किसानों के लिए एक खुश करने वाली खबर है। किसान अब खेतों में केवल फसल ही नहीं बल्कि बिजली भी पैदा करेंगे। इस बिजली को किसान निगमों को बेचेंगे। आइए जानते हैं आखिर क्या है पूरी योजना...
दरअसल, हरियाणा के किसान अब खेतों में सिंचाई कार्यों के साथ-साथ बिजली उत्पादन भी करेंगे। फसलों की सिंचाई सौर ऊर्जा के माध्यम से होगी और सिंचाई कार्यों के बाद जब पंप बंद रहेंगे तो पैदा होने वाली सौर ऊर्जा को किसान बिजली निगमों को बेचकर अतिरिक्त कमाई कर सकेंगे। केंद्र सरकार की मदद से हरियाणा सरकार ने ये मसौदा तैयार किया है। जिस पर काम चल रहा है, जल्द ही इसे लागू किया जाएगा।
हरियाणा सरकार केंद्र के अधीनस्थ नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान इस योजना पर काम कर रही है। इस योजना के अंतर्गत हरियाणा सरकार प्रदेश में करीब डेढ़ लाख बिजली से चलने वाले पंपों को सौर ऊर्जा में परिवर्तित करेगी। इसके लिए किसानों की मदद कर खेतों में सोलर पैनल लगवाएं जाएंगे।
किसानों की फसलों को जब सिंचाई की जरूरत होगी, तो किसान अपने पंपों को सौर ऊर्जा से ही संचालित करेंगे। जिससे बिजली की खपत कम होगी। लेकिन जब सिंचाई की जरूरत नहीं होगी, तो सोलर पैनलों से उत्पादित सौर ऊर्जा को किसान बिजली निगमों को बेच भी सकेंगे।
हरियाणा के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में यह सरकार को एक अनोखी पहल है। उनके अनुसार सौर पंप न केवल सिंचाई की आवश्यकता को पूरा करें अपितु किसानों की आय का साधन भी बनेंगे।