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छत्तीसगढ़ के 62 शालाओं को मिलेंगे नए भवन: स्कूल शिक्षा विभाग ने 7.22 करोड़ रुपये की दी प्रशासकीय स्वीकृति

अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Wed, 04 Feb 2026 12:27 PM IST
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सार

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत प्रदेश की कुल 62 शालाओं में नवीन स्कूल भवन निर्माण के लिए 7 करोड़ 22 लाख 56 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

62 schools get new building Education Department gives administrative approval for Rs 7.22 crore in Cg
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में स्कूली अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत प्रदेश की कुल 62 शालाओं में नवीन स्कूल भवन निर्माण के लिए 7 करोड़ 22 लाख 56 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शिक्षा की सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
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पूर्व माध्यमिक और प्राथमिक शालाओं को लाभ
स्वीकृत राशि में से 30 पूर्व माध्यमिक शालाओं के लिए 3 करोड़ 55 लाख रुपए तथा 32 प्राथमिक शालाओं के लिए 3 करोड़ 67 लाख रुपए शामिल हैं। प्रत्येक पूर्व माध्यमिक शाला के भवन निर्माण के लिए 11.84 लाख रुपए और प्रत्येक प्राथमिक शाला के लिए 11.48 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है।
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इन जिलों में बनेंगे नए पूर्व माध्यमिक स्कूल भवन
नए भवनों का निर्माण जशपुर, कोण्डागांव, बीजापुर, बस्तर, कांकेर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कोरबा, सूरजपुर और सरगुजा जिलों के विभिन्न विकासखंडों में किया जाएगा। जशपुर जिले के मनोरा, कुनकुरी, पत्थलगांव और कांसाबेल विकासखंडों सहित कोण्डागांव, माकड़ी, केशकाल, भोपालपटनम, भैरमगढ़, बस्तानार, बकावंड, नरहरपुर, अंतागढ़, छिंदगढ़, गीदम, सीतामणी, प्रतापपुर, मैनपुर और लुण्ड्रा क्षेत्रों की शालाएं इस योजना में शामिल हैं।

32 प्राथमिक शालाओं को भी मिलेगा नया भवन
प्राथमिक शालाओं के भवन निर्माण की स्वीकृति जशपुर, मनेन्द्रगढ़-भरतपुर, कोण्डागांव, कांकेर, सुकमा, बीजापुर, बस्तर, गरियाबंद, सूरजपुर, कोरबा, बलरामपुर और रायगढ़ जिलों के अंतर्गत दी गई है। इनमें आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों की शालाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं, जहां लंबे समय से आधारभूत सुविधाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

भूमि आबंटन के बाद शुरू होगी निविदा प्रक्रिया
शासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि संबंधित शालाओं को भूमि आबंटन के बाद भवन निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और व्यय का पूरा विवरण विभाग को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। नए स्कूल भवनों के निर्माण से विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति बहुल और दूरस्थ क्षेत्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा। इससे न केवल विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ेगी, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आने की उम्मीद है।
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