{"_id":"6a1fb7fc0a83762f9a0e72b9","slug":"world-bicycle-day-one-has-been-riding-daily-for-1489-days-another-made-it-lifestyle-chandigarh-cycling-heros-2026-06-03","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वर्ल्ड साइकिल डे: कोई 1489 दिन से रोज चला रहा, किसी ने बनाया लाइफस्टाइल; चंडीगढ़ के साइकिल हीरोज की कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वर्ल्ड साइकिल डे: कोई 1489 दिन से रोज चला रहा, किसी ने बनाया लाइफस्टाइल; चंडीगढ़ के साइकिल हीरोज की कहानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Wed, 03 Jun 2026 10:45 AM IST
विज्ञापन
सार
चंडीगढ़ में सुबह जब शहर की सड़कें वाहनों के शोर से भरने लगती हैं तब कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनके लिए दिन की शुरुआत इंजन की आवाज से नहीं बल्कि साइकिल के पैडल से होती है।
अमित गर्ग, अक्षत और रूपेश बाली
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
ट्राइसिटी में ऐसे कई साइकिल प्रेमी हैं जिन्होंने साइकिल को सिर्फ फिटनेस का साधन नहीं बल्कि अपनी पहचान और जीवनशैली बना लिया है। कोई लगातार हजारों दिनों से साइकिल चला रहा है तो किसी ने कार होने के बावजूद साइकिल को अपनी पहली पसंद बना लिया है। विश्व साइकिल दिवस पर ऐसे ही साइकिल हीरो स्वस्थ जीवन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं।
Trending Videos
पिता के अंतिम संस्कार वाले दिन भी नहीं टूटी साइक्लिंग की लय
जीरकपुर के 55 वर्षीय रूपेश कुमार बाली की कहानी सबसे अलग है। एयरफोर्स से सेवानिवृत्त बाली पिछले 1489 दिनों से लगातार प्रतिदिन 100 किलोमीटर साइकिल चला रहे हैं। अब तक वह 1 लाख 84 हजार 217 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर चुके हैं।बाली ने कहा उन्होंने कभी चाय या कॉफी तक नहीं पी लेकिन साइक्लिंग का जुनून ऐसा है कि दिन की शुरुआत और अंत उसी के साथ होता है। पिछले वर्ष पिता के निधन के दिन भी अंतिम संस्कार से लौटने के बाद उन्होंने अपना 100 किलोमीटर का लक्ष्य पूरा किया। उनका मानना है कि लक्ष्य में निरंतरता ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उनकी पहली तनख्वाह से खरीदी गई साइकिल आज भी उनकी सबसे प्यारी यादों में शामिल है।