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यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को जमानत नहीं: हाईकोर्ट ने कहा-जासूसी का आरोप देश की अखंडता से जुड़ा मामला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Wed, 11 Mar 2026 10:21 AM IST
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सार

जस्टिस सूर्य प्रताप सिंह की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं और जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत सामग्री से प्रथम दृष्टया आरोपों का समर्थन होता है।

YouTuber Jyoti Malhotra denied bail High Court says espionage charge serious
Jyoti Malhotra - फोटो : facebook @TravelWithJo
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विस्तार

पाकिस्तान को संवेदनशील जानकारी भेजने की आरोपी हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को जमानत देने से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोप देश की संप्रभुता व अखंडता से जुड़े हैं।

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मामले की गंभीरता और उपलब्ध प्रथम दृष्टया साक्ष्यों को देखते हुए उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि जहां देश की संप्रभुता व अखंडता का मामला हो वहां जमानत से पहले अत्यधिक सावधानी बरतना आवश्यक है।
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हिसार सिविल लाइन थाना में 16 मई 2025 को दर्ज एफआईआर में ज्योति रानी पर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम सहित अन्य धाराएं जोड़ी गई थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि ज्योति रानी, जो ‘ट्रैवल-विद-जो’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाती है, पाकिस्तान की यात्रा के दौरान दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के एक अधिकारी के संपर्क में आई थी। 

पुलिस के अनुसार उक्त अधिकारी की पहचान एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश के रूप में हुई, जिससे याचिकाकर्ता का मोबाइल के माध्यम से संपर्क रहा। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस संपर्क के माध्यम से संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान की आशंका सामने आई। पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले में एकत्र साक्ष्य इस ओर संकेत करते हैं कि याचिकाकर्ता का संपर्क ऐसे व्यक्ति से था जो पड़ोसी देश से जुड़ा हुआ था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।

राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और जांच अभी महत्वपूर्ण चरण में है। जस्टिस सूर्य प्रताप सिंह की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं और जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत सामग्री से प्रथम दृष्टया आरोपों का समर्थन होता है।

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