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ग्रेनेड हमले में खुलासा: दो ग्रेनेड लेकर पहुंचे हमलावर, एक भाजपा दफ्तर पर फेंका; दूसरा लेकर बस से हुए फरार
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 10 Apr 2026 08:42 AM IST
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सार
विदेश में बैठे हैंडलर्स ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आरोपियों को कई दिनों तक ग्रेनेड इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग दी थी। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि हमला किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि दहशत फैलाने के मकसद से किया जाए।
धमाके के बाद जांच करती सीएफएसएल की टीम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर हुए ग्रेनेड ब्लास्ट मामले की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने कबूल किया है कि वारदात के समय उनके पास दो ग्रेनेड थे। इनमें से एक ग्रेनेड कार्यालय के बाहर फेंका गया जबकि दूसरा अपने पास ही रखा और उसी के साथ बस से भाग गए थे।
जांच में सामने आया है कि विदेश में बैठे हैंडलर्स ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आरोपियों को कई दिनों तक ग्रेनेड इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग दी थी। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि हमला किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि दहशत फैलाने के मकसद से किया जाए। इसी कारण कार्यालय के अंदर नहीं, बल्कि बाहर पार्किंग एरिया में ग्रेनेड फेंकने को कहा गया था। वारदात के बाद उसकी वीडियो बनाकर भेजने के निर्देश भी दिए गए थे।
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जांच में सामने आया है कि विदेश में बैठे हैंडलर्स ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आरोपियों को कई दिनों तक ग्रेनेड इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग दी थी। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि हमला किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि दहशत फैलाने के मकसद से किया जाए। इसी कारण कार्यालय के अंदर नहीं, बल्कि बाहर पार्किंग एरिया में ग्रेनेड फेंकने को कहा गया था। वारदात के बाद उसकी वीडियो बनाकर भेजने के निर्देश भी दिए गए थे।
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वारदात के बाद हैंडलर ने तोड़ा संपर्क
सूत्रों के अनुसार वारदात के बाद जैसे ही हैंडलर को घटना की वीडियो भेजी गई, उसने आरोपियों को तुरंत ब्लॉक कर दिया और उनसे संपर्क पूरी तरह तोड़ लिया। बताया जा रहा है कि आरोपियों की हैंडलर से बातचीत इंस्टाग्राम के माध्यम से हो रही थी। जांच में यह भी सामने आया है कि फतेहगढ़ के गांव रतनगढ़ निवासी दोनों मुख्य आरोपी अमनप्रीत उर्फ अमन और गुरतेज नशे के आदी हैं। गुरतेज पिछले तीन वर्षों से बुड़ैल में रह रहा था और इंस्टाग्राम के जरिये ही वह मास्टरमाइंड के संपर्क में आया था। सूत्रों के मुताबिक, हैंडलर जर्मनी में बैठा था। चंडीगढ़ पुलिस सोमवार को दोनों आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर ला सकती है।मामले में आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जाएगी और नेटवर्क के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। -पुष्पेंद्र कुमार, आईजी