से सरकारी धन को इधर-उधर घुमाया गया। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क को सुनियोजित तरीके से तैयार किया गया था, जिसमें कई स्तरों पर मिलीभगत की आशंका है।

इस मामले में नगर निगम के तत्कालीन चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की अकाउंट ऑफिसर नलिनी मलिक समेत अन्य अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि इन्हीं के निर्देश पर शेल कंपनियां और बैंक खाते खोले गए। आरोप है कि इस घोटाले में शामिल लोगों और उनके परिजनों को करोड़ों रुपये नकद भी दिए गए।

नलिनी मलिक की तलाश में छापा

आर्थिक अपराध शाखा ने नलिनी मलिक की गिरफ्तारी के लिए करनाल में दबिश दी लेकिन वह पुलिस के पहुंचने से पहले ही भाग निकली। पुलिस को शक है कि वह किसी रिश्तेदार के यहां छिपी हो सकती है। पुलिस टीम ने मकान नंबर-25 पर दबिश दी, जहां घर के बाहर एक एक्सयूवी खड़ी मिली। आशंका है कि यह गाड़ी नलिनी मलिक की है। पुलिस अब संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है।

एसआईटी गठित, जांच तेज

डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने 75 करोड़ के क्रेस्ट घोटाले के साथ नगर निगम के 116.84 करोड़ रुपये के फर्जी एफडी घोटाले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की है। टीम में दो आईपीएस अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस घोटाले में कई गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

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