मथुरा नाव हादसा: भजनों की गूंज के बीच खामोश हो गईं जिंदगियां, लुधियाना में जली तीन चिताएं, डिंकी का शव बरामद
उत्तर प्रदेश के मथुरा में हुए नाव हादसे में माैतों आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को दो और शव मिलने से जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 13 हो गई। तीन श्रद्धालु अब भी लापता हैं। उनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है।
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उत्तर प्रदेश के वृंदावन में हुए नाव हादसे में पंजाब के नौ लोगों की मौत हो गई। शनिवार को सभी के शव पंजाब के अलग-अलग जगहों पर पहुंचे। मृतकों में लुधियाना चार लोग भी शामिल हैं। लुधियाना शहर के दुगरी फेज-2 इलाके में मातम पसरा है। यहां शनिवार को राकेश गुलाटी, उनकी पत्नी अंजु गुलाटी और पड़ोसी मीनू बंसल के शव पहुंचे तो कोहराम मच गया।
शुक्रवार को भजनों की गूंज के बीच यमुना की लहरों में 11 श्रद्धालुओं की जिंदगी खामोश हो गई थी। शनिवार सुबह एक ही गली में रहने वाले राकेश गुलाटी, उनकी पत्नी अंजु गुलाटी और पड़ोसी मीनू बंसल की एक साथ चिताएं जलीं। उनके परिवारवालों की चीख-पुकार ने हर आंख को नम कर दिया। मीनू बंसल के बेटे निखिल की सिसकियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं, क्योंकि उसकी बहन डिंकी की भी इस हादसे में मौत हो गई। रविवार को डिंकी का शव बरामद हुआ है।
हादसे से चंद मिनट पहले नाव पर सवार श्रद्धालु राधे-राधे के भजन कर रहे थे। अंजू गुलाटी ने अपनी देवरानी सुमन को फोन कर कहा था, यमुना पार करने में बहुत मजा आ रहा है, भजन गाते हुए जा रहे हैं। माथा टेकने के बाद बात करूंगी। किसे पता था कि यह अंतिम संवाद होगा। आधे घंटे बाद जब दोबारा फोन बजा तो दूसरी तरफ से चीखें सुनाई दे रही थीं। नाविक पप्पू लोगों को मरता छोड़कर भाग गया था, अब पुलिस की गिरफ्त में है। साथ ही ठेकेदार पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है। हादसे के बाद वृंदावन पहुंचे परिजन और वहां मौजूद श्रद्धालुओं के लिए वह रात किसी कयामत से कम नहीं थी। धर्मशालाओं में सन्नाटा पसरा है। यमुना के घाटों पर अब भी अपनों की तलाश जारी है। सेना और रेस्क्यू टीमें लापता पांच लोगों को ढूंढने में जुटी हैं।
फोन आने के बाद तुरंत सभी मथुरा के लिए निकले
अंजु गुलाटी की देवरानी सुमन ने बताया कि हादसे का पता चलते ही वह परिवार समेत मथुरा के लिए निकल गई। वहां जाकर पता चला कि तीनों की मौत हो चुकी है। मीनू बंसल के भाई ने बताया कि उनकी बहन डिंकी लापता है। हालांकि रविवार को डिंकी का शव बरामद कर लिया गया है। जस्सियां हैबोवाल इलाके का रहना वाला यश भल्ला भी इस जत्थे के साथ गया था। वह ढोलक बजाता था। वह लापता है।
वृंदावन नाव हादसे में जलालाबाद का पंकज मल्होत्रा अब तक लापता
वृंदावन में शुक्रवार को हुए दर्दनाक नाव हादसे में जलालाबाद के पंकज मल्होत्रा (35) का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। जलालाबाद के अग्रवाल कॉलोनी, गली नंबर एक के रहने वाले पंकज मल्होत्रा अपने मौसा-मौसी के साथ मथुरा गए थे। हादसे में उसके मौसा-मौसी की मौत हो चुकी है और उनके शव मिल गए हैं लेकिन पंकज का कोई पता नहीं चल पाया है।
वृंदावन के केशी घाट के पास हुए इस हादसे में एक स्टीमर पलटने से कई श्रद्धालु लापता हो गए और कुछ की डूबने से मौत हो गई। जलालाबाद के डीएसपी गुरसेवक सिंह बराड़ ने इस हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि लापता लोगों में पंकज मल्होत्रा का नाम भी शामिल है।
घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है लेकिन पंकज की तलाश में अब तक सफलता नहीं मिल पाई। पंकज का परिवार इस खबर के बाद से मथुरा पहुंच चुका है और वे अपने बेटे की तलाश में जुटे हुए हैं। इस घटना से पूरे जलालाबाद में शोक की लहर है और पंकज के परिवार में गहरी चिंता बनी हुई है।