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चंडीगढ़ में फार्मेसी फायरिंग केस: शूटरों की जानकारी देने वाला ही निकला मास्टरमाइंड, एक गलती से आया काबू

संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 20 Jan 2026 01:05 PM IST
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सार

पुलिस ने आरोपी राहुल को जिला अदालत में पेश कर तीन दिन का रिमांड हासिल किया है। इस दौरान पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि और किन लोगों के नंबर गैंगस्टर साबा तक पहुंचाए गए।

Chandigarh pharmacy firing case police arrest accused
सेवक फार्मेसी पर फायरिंग - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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चंडीगढ़ सेक्टर-32 में सेवक फार्मेसी पर हुई फायरिंग की वारदात में क्राइम ब्रांच ने बड़ा खुलासा कर मामले के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। 
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पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी कोई और नहीं बल्कि वारदात स्थल के पास ही लैब संचालित करने वाला राहुल उर्फ डॉक्टर है। पुलिस ने आरोपी से एक पिस्टल बरामद की है। वारदात के बाद राहुल खुद ही पुलिस और कई अन्य लोगों को लगातार फोन कर शूटरों की जानकारी देता रहा और खुद को जांच में मददगार बताता रहा लेकिन सख्ती से पूछताछ में वही पूरी साजिश का सूत्रधार निकला।

गैंगस्टर साबा के संपर्क में था

पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी राहुल सीधे लॉरेंस गैंग के करीबी गैंगस्टर साबा गोबिंदगढ़ के संपर्क में था। पूछताछ में सामने आया है कि राहुल ने सेवक फार्मेसी के मालिक के अलावा एक टैक्सी स्टैंड मालिक और तीन से चार इमिग्रेशन संचालकों के मोबाइल नंबर साबा को मुहैया कराए थे। इन सभी को साबा ने रंगदारी के लिए धमकी भरे कॉल किए। अमर उजाला ने 16 जनवरी को ही इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए खबर प्रकाशित की थी कि साबा गोबिंदगढ़ सेक्टर-34 थाना क्षेत्र में कैमिस्ट शॉप, इमिग्रेशन संचालकों और एक टैक्सी स्टैंड मालिक को रंगदारी के लिए धमका चुका है।
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तीन दिन के रिमांड पर आरोपी

पुलिस ने आरोपी राहुल को जिला अदालत में पेश कर तीन दिन का रिमांड हासिल किया है। इस दौरान पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि और किन लोगों के नंबर गैंगस्टर साबा तक पहुंचाए गए। जांच में यह भी सामने आया है कि धमकी भरी ऑडियो रिकॉर्डिंग राहुल के जरिए ही वायरल की गई थी। राहुल ने ये रिकॉर्डिंग पुलिसकर्मियों समेत कई लोगों को भेजी थी ताकि खुद को मामले से दूर दिखा सके।

फायरिंग में राहुल और रिक्की की भूमिका

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि सेवक फार्मेसी पर फायरिंग राहुल और रिक्की ने की थी। इन्हीं के जरिए साबा गोबिंदगढ़ से संपर्क बना। वारदात के बाद दोनों आरोपियों ने एक टैक्सी चालक को बुलाया और उसके साथ फरार हो गए। शुरुआती पूछताछ में टैक्सी चालक को इस बात की जानकारी नहीं थी कि दोनों फायरिंग कर आए हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल एक्टिवा भी बरामद कर ली है। आरोपी की सेक्टर-32 में कई लैब हैं।

सीसीटीवी की आवाज से पहचान का दावा

सूत्रों के मुताबिक राहुल वारदात के बाद सेक्टर-34 थाना पुलिस, ऑपरेशन सेल और अन्य अधिकारियों को लगातार फोन कर शूटरों की जानकारी देता रहा। उसने दावा किया कि सीसीटीवी में कैद आवाज और चाल से उसने आरोपियों को पहचान लिया है। इसी आधार पर वह पुलिस को लीड देता रहा लेकिन क्राइम ब्रांच ने शक के आधार पर उसे हिरासत में लिया। इंस्पेक्टर सतविंदर दुहन की सख्त पूछताछ में राहुल टूट गया और उसने अपनी भूमिका कबूल कर ली।

खुद को बचाने के लिए रचता रहा नाटक

जांच में सामने आया है कि राहुल खुद को बचाने के लिए शूटरों को पकड़वाने की कोशिश कर रहा था ताकि उसका नाम सामने न आए। जल्दबाजी में बार-बार पुलिस को फोन करना ही उसकी गलती बन गया और वह खुद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। अब पुलिस पूरे नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और साजिश की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है।
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