सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Lok Sabha Election 2019 Result: Haryana Lok Sabha Seats Winners

Lok Sabha Election 2019 Result: हरियाणा में भाजपा का क्लीन स्वीप, पूर्व आईएएस बृजेंद्र सिंह भी जीते

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 23 May 2019 09:55 PM IST
विज्ञापन
Lok Sabha Election 2019 Result: Haryana Lok Sabha Seats Winners
बृजेंद्र सिंह, सुनीता दुग्गल - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन
हरियाणा में 23 मई दिन वीरवार को दस लोकसभा सीटों पर हुए मतदान की गणना की। भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी 10 सीटों पर जीत दर्ज की। हरियाणा में 13 लोकसभा सीटों के लिए 223 प्रत्याशियों ने किस्मत आजमाई। इनमें 11 महिला उम्मीदवार शामिल रहीं। मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच था।
Trending Videos


हिसार से भाजपा के बृजेंद्र सिंह 314068 वोटों से चुनाव जीते। वे केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे हैं और आईएएस की नौकरी छोड़कर चुनावी दंगल में उतरे थे। सोनीपत से भाजपा के रमेश चंद्र कौशिक 164864 वोटों से जीत गए हैं। उन्होंने कांग्रेस के भूपेंद्र सिंह हुड्डा को हराया। सिरसा से भाजपा की सुनीता दुग्गल 309918 वोटों से जीतीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गुरुग्राम से भाजपा के राव इंदरजीत सिंह 386256 वोटों से जीते। करनाल से भाजपा के संजय भाटिया 656142 वोटों से जीते। इन्होंने एक रिकॉर्ड बनाया है। कुरुक्षेत्र से भाजपा के नायब सिंह 384591 वोटों से जीते। अंबाला से भाजपा के रतन लाल कटारिया जीते। रोहतक से भाजपा के अरविंद शर्मा जीते। भिवानी से भाजपा के धर्मबीर सिंह जीते। फरीदाबाद से भाजपा के कृष्ण पाल जीते।

दरअसल, हरियाणा में मोदी लहर का असर शुरुआत से ही दिखाई दे गया था। प्रदेश में कुछ सीटों पर भाजपा ने मौजूदा सांसदों की जगह नए उम्मीदवारों पर दांव खेला था, जो सही लगा। पिछले चुनाव में भाजपा को सात सीटों पर सफलता मिली थी। इस बार राज्य के बड़े राजनीतिक चेहरे दिख रहे हैं, जिसमें पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता भूपिंद्रर सिंह हुड्डा, उनके बेटे व सांस दीपेंद्र सिंह हुड्डा और जेजेपी के सांसद दुष्यंत चौटाला भी शामिल हैं।

संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. इंद्रजीत ने बताया कि 12 मई को राज्य में मतदान हुआ था और 70.30 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। राज्य में हुए लोकसभा चुनाव के इतिहास में यह पांचवीं बार है, जब मतदान का आंकड़ा 70 प्रतिशत को छू सका है। 2016 के लोकसभा चुनाव में 71.86 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार फरीदाबाद में सबसे कम और सिरसा में सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया।

हरियाणा में मतदान के लिए 19433 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इनमें से 5502 मतदान केंद्र शहरी क्षेत्रों में और 13931 केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए गए थे। प्रदेश के कुल मतदाताओं में 97 लाख 16 हजार 516 पुरुष मतदाता, 83 लाख 40 हजार 173 महिला मतदाता और 207 ट्रांसजेडर मतदाता हैं। इनमें 1 लाख 5 हजार 859 सर्विस वोटर व 104534 दिव्यांग मतदाता भी शामिल हैं।

इस बार करीब डेढ़ लाख इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिटिड पोस्टल बैलेट पेपर को विभिन्न राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक मोड से भेजा गया था। ये पोस्टल बैलेट स्पीड पोस्ट के माध्यम से वापस भी आए। ऐसा पहली बार हुआ है कि पोस्टल बैलेट इलेक्ट्रॉनिक मोड से गए हैं।

फरीदाबाद में सबसे कम और सिरसा में सबसे अधिक मतदान

अंबाला---71.15
कुरुक्षेत्र----74.41
सिरसा---75.97
हिसार----72.16
करनाल---68.54
सोनीपत---70.72
रोहतक---70.74
भिवानी---69.84
गुरुग्राम--67.37
फरीदाबाद---64.13

जानिए, किस सीट पर किसके बीच था मुकाबला

अंबाला लोकसभा सीट पर रतन लाल कटारिया (भाजपा), कुमारी सैलजा (कांग्रेस) और रामपाल वाल्मीकि (इनेलो) के बीच था।
कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट पर नायब सैनी (भाजपा), निर्मल सिंह (कांग्रेस) और अर्जुन चौटाला (इनेलो) के बीच था।
सिरसा लोकसभा सीट पर सुनीता दुग्गल (भाजपा), अशोक तंवर(कांग्रेस) और चरणजीत सिंह रोड़ी (इनेलो) के बीच था।
हिसार लोकसभा सीट पर दुष्यंत चौटाला (जजपा), बृजेंद्र सिंह (भाजपा) और भव्य बिश्नोई (कांग्रेस) के बीच था।
करनाल लोकसभा सीट पर संजय भाटिया (भाजपा), कुलदीप शर्मा (कांग्रेस) और धर्मबीर पाढ़ा (इनेलो) के बीच था।
सोनीपत लोकसभा सीट पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा (भाजपा), रमेश कौशिक (भाजपा) और दिग्विजय चौटाला (जजपा) के बीच था।
रोहतक लोकसभा सीट पर अरविंद शर्मा (भाजपा), दीपेंद्र हुड्डा (कांग्रेस) और प्रदीप देसवाल (जजपा-आप) के बीच था।
भिवानी लोकसभा सीट पर धर्मबीर सिंह (भाजपा), श्रुति चौधरी (कांग्रेस) और स्वाति यादव (जजपा-आप) के बीच था।
गुरुग्राम लोकसभा सीट पर राव इंद्रजीत सिंह (भाजपा), कैप्टन अजय यादव (कांग्रेस) और महमूद खान (जजपा-आप) के बीच था।
फरीदाबाद लोकसभा सीट पर कृष्णपाल गुर्जर (भाजपा), अवतार भड़ाना (कांग्रेस) और नवीन जयहिंद (जजपा-आप) के बीच था।

कौन, कहां से कितने वोट से आगे
विजयी प्रत्याशी/दल सीट वोटों का अंतर
रतनलाल कटारिया, भाजपा अंबाला 3,30,492
धरमबीर सिंह, भाजपा भिवानी-महेंद्रगढ़ 4,35,262
कृष्णपाल, भाजपा फरीदाबाद 6,38,239
राव इंदरजीत सिंह, भाजपा गुड़गांव 3,82,155
बृजेंद्र सिंह, भाजपा  हिसार 3,11,526
संजय भाटिया, भाजपा करनाल 6,56,142
नायब सिंह, भाजपा कुरुक्षेत्र 3,84,591
अरविंद शर्मा, भाजपा रोहतक 2,869
सुनीता दुग्गल, भाजपा सिरसा 3,08,481
रमेशचंदर कौशिक,भाजपा सोनीपत 1,62,759

हरियाणा की दस सीटों पर मोदी की सुनामी के आगे किसी राजनीतिक दल की नहीं चली। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस भी धराशायी हो गई। भाजपा ने पिछले सभी रिकार्ड तोड़ते हुए यहां नौ सीटों पर विजय पताका फहराई है। पिछले चुनाव में मोदी लहर में भाजपा को हरियाणा से सात सीटें ही हासिल हुई थीं।

हरियाणा में कांग्र्रेस की सरकार बनाने का दंभ भरने वाले भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपनी खुद की सीट भी नहीं बचा सके। रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा की सीट पर भी देर रात तक उतार चढ़ाव बना रहा। रोहतक में हालात चिंताजनक होने के कारण पुलिस फोर्स और केंद्रीय सुरक्षा बलों की कंपनियां तैनात की गईं हैं।

इस चुनाव में क्षेत्रीय दल जहां खाता नहीं खोल सके, वहीं गठबंधन की राजनीति करने वाले राजकुमार सैनी चारो खाने चित हो गए। जीत से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव की तरफ रुख कर दिया है। भाजपा ने इस एतिहासिक जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को दिया है।

पार्टी का मानना है कि मनोहर लाल की नीतियों और भ्रष्टाचार रहित सरकार के नारे पर जनता ने मुहर लगाई। धरती, भरती और बदली के दाग धोने के के कारण ही हरियाणा की जनता ने भाजपा को सभी दस सीटों पर जीत दी है।

हुड्डा का किला ढहा, पुत्र संकट में

ताऊ देवीलाल को हराने वाले मोदी की सुनामी में बहे हुड्डा सोनीपत से अपनी सीट हार गए हैं। यहां से हुड्डा दामाद (बटेऊ) भी हैं। उनके सांसद पुत्र दीपेंद्र भी रोहतक सीट पर संकट में है। हालांकि रोहतक और सोनीपत सीट जीतने के लिए पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुडडा ने जान लगा रखी थी। पिछले दो साल से हरियाणा की नब्ज टटोल रहे हुडडा को इस बार दो सीटे से सबसे ज्यादा उम्मीद थी।

मनोहर ने प्रतिष्ठा का सवाल बनाया था रोहतक
हरियाणा में मोदी नाम पर चुनाव में उतरी भाजपा ने इस बार रोहतक सीट को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाया था। सीएम मनोहर लाल यह सुनने को तैयार नहीं थे कि रोहतक हुड्डा का गढ़ है और उसे जीतना मुश्किल है। हालांकि भाजपा सोनीपत सीट पर रमेश कौशिक को उतना तगड़ा उम्मीदवार नहीं मान रही थी, लेकिन रमेश कौशिक ने हुड्डा को पछाड़ा, वहीं अरविंद शर्मा ने दीपेंद्र को कड़ी टक्कर दी।

दुष्यंत अपनी खुद की सीट हारे
चाचा भतीजे की जंग के बाद जजपा अपनी खुद की सीट हिसार भी नहीं जीत सकी। यहां से पूर्व केंद्रीय मंत्री बिरेंद्र के सुपुत्र बिजेंदर सिंह ने ेजीत हासिल की है। इस सीट से कांग्रेस से कुलदीप बिश्नोई के पुत्र भव्य बिश्नोई भी दौड़ में शामिल थे, लेकिन विरासत की जंग में वे पीछे ही रह गए।

अर्जुन नहीं बने इनेलो के कर्णधार
इंडियन नेशनल लोकदल ने कुरुक्षेत्र से अुर्जन चौटाला को मैदान में उतारा था। इनेलो को सिरसा और कुरुक्षेत्र सीट से सबसे जयादा आस थी। सिरसा से वर्तमान सांसद चरणजीत सिंह रोणी पर उम्मीद थी और कुरुक्षेत्र से पार्टी को अर्जुन चौटाला से उम्मीद थी, लेकिन दोनों ही धराशाई हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed