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पंजाब सरकार पर जुर्माना: सजा के बाद भी सेवा में तैनात कर्मचारियों पर हाईकोर्ट सख्त, तीन हफ्ते का आखिरी मौका

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Tue, 21 Apr 2026 08:19 AM IST
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सार

अदालत ने स्पष्ट किया कि जिम्मेदारी केवल निचले कर्मचारियों की नहीं बल्कि उन उच्च अधिकारियों की भी है जिन्होंने दोष सिद्ध होने के बावजूद उन्हें सेवा में बनाए रखने की सिफारिश की। कोर्ट ने ऐसे अधिकारियों की जानकारी भी मांगी है ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके।

Fine on Punjab Government High Court Strict Stance on Employees Retained in Service Despite Conviction
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

भ्रष्टाचार और एनडीपीएस जैसे गंभीर मामलों में दोषी करार दिए जा चुके कर्मचारियों के सेवा में बने रहने पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने पंजाब सरकार से जवाब तलब करते हुए देरी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और तीन सप्ताह का आखिरी मौका दिया है।
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सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून और एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज हैं और सजा भी हो चुकी है, वे अब भी नौकरी कर रहे हैं। कोर्ट ने पूछा कि ऐसे कर्मचारियों को सेवा से बाहर क्यों नहीं किया गया।
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अदालत ने स्पष्ट किया कि जिम्मेदारी केवल निचले कर्मचारियों की नहीं बल्कि उन उच्च अधिकारियों की भी है जिन्होंने दोष सिद्ध होने के बावजूद उन्हें सेवा में बनाए रखने की सिफारिश की। कोर्ट ने ऐसे अधिकारियों की जानकारी भी मांगी है ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके।

सुनवाई में बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग में ही 20 कर्मचारी ऐसे हैं जिन पर गंभीर मामले दर्ज हैं और फिर भी वे सेवा में हैं। कुछ मामलों में 2019 से कार्रवाई लंबित है। एक क्लर्क को एनडीपीएस एक्ट में दोषी ठहराए जाने के बाद भी दोबारा बहाल कर दिया गया। हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को अगली सुनवाई तक सभी संबंधित कर्मचारियों का पूरा ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया है।
 
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