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भाजपा का होमवर्क: एक-एक सीट पर शाह और नबीन का मंथन, दुरुस्त होंगी कमजोर कड़ियां; नेताओं को दिए जाएंगे लक्ष्य
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 14 Jun 2026 02:44 PM IST
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सार
भाजपा हाईकमान ने पंजाब के नेताओं से 117 सीटों पर पार्टी के कमजोर व मजबूत बिंदु जाने। गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नबीन ने एक-एक सीट पर मंथन किया। साढ़े चार घंटे चली बैठक में संगठन पर चर्चा भी हुई। सभी सीटों पर अकेले ही तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
Punjab BJP Poll
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
भाजपा हाईकमान पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एक-एक विधानसभा सीट पर होमवर्क में जुट गई है। इन सीटों पर पार्टी की कमजोर व मजबूत कड़ियां क्या हैं, कैसे चुनाव में भाजपा को हलकों में बढ़त मिल सकती है, कमियों को कैसे दुरुस्त किया जा सकता है और बूथ स्तर पर पार्टी की तैयारी कैसी है, इत्यादि मुद्दों पर नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पंजाब के नेताओं संग साढ़े चार घंटे तक मंथन किया।
सूबे में संगठन के मुद्दे पर भी राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) ने चर्चा की। चूंकि हाल ही में पंजाब भाजपा के नए अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने जिम्मेदारी संभाली है, ऐसे में नई टीम को भी फील्ड में उतारा जाना है। विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और संगठन में व्यापक बदलाव के लिए समय कम है।
सूबे में संगठन के मुद्दे पर भी राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) ने चर्चा की। चूंकि हाल ही में पंजाब भाजपा के नए अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने जिम्मेदारी संभाली है, ऐसे में नई टीम को भी फील्ड में उतारा जाना है। विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और संगठन में व्यापक बदलाव के लिए समय कम है।
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इसलिए पंजाब के नेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे संगठन में नॉन परफॉर्मिंग एसेट यानी असक्रिय कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को जल्द चिह्नित करें। उसके बाद उन्हें बदलने की प्रक्रिया शुरू करते हुए जुझारू व ऊर्जावान लोगों की टीम बनाकर उन्हें जल्द मैदान में उतार दें।
नए साथियों को आगामी चुनाव के मद्देनजर एक मिशन देते हुए उन्हें फील्ड में उतारें। वरिष्ठ साथी उन्हें प्रशिक्षण दें कि कैसे वे पार्टी की नीतियों और केंद्र सरकार की 12 साल की उपलब्धियों के साथ वे पंजाबियों से संपर्क करें। पंजाब के लिए केंद्र सरकार की ओर से किए गए सहयोग व कार्याें को कार्यकर्ताओं के जरिये घर-घर तक पहुंचाना है।
पार्टी हाईकामन ने पंजाब भाजपा के नेताओं को फिलहाल सभी 117 सीटों पर चुनाव की तैयारी करने को कह दिया है। उधर, पंजाब भाजपा के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों कहते हैं कि पार्टी हाईकमान ने सभी सीटों पर कमर कसने के लिए कह दिया है। भाजपा पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने में पूरी तरह सक्षम है जबकि नेताओं और कार्यकर्ताओं का जोश भी इस बार ज्यादा हाई है। शिअद के साथ गठजोड़ करने में भाजपा को बहुत ज्यादा लाभ नहीं दिखता।
उधर, अमित शाह ने कुछ दिन पहले पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से भी मुलाकात की थी। इस दौरान शाह ने कटारिया से भी पंजाब के जमीनी हालात और चुनौतियों पर चर्चा की थी। राज्यपाल ने भी पिछले दिनों नशा विरोधी अभियान के तहत पंजाब के विभिन्न जिलों का दौरा किया था।
नेताओं को दिए जाएंगे लक्ष्य
बैठक में यह भी तय हुआ कि हर सीट पर पार्टी की बेहतरीन परफार्मेंस के लिए नेताओं की जिम्मेदारी लगाई जाएगी और साथ ही उन्हें लक्ष्य भी दिया जाएगा। अध्यक्ष समेत सभी सीनियर लीडरशिप संबंधित नेताओं और उन्हें दिए गए लक्ष्यों की समीक्षा करते रहेंगे, जहां कमी दिखेगी, वहां पार्टी और ताकत झोंकेगी। हर बूथ पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की टीम तैनात की जाएगी, क्योंकि इन्हीं के बूते चुनाव से पहले पार्टी ने हर घर-हर मतदाता तक पहुंचना है।
बैठक में यह भी तय हुआ कि हर सीट पर पार्टी की बेहतरीन परफार्मेंस के लिए नेताओं की जिम्मेदारी लगाई जाएगी और साथ ही उन्हें लक्ष्य भी दिया जाएगा। अध्यक्ष समेत सभी सीनियर लीडरशिप संबंधित नेताओं और उन्हें दिए गए लक्ष्यों की समीक्षा करते रहेंगे, जहां कमी दिखेगी, वहां पार्टी और ताकत झोंकेगी। हर बूथ पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की टीम तैनात की जाएगी, क्योंकि इन्हीं के बूते चुनाव से पहले पार्टी ने हर घर-हर मतदाता तक पहुंचना है।
केंद्र सरकार की उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाने के साथ-साथ बैठक में पंजाब से जुड़े उन मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिन्हें चुनाव में प्रमुखता से उठाया जाना है। इन मुद्दों पर पंजाब की आर्थिक बदहाली, बढ़ता कर्ज, नशा व हथियार तस्करी, बिगड़ी कानून-व्यवस्था, व्यापारियों और कारोबारियों से जुड़ीं समस्याएं, धर्म परिवर्तन, मिट्टी की खराब होती स्थिति, कर्मचारियों का बकाया डीए व किसानी इत्यादि मुद्दों पर विमर्श किया गयया। पंजाब के नेताओं ने हाईकमान को बताया कि पंजाब को मौजूदा आर्थिक संकट से बचाना आज बहुत जरूरी है।
केंद्रीय मंत्री पंजाब में बनाएंगे माहौल, सीएम सैनी भी सक्रिय रहेंगे
भाजपा ने केंद्रीय मंत्रियों को पंजाब में माहौल बनाने के लिए दौरे करने का निर्देश दे दिया है। मंत्रियों का शेड्यूल फाइनल किया जा रहा है, जिसके बाद आगामी विधानसभा चुनाव तक लगातार पंजाब दौरे पर रहेंगे।
भाजपा ने केंद्रीय मंत्रियों को पंजाब में माहौल बनाने के लिए दौरे करने का निर्देश दे दिया है। मंत्रियों का शेड्यूल फाइनल किया जा रहा है, जिसके बाद आगामी विधानसभा चुनाव तक लगातार पंजाब दौरे पर रहेंगे।
इसी कड़ी में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी लुधियाना में थे जबकि शनिवार को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल अमृतसर पहुंचे। इसके बाद अब केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, शिवराज चौहान समेत अन्य मंत्री पंजाब पहुंचेंगे। इन मंत्रियों के कार्यक्रम तय किए जा रहे हैं। सभी मंत्री पंजाब में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। साथ ही उद्यमियों, महिलाओं, किसानों, युवाओं और अन्य वर्ग व बिरादरियों के लोगों से मिलेंगे।
भाजपा नेता पंजाब में डेरों से जुड़े प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे जबकि विभिन्न डेरों व धार्मिक स्थलों के दर्शन कर संतों-महापुरुषों का आशीर्वाद भी लेंगे। वे लोगों के बीच जाकर केंद्र सरकार की उपलब्धियों की चर्चा तो करेंगे, साथ ही पंजाब सरकार को निशाने पर ले सूबे में आप सरकार की विभिन्न मुद्दों पर घेराबंदी भी करेंगे।
यह मंत्री पंजाबियों को बताएंगे कि किस तरह पंजाब की तरक्की के लिए डबल इंजन सरकार जरूरी है। इसके लिए राज्य में राष्ट्रीय आउटरीच (जनसंपर्क) अभियान भी शुरू किया जाएगा।
उधर, हरियाणा के सीएम नायब सैनी के भी विभिन्न दौरे जारी रहेंगे। सीएम सैनी के दौरे कहां-कहां होंगे, इसकी रूपरेखा भी हाईकमान तय कर रहा है। सीएम सैनी की सक्रियता पंजाब में इसलिए खासा प्रभाव डालेगी क्योंकि हरियाणा सूबा पंजाब से बिल्कुल सटा हुआ है और हरियाणा में अभी भाजपा सरकार का शासन है।