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बारिश ने खोली निगम की पोल: 40 मिनट में शहर डूबा, सड़कें बनीं नाले, घरों में घुसा पानी
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चंडीगढ़। मंगलवार को हुई तेज बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। सुबह एक घंटे में 22.4 एमएम और शाम को महज 40 मिनट में 44.2 एमएम बारिश हुई। शाम की बारिश के बाद शहर की कई सड़कें नाले की तरह बहती नजर आईं। शाम सात बजे तक कई मार्गों पर पानी जमा रहा। जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम हो गया और करीब तीन दर्जन वाहन पानी में बंद हो गए। इनमें दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहन शामिल रहे। जाम में फंसे लोग डेढ़ से दो घंटे तक परेशान रहे।
बारिश ने नगर निगम और प्रशासन की रोड गलियों और स्टॉर्म वाटर सिस्टम की क्षमता पर भी सवाल खड़े कर दिए। सेक्टर-15डी के कई मकानों में पानी घुस गया। सेक्टर-14 स्थित पीयू के मकान भी जलभराव से प्रभावित रहे। सेक्टर-38 की ऊन मार्केट की दुकानों और आसपास के करीब दो दर्जन मकानों में पानी भर गया। मलोया और डड्डूमाजरा गांव व कॉलोनी में भी कई घरों तक पानी पहुंच गया।
सेक्टर-7 की कई कोठियों, सेक्टर-22 की शास्त्री मार्केट और सेक्टर-15 की पटेल मार्केट में भी पानी भर गया। सेक्टर-19 पालिका मार्केट में करीब डेढ़ फुट पानी जमा हो गया। इससे दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा।
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चीफ इंजीनियर सड़कों पर निकले
तेज बारिश के दौरान शहर की वी-1 से वी-6 तक कई सड़कों पर पानी नाले की तरह बहता रहा। 24-25, 14-25, 24-37, 36-37, 40-41, 38-40, 17-18, 22-17, 23-24, 35-34, 22-23, 21-22, 33-34, 34-44, 33-45, 32-46, 45-46 और 44-45 समेत कई सड़कों पर जलभराव रहा। सेंट्रल वर्ज तक पानी पहुंच गया। रोड गलियां बंद होने से पानी की निकासी प्रभावित हुई।
ट्रैफिक लाइट चलती रहीं, पुलिसकर्मी नहीं दिखे
जलभराव के बीच कई प्रमुख चौकों पर ट्रैफिक लाइट चलती रहीं, जिससे दोनों तरफ का यातायात बारी-बारी से चलता रहा और जाम बढ़ता गया। सेक्टर-24/25, 37/38, 14/15, 36/37, 21/22, 34/35, 17/18, 16/17, 23/22, 40/41 और 42/41 समेत कई लाइट प्वाइंट पर पानी जमा रहा। अमर उजाला संवाददाता ने शाम छह से रात 8:30 बजे तक दोपहिया वाहन से इन मार्गों का जायजा लिया। इस दौरान कई प्रमुख लाइट प्वाइंट पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी नजर नहीं आए। जाम में फंसे लोग व्यवस्था को लेकर नाराज दिखे। एक किलोमीटर का सफर तय करने में 20 से 25 मिनट तक लगे।
कम समय में अधिक बारिश हुई। एनचौ और सुखना चौ के उफान पर होने से स्टॉर्म वाटर लाइन पानी नहीं उठा सकी। बारिश रुकने के करीब 20 मिनट बाद कई सड़कों से पानी उतर गया। उन्होंने बताया कि शहर का स्टॉर्म वाटर सिस्टम 15 से 20 एमएम बारिश के लिए डिजाइन है। जिन सड़कों पर ज्यादा पानी जमा हुआ, वहां की रोड गलियों की जांच करवाई जाएगी। -संजय अरोड़ा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
40 मिनट में अधिक बारिश होने से सड़कों पर पानी भर गया। एनचौ और सुखना चौ का जलस्तर नीचे आने के बाद पानी उतर गया। बारिश के दौरान ही प्रभावित सड़कों की रोड गलियों से मिट्टी निकलवाई गई। -सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, प्रशासन
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बारिश ने नगर निगम और प्रशासन की रोड गलियों और स्टॉर्म वाटर सिस्टम की क्षमता पर भी सवाल खड़े कर दिए। सेक्टर-15डी के कई मकानों में पानी घुस गया। सेक्टर-14 स्थित पीयू के मकान भी जलभराव से प्रभावित रहे। सेक्टर-38 की ऊन मार्केट की दुकानों और आसपास के करीब दो दर्जन मकानों में पानी भर गया। मलोया और डड्डूमाजरा गांव व कॉलोनी में भी कई घरों तक पानी पहुंच गया।
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सेक्टर-7 की कई कोठियों, सेक्टर-22 की शास्त्री मार्केट और सेक्टर-15 की पटेल मार्केट में भी पानी भर गया। सेक्टर-19 पालिका मार्केट में करीब डेढ़ फुट पानी जमा हो गया। इससे दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा।
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चीफ इंजीनियर सड़कों पर निकले
तेज बारिश के दौरान शहर की वी-1 से वी-6 तक कई सड़कों पर पानी नाले की तरह बहता रहा। 24-25, 14-25, 24-37, 36-37, 40-41, 38-40, 17-18, 22-17, 23-24, 35-34, 22-23, 21-22, 33-34, 34-44, 33-45, 32-46, 45-46 और 44-45 समेत कई सड़कों पर जलभराव रहा। सेंट्रल वर्ज तक पानी पहुंच गया। रोड गलियां बंद होने से पानी की निकासी प्रभावित हुई।
ट्रैफिक लाइट चलती रहीं, पुलिसकर्मी नहीं दिखे
जलभराव के बीच कई प्रमुख चौकों पर ट्रैफिक लाइट चलती रहीं, जिससे दोनों तरफ का यातायात बारी-बारी से चलता रहा और जाम बढ़ता गया। सेक्टर-24/25, 37/38, 14/15, 36/37, 21/22, 34/35, 17/18, 16/17, 23/22, 40/41 और 42/41 समेत कई लाइट प्वाइंट पर पानी जमा रहा। अमर उजाला संवाददाता ने शाम छह से रात 8:30 बजे तक दोपहिया वाहन से इन मार्गों का जायजा लिया। इस दौरान कई प्रमुख लाइट प्वाइंट पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी नजर नहीं आए। जाम में फंसे लोग व्यवस्था को लेकर नाराज दिखे। एक किलोमीटर का सफर तय करने में 20 से 25 मिनट तक लगे।
कम समय में अधिक बारिश हुई। एनचौ और सुखना चौ के उफान पर होने से स्टॉर्म वाटर लाइन पानी नहीं उठा सकी। बारिश रुकने के करीब 20 मिनट बाद कई सड़कों से पानी उतर गया। उन्होंने बताया कि शहर का स्टॉर्म वाटर सिस्टम 15 से 20 एमएम बारिश के लिए डिजाइन है। जिन सड़कों पर ज्यादा पानी जमा हुआ, वहां की रोड गलियों की जांच करवाई जाएगी। -संजय अरोड़ा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
40 मिनट में अधिक बारिश होने से सड़कों पर पानी भर गया। एनचौ और सुखना चौ का जलस्तर नीचे आने के बाद पानी उतर गया। बारिश के दौरान ही प्रभावित सड़कों की रोड गलियों से मिट्टी निकलवाई गई। -सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, प्रशासन