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सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड: गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई और सचिन का बनाया फर्जी पासपोर्ट, पकड़े गए दो शातिर
Fri, 08 Aug 2025 01:23 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Updated Fri, 08 Aug 2025 01:23 PM IST
सार
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल गैंगस्टरों को विदेश भगाने में पकड़े गए दोनों आरोपियों का अहम रोल रहा है।। इसके अलावा 78 लाख की ठगी मामले में भी पुलिस इनकी तलाश कर रही थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई और सचिन थापर का फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर विदेश भेजने के नाम पर कैथल के एक परिवार से 78 लाख की ठगने का आरोप है। सेक्टर-34 थाना पुलिस ने पंजाब के कपूरथला के बाबा नामदेव कॉलोनी के रहने वाले हरमीत सिंह उर्फ टिटू चंद और दिल्ली के रानी बाग निवासी अरजीत कुमार उर्फ टोनी उर्फ पाजी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने वीरवार को दोनों को अदालत में पेशकर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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पुलिस के अनुसार इन दोनों आरोपियों ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल अनमोल बिश्नोई और सचिन थापर के लिए फर्जी पासपोर्ट बनाए थे जिसके बाद ये दोनों विदेश भागने में सफल रहे। यह खुलासा पुलिस की पूछताछ में हुआ है। इन्होंने कैथल के रहने वाले मनजीत सिंह और उनके रिश्तेदारों को ग्रीस भेजने का वादा करके उनसे 78 लाख ठग लिए। मनजीत सिंह ने पुलिस को बताया कि चंडीगढ़ सेक्टर-34ए में गुरु टूर एंड ट्रैवल्स एजेंसी चलाने वाले हरमीत सिंह ने उनसे संपर्क किया था। उन्होंने उसे व उसके परिवार से अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए। इसमें हरमीत सिंह, अरजीत कुमार और अनुराग मल्हा के बैंक खाते शामिल थे।
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फर्जी दस्तावेजों और वीजा का खुलासा
आरोपियों ने मनजीत सिंह को फर्जी वीजा और डमी टिकट थमा दिया। जब मनजीत और उसके परिवार के सदस्य 19 सितंबर 2022 को हवाईअड्डे पर पहुंचे तो इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनके वीजा को फर्जी बताकर उन्हें यात्रा करने से रोक दिया। इसके बाद जब मनजीत सिंह ने हरमीत सिंह से संपर्क करने की कोशिश की तो पता चला कि हरमीत अपना दफ्तर खाली कर चुका था। आरोपी बाद में मनजीत सिंह को धमकाने भी लगे।
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आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी पहले भी कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। अरजीत कुमार के खिलाफ पहले से ही 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं जबकि हरमीत सिंह के खिलाफ 5 मामले दर्ज हैं। हरमीत सिंह फर्जी पासपोर्ट, वीजा, आधार कार्ड, वोटर आईडी व अन्य शैक्षिक प्रमाणपत्र बनाने में माहिर है, जबकि अरजीत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर धोखाधड़ी का काम करता है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अरजीत कुमार को दिल्ली स्पेशल सेल पहले भी गिरफ्तार कर चुकी है। वह फिलहाल जमानत पर बाहर था।