{"_id":"697f487d60c7eaa22c0ed6f3","slug":"expert-opinion-focus-on-infrastructure-new-opportunities-for-industry-tourism-and-agriculture-in-punjab-chandigarh-news-c-74-1-lud1001-114121-2026-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: एक्सपर्ट की राय... इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस, पंजाब के लिए उद्योग, पर्यटन व कृषि में नए अवसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: एक्सपर्ट की राय... इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस, पंजाब के लिए उद्योग, पर्यटन व कृषि में नए अवसर
विज्ञापन
विज्ञापन
डाॅ. आशीष सहजपाल
-मैनेजमेंट गुरु एवं आर्थिक एक्सर्ट प्रोफेसर को-आर्डिनेटर यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल, पीयू रीजनल सेंटर, लुधियाना।
-- --
लुधियाना। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया केंद्रीय बजट 2026 भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस बजट में विशेष रूप से इन्फ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दी गई है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बजट के प्रावधानों का पंजाब के लिए भी बड़ा लाभ होगा, खासकर एमएसएमई, पर्यटन और कृषि क्षेत्रों में नए अवसर उत्पन्न होंगे। हालांकि, राज्य सरकार को औद्योगिक विकास, पर्यटन विस्तार और कृषि विविधीकरण के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता होगी।
केंद्र सरकार लगातार सुधारों के जरिये देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही है। 2025 में 350 से अधिक सुधार किए गए थे, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। चालू बजट में 12.2 लाख करोड़ रुपये के पूंजी निवेश की घोषणा की गई है, जो इस दिशा में एक और कदम है। वित्तीय घाटे को नियंत्रण में रखने का प्रयास भी यह दर्शाता है कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत दौर में है। पंजाब को इन प्रावधानों का फायदा उठाकर अपनी आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
बजट में एमएसएमई सेक्टर को चैंपियन बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पंजाब की औद्योगिक गतिविधियों को मजबूत करने में मदद करेगा। पंजाब, जो पहले से ही देश का प्रमुख टेक्सटाइल हब है, राष्ट्रीय फाइबर कार्यक्रम के माध्यम से वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकता है। इस कार्यक्रम से भारत की आयात निर्भरता कम होगी और विदेशी मुद्रा की बचत भी होगी, जिसमें पंजाब की इंडस्ट्री अहम भूमिका निभा सकती है।
बजट में पर्यटन को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। पंजाब में अमृतसर धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है लेकिन राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए एक व्यापक योजना बनानी होगी। फार्म ट्यूरिज्म, प्राचीन शहरों, वेटलैंड और जल स्रोतों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने से राज्य की आय में वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा, मेडिकल ट्यूरिज्म क्षेत्र में पंजाब में अपार संभावनाएं हैं। राज्य में एनआरआई की बड़ी आबादी को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं।
कृषि क्षेत्र में बदलाव की आवश्यकता
पंजाब के कृषि क्षेत्र में बदलाव की जरूरत है। गेहूं-धान के पारंपरिक फसल चक्र से बाहर निकलकर तेल बीज, कपास, सरसों जैसी वैकल्पिक फसलों की ओर तेजी से बढ़ने की आवश्यकता है। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। कृषि विविधीकरण से राज्य की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सकती है। कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026 में किए गए प्रावधान पंजाब के उद्योग, पर्यटन और कृषि क्षेत्रों के लिए नए अवसर उत्पन्न कर सकते हैं। हालांकि, इन अवसरों का पूरी तरह से लाभ उठाने के लिए राज्य सरकार को स्पष्ट योजनाओं के साथ काम करना होगा।
-- --
Trending Videos
-मैनेजमेंट गुरु एवं आर्थिक एक्सर्ट प्रोफेसर को-आर्डिनेटर यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल, पीयू रीजनल सेंटर, लुधियाना।
लुधियाना। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया केंद्रीय बजट 2026 भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस बजट में विशेष रूप से इन्फ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दी गई है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बजट के प्रावधानों का पंजाब के लिए भी बड़ा लाभ होगा, खासकर एमएसएमई, पर्यटन और कृषि क्षेत्रों में नए अवसर उत्पन्न होंगे। हालांकि, राज्य सरकार को औद्योगिक विकास, पर्यटन विस्तार और कृषि विविधीकरण के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता होगी।
केंद्र सरकार लगातार सुधारों के जरिये देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही है। 2025 में 350 से अधिक सुधार किए गए थे, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। चालू बजट में 12.2 लाख करोड़ रुपये के पूंजी निवेश की घोषणा की गई है, जो इस दिशा में एक और कदम है। वित्तीय घाटे को नियंत्रण में रखने का प्रयास भी यह दर्शाता है कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत दौर में है। पंजाब को इन प्रावधानों का फायदा उठाकर अपनी आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बजट में एमएसएमई सेक्टर को चैंपियन बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पंजाब की औद्योगिक गतिविधियों को मजबूत करने में मदद करेगा। पंजाब, जो पहले से ही देश का प्रमुख टेक्सटाइल हब है, राष्ट्रीय फाइबर कार्यक्रम के माध्यम से वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकता है। इस कार्यक्रम से भारत की आयात निर्भरता कम होगी और विदेशी मुद्रा की बचत भी होगी, जिसमें पंजाब की इंडस्ट्री अहम भूमिका निभा सकती है।
बजट में पर्यटन को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। पंजाब में अमृतसर धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है लेकिन राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए एक व्यापक योजना बनानी होगी। फार्म ट्यूरिज्म, प्राचीन शहरों, वेटलैंड और जल स्रोतों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने से राज्य की आय में वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा, मेडिकल ट्यूरिज्म क्षेत्र में पंजाब में अपार संभावनाएं हैं। राज्य में एनआरआई की बड़ी आबादी को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं।
कृषि क्षेत्र में बदलाव की आवश्यकता
पंजाब के कृषि क्षेत्र में बदलाव की जरूरत है। गेहूं-धान के पारंपरिक फसल चक्र से बाहर निकलकर तेल बीज, कपास, सरसों जैसी वैकल्पिक फसलों की ओर तेजी से बढ़ने की आवश्यकता है। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। कृषि विविधीकरण से राज्य की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सकती है। कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026 में किए गए प्रावधान पंजाब के उद्योग, पर्यटन और कृषि क्षेत्रों के लिए नए अवसर उत्पन्न कर सकते हैं। हालांकि, इन अवसरों का पूरी तरह से लाभ उठाने के लिए राज्य सरकार को स्पष्ट योजनाओं के साथ काम करना होगा।
