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Lok Sabha Election 2019 Result: पंजाब में 8 सीटों पर कांग्रेस, दो अकालियों, दो भाजपा, एक 'आप' को
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 23 May 2019 10:01 PM IST
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सनी देओल, परनीत कौर
- फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब में 23 मई दिन वीरवार को 13 लोकसभा सीटों पर हुए मतदान की गणना हुई। कांग्रेस ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जीत का परचम लहराया। इस बार के चुनाव में 278 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। इन उम्मीदवारों में से 254 पुरुष और 24 महिलाएं हैं।
लुधियाना से कांग्रेस के रवनीत बिट्टू 76372 वोटों से जीत गए हैं। रवनीत को 383795 वोट मिले। पीडीए के सिमरजीत बैंस को 307429 वोट मिले। अकाली दल के महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल को 299435 वोट मिले। पटियाला से कांग्रेस की परनीत कौर ने 162718 वोटों से जीत का परचम लहराया। परनीत को 532027 वोट मिले। अकाली दल के सुरजीत रखड़ा को 369309 वोट मिले। आप के धर्मवीर गांधी को 161645 वोट मिले।
फिरोजपुर से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान व प्रत्याशी सुखबीर बादल 198850 वोटों से जीते। सुखबीर को 633427 वोट मिले। कांग्रेस के शेर सिंह घुबाया को 434577 वोट मिले। आम आदमी पार्टी के हरजिंदर सिंह को 31872 वोट मिले। आनंदपुर साहिब से कांग्रेस के मनीष तिवारी 47352 वोटों से जीते। बठिंडा से अकाली दल की उम्मीदवार हरसिमरत कौर 21772 वोटों जीतीं।
जालंधर से कांग्रेस के संतोख सिंह चौधरी 19491 वोटों से जीते। खडूर साहिब से कांग्रेस प्रत्याशी जसबीर सिंह गिल डिंपा 140573 वोटों से जीते। अमृतसर से कांग्रेस के गुरजीत सिंह औजला 99626 वोटों से जीते। होशियारपुर लोकसभा सीट से भाजपा के सोम प्रकाश 48530 वोटों से जीते। गुरदासपुर से भाजपा के सनी देओल 82459 वोटों से जीते। फरीदकोट से कांग्रेस के मोहम्मद सदीक जीते। फतेहगढ़ साहिब से कांग्रेस के दरबारा सिंह गुरु जीते। संगरूर से आम आदमी पार्टी के भगवंत मान जीते।
19 मई को राज्य में 65.79 प्रतिशत मतदान हुआ था। पंजाब में 2,07,81,211 मतदाता हैं । 1,09,50,735 पुरुष, 9,82,916 महिलाएं और थर्ड जैंडर के 560 वोटर हैं। 3,94,780 फर्स्ट वोटर हैं। 1,10,264 दिव्यांग वोटर हैं। 1521 एनआरआई वोटर हैं। राज्य मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. एस. करुणा राजू ने बताया कि प्रदेश में 21 स्थानों पर काउंटिंग सेंटर बनाए गए थे। ईवीएम और वीवीपैट को तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया था। सुरक्षा घेरे में पहला चक्र केंद्रीय सशस्त्र बलों का, दूसरा राज्य सशस्त्र पुलिस का और तीसरा सिविल पुलिस का रहा।
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लुधियाना से कांग्रेस के रवनीत बिट्टू 76372 वोटों से जीत गए हैं। रवनीत को 383795 वोट मिले। पीडीए के सिमरजीत बैंस को 307429 वोट मिले। अकाली दल के महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल को 299435 वोट मिले। पटियाला से कांग्रेस की परनीत कौर ने 162718 वोटों से जीत का परचम लहराया। परनीत को 532027 वोट मिले। अकाली दल के सुरजीत रखड़ा को 369309 वोट मिले। आप के धर्मवीर गांधी को 161645 वोट मिले।
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फिरोजपुर से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान व प्रत्याशी सुखबीर बादल 198850 वोटों से जीते। सुखबीर को 633427 वोट मिले। कांग्रेस के शेर सिंह घुबाया को 434577 वोट मिले। आम आदमी पार्टी के हरजिंदर सिंह को 31872 वोट मिले। आनंदपुर साहिब से कांग्रेस के मनीष तिवारी 47352 वोटों से जीते। बठिंडा से अकाली दल की उम्मीदवार हरसिमरत कौर 21772 वोटों जीतीं।
जालंधर से कांग्रेस के संतोख सिंह चौधरी 19491 वोटों से जीते। खडूर साहिब से कांग्रेस प्रत्याशी जसबीर सिंह गिल डिंपा 140573 वोटों से जीते। अमृतसर से कांग्रेस के गुरजीत सिंह औजला 99626 वोटों से जीते। होशियारपुर लोकसभा सीट से भाजपा के सोम प्रकाश 48530 वोटों से जीते। गुरदासपुर से भाजपा के सनी देओल 82459 वोटों से जीते। फरीदकोट से कांग्रेस के मोहम्मद सदीक जीते। फतेहगढ़ साहिब से कांग्रेस के दरबारा सिंह गुरु जीते। संगरूर से आम आदमी पार्टी के भगवंत मान जीते।
19 मई को राज्य में 65.79 प्रतिशत मतदान हुआ था। पंजाब में 2,07,81,211 मतदाता हैं । 1,09,50,735 पुरुष, 9,82,916 महिलाएं और थर्ड जैंडर के 560 वोटर हैं। 3,94,780 फर्स्ट वोटर हैं। 1,10,264 दिव्यांग वोटर हैं। 1521 एनआरआई वोटर हैं। राज्य मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. एस. करुणा राजू ने बताया कि प्रदेश में 21 स्थानों पर काउंटिंग सेंटर बनाए गए थे। ईवीएम और वीवीपैट को तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया था। सुरक्षा घेरे में पहला चक्र केंद्रीय सशस्त्र बलों का, दूसरा राज्य सशस्त्र पुलिस का और तीसरा सिविल पुलिस का रहा।
पंजाब में कांग्रेस ने मोदी की लहर को एक बार फिर रोक लिया। लोकसभा चुनाव-2019 के परिणामों में कांग्रेस ने पंजाब की 13 संसदीय सीटों में से 8 सीटों पर कब्जा जमा लिया है। देशभर के चुनाव नतीजों पर नजर डाली जाए तो केवल पंजाब में मोदी लहर का कोई असर दिखाई नहीं दिया। अकाली दल के साथ गठबंधन में तीन सीटों पर चुनाव लड़ी भाजपा के हिस्से 2 सीटें आईं। अकाली दल भी दो सीटों पर ही कब्जा कर सका।
प्रदेश की एक सीट आम आदमी पार्टी की झोली में जाने से पार्टी इन चुनावों में सूपड़ा साफ होने की स्थिति से बच गई क्योंकि दिल्ली में आप को एक भी सीट नहीं मिली है। पंजाब में कांग्रेस ने यह लोकसभा चुनाव मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में लड़ा है। प्रदेश की 13 सीटों पर कांग्रेस द्वारा तय किए गए प्रत्याशियों में ज्यादातर का चयन कैप्टन की सिफारिश पर ही हुआ था। खास बात यह भी है कि वर्ष 2014 के देशभर में मोदी लहर वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को पंजाब में 3 सीटे मिली थीं। इस तरह पार्टी को इस बार 5 सीटों का फायदा हुआ है।
कांग्रेस के हिस्से में इस बार जो आठ सीटें आईं, वे हैं- अमृतसर, खडूर साहिब, जालंधर, आनंदपुर साहिब, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, फरीदकोट और पटियाला। कांग्रेस की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रदेश में पार्टी सत्तासीन है और जनता ने इस चुनाव में पार्टी के प्रदेश में किए जा रहे कार्यों पर मोहर लगा दी है। दूसरी ओर, अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल और बठिंडा से सांसद हरसिमरत बादल ही इस चुनावी मुकाबले में टिक सके जबकि अपने हिस्से की बाकी आठ सीटों पर अकाली दल के प्रत्याशी पिछड़ गए हैं।
माना जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा अकाली दल को बेअदबी के मुद्दे पर घेरने की कोशिशों को जनता का समर्थन मिला है। वैसे, सुखबीर बादल ने फिरोजपुर और हरसिमरत बादल ने बठिंडा में जीत हासिल की, लेकिन उनकी पार्टी इस चुनाव में डूब गई। वहीं, उनकी सहयोगी भाजपा को प्रत्याशी सन्नी देओल के सहारे गुरदासपुर की सीट वापस मिल गई, जो पार्टी ने विनोद खन्ना के देहांत के बाद खो दी थी। होशियारपुर में प्रत्याशी बदलने का लाभ भी भाजपा को मिला है और विधायक सोम प्रकाश ने काफी अच्छा मार्जिन बना लिया है।
इस सीट पर खास बात यह रही कि पीडीए के बैनर तले चुनाव लड़ी बसपा का प्रदर्शन इस बार काफी सुधरा और उसके प्रत्याशी ने एक लाख से अधिक वोट लेते हुए कांग्रेस की जीत का रास्ता अवरुद्ध कर दिया। उधर, अंदरूनी कलह से बिखर रही आम आदमी पार्टी को एक सीट पर सफलता मिलने से कुछ राहत मिली है। संगरूर से पार्टी के प्रदेश प्रधान भगवंत मान की जोरदार जीत पक्की हो गई है। वहीं आप से अलग होकर सुखपाल खैरा ने पंजाबी एकता पार्टी, डॉ. धरमवीर गांधी ने नवां पंजाब पार्टी और शिअद से अलग होकर रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने शिअद-टकसाली बनाया था। तीनों पार्टियों ने चुनावी रेस में दम तोड़ दिया। छह पार्टियों का पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस अपना खाता भी नहीं खोल सका।
प्रदेश की एक सीट आम आदमी पार्टी की झोली में जाने से पार्टी इन चुनावों में सूपड़ा साफ होने की स्थिति से बच गई क्योंकि दिल्ली में आप को एक भी सीट नहीं मिली है। पंजाब में कांग्रेस ने यह लोकसभा चुनाव मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में लड़ा है। प्रदेश की 13 सीटों पर कांग्रेस द्वारा तय किए गए प्रत्याशियों में ज्यादातर का चयन कैप्टन की सिफारिश पर ही हुआ था। खास बात यह भी है कि वर्ष 2014 के देशभर में मोदी लहर वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को पंजाब में 3 सीटे मिली थीं। इस तरह पार्टी को इस बार 5 सीटों का फायदा हुआ है।
कांग्रेस के हिस्से में इस बार जो आठ सीटें आईं, वे हैं- अमृतसर, खडूर साहिब, जालंधर, आनंदपुर साहिब, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, फरीदकोट और पटियाला। कांग्रेस की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रदेश में पार्टी सत्तासीन है और जनता ने इस चुनाव में पार्टी के प्रदेश में किए जा रहे कार्यों पर मोहर लगा दी है। दूसरी ओर, अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल और बठिंडा से सांसद हरसिमरत बादल ही इस चुनावी मुकाबले में टिक सके जबकि अपने हिस्से की बाकी आठ सीटों पर अकाली दल के प्रत्याशी पिछड़ गए हैं।
माना जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा अकाली दल को बेअदबी के मुद्दे पर घेरने की कोशिशों को जनता का समर्थन मिला है। वैसे, सुखबीर बादल ने फिरोजपुर और हरसिमरत बादल ने बठिंडा में जीत हासिल की, लेकिन उनकी पार्टी इस चुनाव में डूब गई। वहीं, उनकी सहयोगी भाजपा को प्रत्याशी सन्नी देओल के सहारे गुरदासपुर की सीट वापस मिल गई, जो पार्टी ने विनोद खन्ना के देहांत के बाद खो दी थी। होशियारपुर में प्रत्याशी बदलने का लाभ भी भाजपा को मिला है और विधायक सोम प्रकाश ने काफी अच्छा मार्जिन बना लिया है।
इस सीट पर खास बात यह रही कि पीडीए के बैनर तले चुनाव लड़ी बसपा का प्रदर्शन इस बार काफी सुधरा और उसके प्रत्याशी ने एक लाख से अधिक वोट लेते हुए कांग्रेस की जीत का रास्ता अवरुद्ध कर दिया। उधर, अंदरूनी कलह से बिखर रही आम आदमी पार्टी को एक सीट पर सफलता मिलने से कुछ राहत मिली है। संगरूर से पार्टी के प्रदेश प्रधान भगवंत मान की जोरदार जीत पक्की हो गई है। वहीं आप से अलग होकर सुखपाल खैरा ने पंजाबी एकता पार्टी, डॉ. धरमवीर गांधी ने नवां पंजाब पार्टी और शिअद से अलग होकर रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने शिअद-टकसाली बनाया था। तीनों पार्टियों ने चुनावी रेस में दम तोड़ दिया। छह पार्टियों का पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस अपना खाता भी नहीं खोल सका।
पंजाब में सिर्फ दो सीटों पर चला मोदी का जादू
पंजाब में सिर्फ दो सीटों पर ही मोदी फैक्टर चला। भाजपा का गढ़ माने जाते गुरदासपुर और होशियारपुर के पहाड़ों से सटे इलाकों में मोदी का प्रभाव साफ नजर आया। होशियारपुर में मोदी की रैली कराने की रणनीति कामयाब रही। वहीं, गुरदासपुर में सनी देओल के स्टारडम ने भी खूब काम किया। लेकिन पार्टी की गुटबाजी ने इस बार भी अमृतसर सीट हरा दी। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी आखिर तक बाहरी का टैग नहीं छुड़ा सके। तीन सीटों पर पंजाब के सबसे बड़े सियासी परिवारों कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रकाश सिंह बादल की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी।
पटियाला से परनीत कौर और फिरोजपुर से सुखबीर बादल बड़े अंतर से जीते। लेकिन हरसिमरत कौर बादल बड़ी मशक्कत के बाद करीब 20 हजार वोटों से जीत सकीं। उनकी जीत में भी मोदी फैक्टर ने काम किया। पिछले दो चुनाव में वह बठिंडा शहरी सीट से करीब तीस हजार वोटों से हारती रही हैं, इस बार चार हजार की लीड मिली। यानी बठिंडा में मोदी की रैली के बाद करीब 34 हजार वोट शिअद की तरफ खिसके।
तीनों दलों के लिए संतोषजनक नतीजा
पंजाब में नतीजे अनुमानों के मुताबिक रहे और तीनों ही पार्टियों के लिए संतोषजनक हैं। मिशन 13 लेकर चले कैप्टन अमरिंदर सिंह का पार्टी में कद आठ सीटें जीतने के बाद भी बढ़ेगा क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा है। भाजपा तीन में से दो सीटें जीतना अपनी बड़ी उपलब्धि मान रही है। शिअद के लिए बादल परिवार की दोनों सीटें जीतना बड़ी राहत है।
शिअद के पंथक किले में सेंध
शिरोमणि अकाली दल का सबसे मजबूत पंथक किला माने जाते खडूर साहिब में इस बार कांग्रेस ने सेंध लगाई। सिर्फ सेंध ही नहीं लगाई, जसबीर डिंपा ने करीब 1.40 लाख वोटों से शानदार जीत दर्ज की। पिछले 23 सालों से इस सीट पर शिअद का कब्जा था। पिछली बार यहां से जीते रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा अपनी शिअद-टकसाली बना ली थी। हालांकि उन्होंने यहां पीडीए उम्मीदवार परमजीत कौर खालड़ा को समर्थन किया था।
गुरदासपुर में फिर सेलेब्रिटी कार्ड
गुरदासपुर में एक बार फिर सेलेब्रिटी कार्ड चला। इससे पहले भी भाजपा ने विनोद खन्ना को उतार कर कांग्रेस का किला ध्वस्त किया था। यहां शुरू से ही कांग्रेस का कब्जा रहा है। खन्ना ने पांच बार सांसद रहीं सुखबंस कौर भिंडर को हरा कर यहां भाजपा का राज कायम किया था। 2009 को छोड़ कर वह हमेशा जीते। उनके निधन के बाद उप चुनाव में कांग्रेस ने दो लाख वोटों से जीत कर इस सीट पर अपना कब्जा कर लिया था। पर सनी देओल ने फिर सीट कांग्रेस से छीन ली।
पटियाला से परनीत कौर और फिरोजपुर से सुखबीर बादल बड़े अंतर से जीते। लेकिन हरसिमरत कौर बादल बड़ी मशक्कत के बाद करीब 20 हजार वोटों से जीत सकीं। उनकी जीत में भी मोदी फैक्टर ने काम किया। पिछले दो चुनाव में वह बठिंडा शहरी सीट से करीब तीस हजार वोटों से हारती रही हैं, इस बार चार हजार की लीड मिली। यानी बठिंडा में मोदी की रैली के बाद करीब 34 हजार वोट शिअद की तरफ खिसके।
तीनों दलों के लिए संतोषजनक नतीजा
पंजाब में नतीजे अनुमानों के मुताबिक रहे और तीनों ही पार्टियों के लिए संतोषजनक हैं। मिशन 13 लेकर चले कैप्टन अमरिंदर सिंह का पार्टी में कद आठ सीटें जीतने के बाद भी बढ़ेगा क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा है। भाजपा तीन में से दो सीटें जीतना अपनी बड़ी उपलब्धि मान रही है। शिअद के लिए बादल परिवार की दोनों सीटें जीतना बड़ी राहत है।
शिअद के पंथक किले में सेंध
शिरोमणि अकाली दल का सबसे मजबूत पंथक किला माने जाते खडूर साहिब में इस बार कांग्रेस ने सेंध लगाई। सिर्फ सेंध ही नहीं लगाई, जसबीर डिंपा ने करीब 1.40 लाख वोटों से शानदार जीत दर्ज की। पिछले 23 सालों से इस सीट पर शिअद का कब्जा था। पिछली बार यहां से जीते रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा अपनी शिअद-टकसाली बना ली थी। हालांकि उन्होंने यहां पीडीए उम्मीदवार परमजीत कौर खालड़ा को समर्थन किया था।
गुरदासपुर में फिर सेलेब्रिटी कार्ड
गुरदासपुर में एक बार फिर सेलेब्रिटी कार्ड चला। इससे पहले भी भाजपा ने विनोद खन्ना को उतार कर कांग्रेस का किला ध्वस्त किया था। यहां शुरू से ही कांग्रेस का कब्जा रहा है। खन्ना ने पांच बार सांसद रहीं सुखबंस कौर भिंडर को हरा कर यहां भाजपा का राज कायम किया था। 2009 को छोड़ कर वह हमेशा जीते। उनके निधन के बाद उप चुनाव में कांग्रेस ने दो लाख वोटों से जीत कर इस सीट पर अपना कब्जा कर लिया था। पर सनी देओल ने फिर सीट कांग्रेस से छीन ली।
जानिए, किस सीट पर किसके बीच मुकाबला था
गुरदासपुर लोकसभा सीट पर सुनील जाखड़(कांग्रेस) और सनी देओल(भाजपा) के बीच मुख्य मुकाबला था।
अमृतसर लोकसभा सीट पर हरदीप पुरी (भाजपा), गुरजीत औजला (कांग्रेस) और कुलदीप धालीवाल(आप) के बीच मुकाबला था।
खडूर साहिब लोकसभा सीट पर बीबी जागीर कौर(शिअद), जसबीर डिंपा (कांग्रेस) और परमजीत खालड़ा(पीडीए) के बीच मुकाबला था।
जालंधर लोकसभा सीट पर चौ. संतोख सिंह (कांग्रेस), चरणजीत अटवाल (शिअद) और जस्टिस जोरा सिंह (आप) के बीच मुकाबला था।
होशियारपुर लोकसभा सीट पर सोमप्रकाश(भाजपा) और डॉ. राजकुमार (कांग्रेस) के बीच मुकाबला था।
श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा सीट पर प्रेम सिंह चंदूमाजरा(शिअद), मनीष तिवारी (कांग्रेस) और नरिंदर शेरगिल (आप) के बीच मुकाबला था।
लुधियाना लोकसभा सीट पर रवनीत बिट्टू (कांग्रेस), महेशइंद्र ग्रेवाल (शिअद) और सिमरजीत बैंस (लिप) के बीच मुकाबला था।
फतेहगढ़ साहिब लोकसभा सीट पर दरबारा गुरु(शिअद), डॉ. अमर सिंह(कांग्रेस) और बनदीप सिंह दूलो(आप) के बीच मुकाबला था।
फरीदकोट लोकसभा सीट पर गुलजार सिंह रणिके (शिअद), प्रो. साधू सिंह (आप) और मोहम्मद सदीक (कांग्रेस) के बीच मुकाबला था।
फिरोजपुर लोकसभा सीट पर सुखबीर बादल(अकाली दल) और शेर सिंह घुबाया(कांग्रेस) के बीच मुकाबला था।
बठिंडा लोकसभा सीट पर हरसिमरत कौर(अकाली दल) और राजा वड़िंग(कांग्रेस) के बीच मुकाबला था।
संगरूर लोकसभा सीट पर भगवंत मान(आप) और केवल ढिल्लों(कांग्रेस) के बीच मुकाबला था।
पटियाला लोकसभा सीट पर परनीत कौर(कांग्रेस) और धर्मवीर गांधी(आप) के बीच मुकाबला था।
अमृतसर लोकसभा सीट पर हरदीप पुरी (भाजपा), गुरजीत औजला (कांग्रेस) और कुलदीप धालीवाल(आप) के बीच मुकाबला था।
खडूर साहिब लोकसभा सीट पर बीबी जागीर कौर(शिअद), जसबीर डिंपा (कांग्रेस) और परमजीत खालड़ा(पीडीए) के बीच मुकाबला था।
जालंधर लोकसभा सीट पर चौ. संतोख सिंह (कांग्रेस), चरणजीत अटवाल (शिअद) और जस्टिस जोरा सिंह (आप) के बीच मुकाबला था।
होशियारपुर लोकसभा सीट पर सोमप्रकाश(भाजपा) और डॉ. राजकुमार (कांग्रेस) के बीच मुकाबला था।
श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा सीट पर प्रेम सिंह चंदूमाजरा(शिअद), मनीष तिवारी (कांग्रेस) और नरिंदर शेरगिल (आप) के बीच मुकाबला था।
लुधियाना लोकसभा सीट पर रवनीत बिट्टू (कांग्रेस), महेशइंद्र ग्रेवाल (शिअद) और सिमरजीत बैंस (लिप) के बीच मुकाबला था।
फतेहगढ़ साहिब लोकसभा सीट पर दरबारा गुरु(शिअद), डॉ. अमर सिंह(कांग्रेस) और बनदीप सिंह दूलो(आप) के बीच मुकाबला था।
फरीदकोट लोकसभा सीट पर गुलजार सिंह रणिके (शिअद), प्रो. साधू सिंह (आप) और मोहम्मद सदीक (कांग्रेस) के बीच मुकाबला था।
फिरोजपुर लोकसभा सीट पर सुखबीर बादल(अकाली दल) और शेर सिंह घुबाया(कांग्रेस) के बीच मुकाबला था।
बठिंडा लोकसभा सीट पर हरसिमरत कौर(अकाली दल) और राजा वड़िंग(कांग्रेस) के बीच मुकाबला था।
संगरूर लोकसभा सीट पर भगवंत मान(आप) और केवल ढिल्लों(कांग्रेस) के बीच मुकाबला था।
पटियाला लोकसभा सीट पर परनीत कौर(कांग्रेस) और धर्मवीर गांधी(आप) के बीच मुकाबला था।
| विजयी प्रत्याशी/दल | सीट | वोटों का अंतर |
| गुरजीत सिंह, कांग्रेस | अमृतसर | 1,00,003 |
| मनीष तिवारी, कांग्रेस | आनंदपुर साहिब | 46,884 |
| हरसिमरत कौर, शिअद | बठिंडा | 21,399 |
| मोहम्मद सादिक, कांग्रेस | फरीदकोट | 83,262 |
| अमरसिंह, कांग्रेस | फतेहगढ़ साहिब | 93,621 |
| सुखबीर बादल, शिअद | फिरोजपुर | 1,98,850 |
| सन्नी देओल, भाजपा | गुरदासपुर | 77,009 |
| सोमप्रकाश, भाजपा | होशियारपुर | 46,993 |
| संतोक सिंह चौधरी, कांग्रेस | जालंधर | 19,491 |
| जसबीर गिल, कांग्रेस | खडूर साहिब | 1,40,300 |
| रवनीत सिंह बिट्टू, कांग्रेस | लुधियाना | 76,372 |
| प्रीणित कौर, कांग्रेस | पटियाला | 1,62,718 |
| भगवंत मान, आप | संगरूर | 1,09,642 |
सबसे अधिक संगरूर और सबसे कम अमृतसर में वोटिंग
गुरदासपुर-----69.27 फ़ीसदी
अमृतसर------56.35 फ़ीसदी
खडूर साहिब---64.17 फ़ीसदी
जालंधर-------62.92 फ़ीसदी
होशियारपुर-----61.63 फ़ीसदी
आनंदपुर साहिब--64.05 फ़ीसदी
लुधियाना-------62.13 फ़ीसदी
फतेहगढ़ साहिब---65.67 फ़ीसदी
फरीदकोट-------63.21 फ़ीसदी
फिरोजपुर--------72.57 फ़ीसदी
बठिंडा----------73.90 फ़ीसदी
संगरूर---------71.41 फ़ीसदी
पटियाला-------67.68 फ़ीसदी
अमृतसर------56.35 फ़ीसदी
खडूर साहिब---64.17 फ़ीसदी
जालंधर-------62.92 फ़ीसदी
होशियारपुर-----61.63 फ़ीसदी
आनंदपुर साहिब--64.05 फ़ीसदी
लुधियाना-------62.13 फ़ीसदी
फतेहगढ़ साहिब---65.67 फ़ीसदी
फरीदकोट-------63.21 फ़ीसदी
फिरोजपुर--------72.57 फ़ीसदी
बठिंडा----------73.90 फ़ीसदी
संगरूर---------71.41 फ़ीसदी
पटियाला-------67.68 फ़ीसदी