फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   A major initiative to resolve Mahanadi dispute, Chhattisgarh and Odisha came together on one platform in Delhi

Chhattisgarh News: महानदी विवाद सुलझाने की बड़ी पहल, दिल्ली में एक मंच पर आए छत्तीसगढ़ और ओडिशा

Thu, 30 Jul 2026 08:32 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Thu, 30 Jul 2026 08:32 PM IST
सार

नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की पहल पर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच महानदी जल बंटवारे को लेकर अहम बैठक हुई। बैठक में दोनों राज्यों ने संवाद और आपसी सहयोग के जरिए स्थायी समाधान निकालने पर सहमति जताई।

विज्ञापन
A major initiative to resolve Mahanadi dispute, Chhattisgarh and Odisha came together on one platform in Delhi
छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच नई दिल्ली में हुई बैठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महानदी जल विवाद के समाधान की दिशा में गुरुवार को नई दिल्ली में अहम पहल हुई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों समेत दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में जल बंटवारे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई और आपसी संवाद के माध्यम से स्थायी एवं व्यावहारिक समाधान तलाशने पर जोर दिया गया।
विज्ञापन


नई दिल्ली स्थित श्रमशक्ति भवन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच महानदी जल बंटवारे को लेकर बैठक आयोजित हुई। इसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू तथा दोनों राज्यों के वरिष्ठ प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन


बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महानदी दोनों राज्यों की साझा जीवनरेखा है। इसका पानी किसानों, पेयजल व्यवस्था, उद्योग, पर्यावरण और भविष्य की जरूरतों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस मुद्दे को विवाद नहीं, बल्कि आपसी सहयोग से समाधान निकालने का अवसर मानती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ओडिशा की सिंचाई, पेयजल और हीराकुंड परियोजना की जरूरतों का सम्मान करता है। साथ ही छत्तीसगढ़ के किसानों, आदिवासी क्षेत्रों और भविष्य की विकास योजनाओं को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाधान ऐसा हो जिससे दोनों राज्यों के हित सुरक्षित रहें।

बैठक में वैज्ञानिक आंकड़ों और तकनीकी अध्ययन के आधार पर भविष्य की जल प्रबंधन व्यवस्था तैयार करने पर भी चर्चा हुई। कम वर्षा वाले वर्षों के लिए साझा जल प्रबंधन प्रणाली विकसित करने और जल उपलब्धता की नियमित समीक्षा के लिए स्थायी संस्थागत व्यवस्था बनाने का सुझाव भी रखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर अधिकतर मुद्दों का समाधान आपसी समन्वय से किया जाए, जबकि केवल महत्वपूर्ण नीतिगत मामलों को मंत्रिस्तरीय स्तर पर लाया जाए। उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय जल आयोग से निष्पक्ष तकनीकी सहयोग तथा समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कराने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।


बैठक में दोनों राज्यों के अधिकारियों ने भी विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की। उम्मीद जताई गई कि लगातार संवाद और सहयोग से महानदी जल बंटवारे का स्थायी और सभी पक्षों के हित में समाधान निकाला जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed