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कांग्रेस में बगावत: वड़िंग पर कुर्सी छोड़ने का दबाव, हाईकमान की चुप्पी से नाराजगी; पंजाब में स्थिति चिंताजनक

Sun, 02 Aug 2026 02:44 PM IST
Sharukh Khan मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Sharukh Khan Updated Sun, 02 Aug 2026 02:44 PM IST
सार

पंजाब कांग्रेस में बगावत में जारी है। प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर कुर्सी छोड़ने का दबाव है। हाईकमान की चुप्पी से नाराजगी बढ़ी है। संगरूर और पटियाला में कांग्रेसी वर्करों के टकराव के बाद पंजाब कांग्रेस की स्थिति चिंताजनक बनी है।

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Punjab Congress Rift Deepens: Pressure Mounts on Amarinder Singh Raja Warring Amid Growing Rebellion
Punjab Congress Rift - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पंजाब कांग्रेस में बगावत बढ़ती जा रही है। प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व पर छिड़ा विवाद और विरोध अब बैठकों से निकलकर पार्टी के सार्वजनिक कार्यक्रमों तक पहुंच गया है। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी गुट के समर्थकों ने वड़िंग के खिलाफ खुला मोर्चा छेड़ दिया है। इसके चलते वड़िंग पर अब कुर्सी छोड़ने का दबाव बढ़ गया है। उधर, इस बगावत पर हाईकमान की चुप्पी से भी चन्नी गुट के नेताओं की नाराजगी और बढ़ गई है।
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इस पूरे प्रकरण में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल की स्थिति भी असहज हो गई है क्योंकि नाराज नेताओं की नाराजगी दूर किए बिना ही उन्होंने नौ दिन का चुनाव अभियान हर बूथ-कांग्रेस मजबूत शुरू कर दिया है। 31 जुलाई को शुरू हुए इस अभियान के पहले दिन ही पूर्व सीएम चन्नी समेत उनके गुट के वरिष्ठ नेताओं ने इस कार्यक्रम से किनारा कर लिया था। दूसरे दिन ये कार्यक्रम पटियाला और संगरूर में आयोजित हुआ मगर वहां वो हुआ जिसकी अपेक्षा कांग्रेस को बिल्कुल नहीं थी।
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वड़िंग और बघेल के सामने चन्नी गुट के समर्थकों ने चन्नी के जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए जबकि संगरूर में तो वड़िंग और चन्नी गुट के समर्थक भिड़ गए और उनमें कुर्सियां तक चलीं। पार्टी सूत्र बताते हैं कि दोनों जिलों में हंगामे की सूचना राहुल गांधी तक पहुंच गई है और पंजाब के कांग्रेसी अब इस बगावत के बीच हाईकमान के फैसले व हस्तक्षेप का इंतजार कर रहे हैं।

कार्यक्रमों की टाइमिंग पर सवाल
कांग्रेस की ओर से पंजाब में चुनावी अभियान शुरू करने की टाइमिंग पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। चन्नी गुट के कुछ वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि हाईकमान इस बगावत से भली भांति परिचित है। इस विवाद को खत्म किए बिना आखिरकार चुनावी अभियान क्यों शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में संसद का सत्र चल रहा है। पंजाब से कांग्रेसी सांसद वहां व्यस्त हैं। 
 
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3 अगस्त से पंजाब का मानसून सत्र शुरू होने वाला है, बगावत शांत नहीं हुई है और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता इन कार्यक्रमों से किनारा कर रहे हैं, ऐसे में अभी इस चुनावी अभियान को शुरू करने की जल्दबाजी की वजह क्या है ? एक नेता ने बताया कि पंजाब में चुनावी अभियान की शुरुआत एक प्रस्तावित बस यात्रा से होनी थी, जिसे राहुल गांधी ने हरी झंडी दिखानी थी। उसके बजाय प्रभारी बघेल ने अपना ही अभियान शुरू कर दिया है।

निलंबित पूर्व विधायक से मिले चन्नी
बगावत के बीच हाल ही में अनुशासनहीनता के चलते कांग्रेस ने पूर्व विधायक मदनलाल जलालपुर को निलंबित कर दिया था। शनिवार को पूर्व सीएम चन्नी पटियाला उनके घर पहुंच गए। हालांकि पटियाला में ही कांग्रेस का चुनावी अभियान संबंधी कार्यक्रम चल रहा था मगर चन्नी वहां न जाकर जलालपुर से मिलने पहुंचे। उन्होंने जलालपुर को आश्वासन दिया कि कांग्रेस उनके साथ है और सभी मिलकर पंजाब में काम करेंगे।

 

ढिल्लों बोले- भाजपा में जो आए सो राजी होकर जाए
इस गुटबाजी के बीच भाजपा और आम आदमी पार्टी की निगाहें कांग्रेसी नेताओं पर टिकी हैं। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आज नाराज नेताओं को भाजपा में आने का ऑफर देते हुए कहा- भाजपा में जो आए सो राजी होकर जाए। अध्यक्ष ढिल्लों खुद लंबे समय तक कांग्रेस में रह चुके हैं। ढिल्लों ने कहा कि कांग्रेसी इस वक्त पंजाब की जनता के हकों के लिए नहीं बल्कि कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं। चन्नी भाजपा में शामिल हो सकते हैं, इस सवाल पर ढिल्लों ने कहा कि यह तो चन्नी ही बताएंगे मगर जिनकी सोच भाजपा की विचारधारा से मिलती है, उनका पार्टी में स्वागत है।

 

सीएम का फैसला चुनाव के बाद हाईकमान करेगाः बघेल
कांग्रेस के महासचिव और पंजाब इंचार्ज भूपेश बघेल ने कहा है कि पार्टी हाईकमान पंजाब विधानसभा चुनावों के बाद ही पार्टी के मुख्यमंत्री चोहरे और मंत्रियों के बारे में फैसला करेगी। बघेल ने कहा कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी यह पक्का करना है कि कांग्रेस पंजाब में सत्ता में वापस आए, साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि चुनाव से पहले सीएम का चेहरा नहीं चुना जाएगा। बघेल ने कहा कि पार्टी के अंदर मतभेद होना आम बात है, लेकिन कार्यकर्ताओं को एकजुट रहना चाहिए।

 

जल्द ही एक फ्रेम में दिखेंगे सभी वरिष्ठ नेता: वड़िंग 
वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस में भले ही इस समय एक परिवार की तरह कुछ अंदरूनी मतभेद हैं, लेकिन जल्द ही सभी वरिष्ठ नेता एक ही फ्रेम में नजर आएंगे। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पंजाब चुनाव में कांग्रेस पंजाब में बड़े अंतर से जीत दर्ज करेगी। वहीं, पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने सभी से एकजुटता बनाए रखने की अपील की है। चन्नी ने पार्टी नेतृत्व से आग्रह किया है कि यह कांग्रेस के निष्ठावान और समर्पित नेताओं तथा कार्यकर्ताओं की अनदेखी न करें।
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