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नाव हादसा: हजारों नम आंखों ने दी अंतिम विदाई, दूल्हे की तरह सजाकर विदा किया इकलौता बेटा; एक साथ जली 5 चिताएं
अमर उजाला नेटवर्क, जगरांव/लुधियाना
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 12 Apr 2026 03:22 PM IST
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सार
मथुरा में हुए नाव हादसे ने गहरे जख्म दिए हैं। हादसे में जगरांव के मधुर बहल, उनकी मां कविता बहल, चाचा चरणजीत बहल, चाची पिंकी बहल और युवा ईशान कटारिया की जान चली गई। पांच मृतकों के शव स्पेशल एंबुलेंसों से जगरांव पहुंचे तो परिजनों के दिलों में कोहराम मच गया।
हजारों नम आंखों ने दी अंतिम विदाई
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मथुरा के वृंदावन नाव हादसे ने जगरांव शहर को गहरे जख्म दिए हैं, जिनकी यादें शायद ही कभी धुंधली हो सकें। शनिवार को जब शहर के डल्ला रोड स्थित श्मशान घाट में पांच चिताएं एक के बाद एक जलने लगीं तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
इस हादसे में 13 लोगों की जान गई। जब शनिवार सुबह मृतकों के शव जगरांव पहुंचे तो पूरा शहर थम सा गया। हादसे में जगरांव के मधुर बहल, उनकी मां कविता बहल, चाचा चरणजीत बहल, चाची पिंकी बहल और युवा ईशान कटारिया की जान चली गई। पांच मृतकों के शव स्पेशल एंबुलेंसों से जगरांव पहुंचे तो परिजनों के दिलों में कोहराम मच गया।
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इस हादसे में 13 लोगों की जान गई। जब शनिवार सुबह मृतकों के शव जगरांव पहुंचे तो पूरा शहर थम सा गया। हादसे में जगरांव के मधुर बहल, उनकी मां कविता बहल, चाचा चरणजीत बहल, चाची पिंकी बहल और युवा ईशान कटारिया की जान चली गई। पांच मृतकों के शव स्पेशल एंबुलेंसों से जगरांव पहुंचे तो परिजनों के दिलों में कोहराम मच गया।
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शहर भर के लोग अपने प्रियजनों को अंतिम विदाई देने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े। शनिवार दोपहर को डल्ला रोड स्थित श्मशान घाट में पांचों मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। पहले ईशान कटारिया की चिता को मुखाग्नि दी गई फिर चरणजीत बहल और उनकी पत्नी पिंकी बहल का और अंत में मधुर बहल और उनकी मां कविता बहल की चिताएं जलाने का दृश्य बेहद दिल दहला देने वाला था।
सिर पर सेहरा बांधकर ईशान को किया विदा
ईशान कटारिया की अंतिम विदाई ने तो सबको हिलाकर रख दिया। परिवार ने उन्हें दूल्हे की तरह सेहरा बांधकर विदाई दी थी। जब श्मशान घाट पर उनकी अर्थी पहुंची तो पिता राजू कटारिया बेसुध होकर बार-बार यही कहते रहे मेरा इकलौता बेटा मुझे छोड़कर चला गया। यह दृश्य देखकर हर किसी का दिल छलनी हो गया। मधुर बहल और उनकी मां कविता बहल की अर्थी एक साथ उठने का दृश्य और भी दर्दनाक था।
ईशान कटारिया की अंतिम विदाई ने तो सबको हिलाकर रख दिया। परिवार ने उन्हें दूल्हे की तरह सेहरा बांधकर विदाई दी थी। जब श्मशान घाट पर उनकी अर्थी पहुंची तो पिता राजू कटारिया बेसुध होकर बार-बार यही कहते रहे मेरा इकलौता बेटा मुझे छोड़कर चला गया। यह दृश्य देखकर हर किसी का दिल छलनी हो गया। मधुर बहल और उनकी मां कविता बहल की अर्थी एक साथ उठने का दृश्य और भी दर्दनाक था।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि परिवार मृतकों की याद में कोई स्मारक या लाइब्रेरी बनाना चाहते हैं तो राज्य सरकार इसका निर्माण करवाएगी।
इस हादसे के बाद लापता छात्र ऋषभ शर्मा का शव मिल गया है। उसके पिता ने सोशल मीडिया पर भावुक अपील की थी। ऋषभ 12वीं कक्षा का छात्र था, उसकी मां उमा शर्मा डीएवी स्कूल में अध्यापिका हैं।
यह हादसा जगरांव के लिए एक बहुत बड़ा आघात है। इस हादसे के बाद पूरा शहर सन्न है और हर दिल में यही दुआ है कि भगवान ऐसी त्रासदी किसी और को न दिखाए।
श्मशानघाट में छा गया मातम, लोगों को याद आया सोहिया कांड
शनिवार को जैसे ही श्मशानघाट में एक साथ पांच चिताओं को अग्नि दी गई, पूरा माहौल सिसकियों और आंसुओं से भर उठा। चारों तरफ रोते-बिलखते परिजनों की आवाजें आ रही थीं।
शनिवार को जैसे ही श्मशानघाट में एक साथ पांच चिताओं को अग्नि दी गई, पूरा माहौल सिसकियों और आंसुओं से भर उठा। चारों तरफ रोते-बिलखते परिजनों की आवाजें आ रही थीं।
क्रियाकर्म करवाने वाले पंडित हरि कृष्ण भी इस मंजर को देखकर भावुक हो उठे। कांपती आवाज में उन्होंने बताया कि यह दृश्य देखकर उन्हें 1990-91 के आतंकवाद के दौर का सोहिया कांड याद आ गया। उन्होंने कहा कि उस समय भी श्मशानघाट में एक के बाद एक शव पहुंच रहे थे और चारों तरफ मातम था।
पंडित हरि कृष्ण ने भर्राई आवाज में कहा, आज जब मैंने एक साथ पांच चिताओं को जलते देखा तो वही घटना याद आ गई। उस समय भी कई घरों के चिराग बुझ गए थे।
श्मशानघाट में मौजूद लोग इस दर्दनाक मंजर को देखकर सहम गए। हर किसी की जुबान पर बस यही शब्द थे कि यह हादसा शहर के दिल पर ऐसा जख्म दे गया है जो शायद कभी नहीं भर पाएगा।
मथुरा नाव हादसा: जगरांव पहुंचे सीएम मान, हरसंभव मदद का दिया भरोसा
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को जगरांव पहुंचकर मथुरा के पास हुए दर्दनाक हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को जगरांव पहुंचकर मथुरा के पास हुए दर्दनाक हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ी है और राहत व बचाव कार्यों में हर जरूरी सहयोग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस हादसे में हुए जान-माल के नुकसान पर गहरा दुख जताया। अब तक 13 शव बरामद किए जा चुके हैं जबकि तीन लोग अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
सीएम मान ने कहा कि पंजाब सरकार लगातार उत्तर प्रदेश सरकार के संपर्क में है और बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि पंजाब की ओर से गोताखोरों की विशेष टीमें घटनास्थल पर भेजी गई हैं, जो स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी गहरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जो इस असहनीय दुख से गुजर रहे हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति दें।
सीएम मान ने दोहराया कि पंजाब सरकार इस संकट की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी और किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
जगरांव में मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान माहौल गमगीन रहा। परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे, वहीं मुख्यमंत्री ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार हर कदम पर उनके साथ है।