{"_id":"69f26f9c2f082d8a29074fd4","slug":"supreme-court-takes-a-tough-stand-on-street-vendor-case-displeased-with-corporations-affidavit-chandigarh-news-c-16-pkl1049-1007689-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: स्ट्रीट वेंडर मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, निगम के हलफनामे पर नाराजगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: स्ट्रीट वेंडर मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, निगम के हलफनामे पर नाराजगी
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ के स्ट्रीट वेंडरों से जुड़े मामले में नगर निगम और संबंधित अधिकारियों के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि नगर निगम कमिश्नर की ओर से दाखिल हलफनामा अस्पष्ट है और इसमें जमीनी हकीकत, अदालत के आदेशों के पालन और कानूनी प्रावधानों पर हुई कार्रवाई का सही विवरण नहीं दिया गया।
मामले की सुनवाई 27 अप्रैल को हुई, जिसमें कोर्ट ने अधिकारियों को अंतिम अवसर देते हुए दो दिन के भीतर विस्तृत और व्यापक हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए। अदालत ने चेतावनी दी कि आदेशों के पालन में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 5 मई को तय की गई है।
यह मामला मलकित सिंह एवं अन्य बनाम यूटी चंडीगढ़ एवं अन्य शीर्षक से लंबित है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के तहत गठित अपीलीय प्राधिकरण को लंबित सभी आवेदनों का जल्द निपटारा करने के निर्देश भी दिए और कहा कि अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट ने नगर निगम कमिश्नर को स्टेटस रिपोर्ट सहित विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा था, लेकिन 28 अप्रैल तक कोई नया हलफनामा दाखिल नहीं किया गया। इस संबंध में असिस्टेंट रजिस्ट्रार की ओर से ऑफिस रिपोर्ट भी रिकॉर्ड पर रखी गई है। इससे पहले 9 अप्रैल की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कानून के अनुसार हो सकती है, लेकिन वेंडरों को दूसरी जगह शिफ्ट करने से उनका ग्राहक आधार प्रभावित होता है। ऐसे में प्रशासन को जागरूकता अभियान चलाकर नई वेंडिंग साइट्स की जानकारी लोगों तक पहुंचानी चाहिए।
Trending Videos
मामले की सुनवाई 27 अप्रैल को हुई, जिसमें कोर्ट ने अधिकारियों को अंतिम अवसर देते हुए दो दिन के भीतर विस्तृत और व्यापक हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए। अदालत ने चेतावनी दी कि आदेशों के पालन में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 5 मई को तय की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह मामला मलकित सिंह एवं अन्य बनाम यूटी चंडीगढ़ एवं अन्य शीर्षक से लंबित है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के तहत गठित अपीलीय प्राधिकरण को लंबित सभी आवेदनों का जल्द निपटारा करने के निर्देश भी दिए और कहा कि अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट ने नगर निगम कमिश्नर को स्टेटस रिपोर्ट सहित विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा था, लेकिन 28 अप्रैल तक कोई नया हलफनामा दाखिल नहीं किया गया। इस संबंध में असिस्टेंट रजिस्ट्रार की ओर से ऑफिस रिपोर्ट भी रिकॉर्ड पर रखी गई है। इससे पहले 9 अप्रैल की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कानून के अनुसार हो सकती है, लेकिन वेंडरों को दूसरी जगह शिफ्ट करने से उनका ग्राहक आधार प्रभावित होता है। ऐसे में प्रशासन को जागरूकता अभियान चलाकर नई वेंडिंग साइट्स की जानकारी लोगों तक पहुंचानी चाहिए।
