सिख बंदियों की रिहाई के लिए बवाल: मोहाली में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज; दागे आंसू गैस के गोले
पुलिस ने मोहाली में सिख कैदियों की रिहाई को लेकर चल रहे कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
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पंजाब के मोहाली में स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस ने कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से जेलों में बंद सिख कैदियों (बंदी सिंहों) की रिहाई की मांग कर रहा है। ये कैदी लंबे समय से जेल में हैं। प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
#WATCH | Chandigarh: Police use tear gas and water cannons to disperse the protesters belonging to the Quami Insaaf Morcha.
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The Morcha is demanding the release of Sikh prisoners who have spent prolonged periods in jail. pic.twitter.com/TADwJHn8EDविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 15, 2026
कौन हैं बंदी सिख कैदी?
बंदी सिंह उन सिख कैदियों को कहा जाता है जो 1980-90 के दशक में पंजाब में चले आतंकवाद/मिलिटेंसी के दौरान विभिन्न अपराधों (जैसे हत्या, बम विस्फोट आदि) में दोषी ठहराए गए थे और लंबे समय से जेल में बंद हैं।
ये है मांग
कौमी इंसाफ मोर्चा, एसजीपीसी और कुछ सिख संगठन/राजनीतिक दल इनकी रिहाई या पैरोल की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये कैदी लंबे समय से जेल में हैं। इनमें से कई बुजुर्ग और बीमार हो चुके हैं। मानवीय आधार पर इनकी रिहाई होनी चाहिए।
क्या कहती है सरकार?
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का पक्ष यह है कि ये गंभीर अपराधों में दोषी हैं, इसलिए रिहाई पर सावधानी बरतनी जरूरी है। यह मुद्दा पंजाब में कई साल से चला आ रहा है। कौमी इंसाफ मोर्चा 2023 से मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर धरना दे रहा है और समय-समय पर प्रदर्शन करता रहता है।