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Chhattisgarh: भाटापारा में सट्टा कारोबार के खिलाफ कार्रवाई अधूरी, बड़े रसूखदार अब भी फरार
अमर उजाला नेटवर्क, भाटापारा
Published by: श्याम जी.
Updated Mon, 28 Apr 2025 02:59 PM IST
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सार
भाटापारा में सट्टा कारोबार पर साइबर सेल की कार्रवाई के बावजूद बड़े खाईवाल फरार हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। एसपी से जनता को सट्टा कारोबार पर निर्णायक कार्रवाई की उम्मीद है।
Crime demo
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का भाटापारा जिसे 'मिनी बॉम्बे' कहा जाता है, एक बार फिर सट्टा बाजार के केंद्र के रूप में सुर्खियों में है। नौ अप्रैल को जिला साइबर सेल ने दिल्ली से 10 सटोरियों को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में सिम कार्ड, बैंक पासबुक, लैपटॉप और करोड़ों रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ था।
पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में गहन जांच का आश्वासन दिया था, जिससे शहर के बड़े खाईवालों और रसूखदारों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद जगी थी। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में गिरफ्तारी के बाद भाटापारा के कई बड़े सटोरिए शहर छोड़कर फरार हो गए। नौ अप्रैल के बाद से पुलिस ने किसी अन्य प्रमुख खाईवाल के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
सूत्रों का दावा है कि फरार सटोरियों के नाम पुलिस की सूची में हैं, फिर भी उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इससे जनता में सवाल उठ रहे हैं कि क्या पुलिस इन रसूखदारों को पकड़ने में असमर्थ है या इच्छाशक्ति की कमी है। हाल ही में नियुक्त नई एसपी से लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं। जनता को भरोसा है कि नई पुलिस कप्तान सट्टा कारोबार की जड़ों तक पहुंचकर बड़े सटोरियों को बेनकाब करेंगी। अब यह देखना बाकी है कि भाटापारा में सट्टा कारोबार पर निर्णायक कार्रवाई कब होगी, या यह मामला समय के साथ ठंडा पड़ जाएगा।
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पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में गहन जांच का आश्वासन दिया था, जिससे शहर के बड़े खाईवालों और रसूखदारों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद जगी थी। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में गिरफ्तारी के बाद भाटापारा के कई बड़े सटोरिए शहर छोड़कर फरार हो गए। नौ अप्रैल के बाद से पुलिस ने किसी अन्य प्रमुख खाईवाल के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
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सूत्रों का दावा है कि फरार सटोरियों के नाम पुलिस की सूची में हैं, फिर भी उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इससे जनता में सवाल उठ रहे हैं कि क्या पुलिस इन रसूखदारों को पकड़ने में असमर्थ है या इच्छाशक्ति की कमी है। हाल ही में नियुक्त नई एसपी से लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं। जनता को भरोसा है कि नई पुलिस कप्तान सट्टा कारोबार की जड़ों तक पहुंचकर बड़े सटोरियों को बेनकाब करेंगी। अब यह देखना बाकी है कि भाटापारा में सट्टा कारोबार पर निर्णायक कार्रवाई कब होगी, या यह मामला समय के साथ ठंडा पड़ जाएगा।