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Highcourt: दोराहा दुष्कर्म-हत्या केस में फांसी रद्द, दोबारा ट्रायल होगा; फिर से लिए जाएंगे आरोपियों के बयान

Wed, 08 Apr 2026 09:13 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Wed, 08 Apr 2026 09:13 AM IST
सार

मामला 9 मार्च 2019 का है जब आरोपी विनोद शाह बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने घर से ले गया। बाद में रोहित शर्मा भी उसके साथ शामिल हो गया। दोनों ने कथित रूप से बच्ची को सुनसान गोदाम में ले जाकर दुष्कर्म किया और गला घोटकर हत्या कर दी।

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High Court Death Sentence Commuted in Doraha misdeed Murder Case Retrial Ordered
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लुधियाना के दोराहा में 2019 में साढ़े सात साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में बड़ा फैसला सामने आया है।  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा को रद्द करते हुए मामले में दोबारा ट्रायल के आदेश दिए हैं। 
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अदालत ने पाया कि ट्रायल के दौरान गंभीर प्रक्रियात्मक खामियां हुईं, जिससे आरोपियों को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार नहीं मिल पाया। जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस सुखविंदर कौर की पीठ ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान कानूनी प्रक्रिया का सही पालन नहीं किया गया। अदालत ने निर्देश दिया कि मामले को सेशन कोर्ट में वापस भेजा जाए और आरोपियों के बयान दोबारा दर्ज कर ट्रायल उसी चरण से शुरू किया जाए। इस दौरान आरोपी न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे।
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मामला 9 मार्च 2019 का है जब आरोपी विनोद शाह बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने घर से ले गया। बाद में रोहित शर्मा भी उसके साथ शामिल हो गया। दोनों ने कथित रूप से बच्ची को सुनसान गोदाम में ले जाकर दुष्कर्म किया और गला घोटकर हत्या कर दी। शव को छिपाने की कोशिश की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई थी।
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हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपियों से पूछे गए सवाल अस्पष्ट और तथ्यात्मक रूप से गलत थे। सबसे अहम डीएनए रिपोर्ट और मेडिकल साक्ष्य आरोपियों के सामने स्पष्ट रूप से पेश नहीं किए गए। अदालत ने माना कि ये खामियां सुधार योग्य हैं, लेकिन इनके कारण ट्रायल प्रभावित हुआ और न्याय प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए।
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