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अंबिकापुर : विधवा बहन का मकान तोड़े जाने पर बीजेपी नेता के इस्तीफे की खबर फर्जी, जिलाध्यक्ष ने कही ये बात

अमर उजाला नेटवर्क, अम्बिकापुर Published by: अंबिकापुर ब्यूरो Updated Fri, 10 Apr 2026 06:42 PM IST
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सार

सरगुजा जिला के मैनपाट क्षेत्र में विधवा महिला का मकान तोड़े जाने के मामले को लेकर भाजपा मंडल मैनपाट के मंडल महामंत्री गौतम पैकरा के कथित इस्तीफे का पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

Reports of BJP Leader Resigning Over Demolition of Widowed Sister House Are Fake District President Clarifies
कथित त्याग पत्र निकला फर्जी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अंबिकापुर के मैनपाट क्षेत्र में एक विधवा महिला का मकान तोड़े जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर भाजपा मंडल मैनपाट के मंडल महामंत्री गौतम पैकरा के कथित इस्तीफे का पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, भाजपा जिला अध्यक्ष ने इस त्यागपत्र को फर्जी बताया है।

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वायरल कथित त्यागपत्र में प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया गया था। पत्र में उल्लेख था कि मंडल महामंत्री की विधवा बहन ग्राम पंचायत रोपाखार में भूमि के एक हिस्से पर घर बनाकर रहती थी। उसे वन अधिकार पत्र भी प्राप्त था। खसरा नंबर में त्रुटि सुधार के लिए कलेक्टर कार्यालय में आवेदन दिया गया था। इसके बावजूद शिकायत के आधार पर तहसील प्रशासन ने महिला का मकान अवैध बताकर तोड़ दिया। कथित पत्र में यह भी कहा गया था कि मंडल महामंत्री वर्ष 1992 से पार्टी के प्रति निष्ठा से कार्य कर रहे थे। उन्हें प्रशासनिक और राजनीतिक सहयोग नहीं मिलने से आहत होकर इस्तीफा देने का निर्णय लिया । इसमें पद सहित सक्रिय और प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देने की बात थी।
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भाजपा जिला अध्यक्ष का स्पष्टीकरण
भाजपा सरगुजा जिला अध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने इस मामले पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि मंडल महामंत्री की बहन का मकान टूटने की घटना सही है। लेकिन, उनके द्वारा कोई इस्तीफा नहीं दिया गया है। सिसोदिया ने स्पष्ट किया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा नकली त्यागपत्र तैयार कर सोशल मीडिया में वायरल किया गया है। इस वायरल पत्र की कोई सत्यता नहीं है।

कथित त्यागपत्र में लगाए गए आरोप
कथित त्यागपत्र में प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। इसमें कहा गया था कि महिला को वन अधिकार पत्र मिलने के बावजूद उसका मकान तोड़ा गया। खसरा नंबर में सुधार के आवेदन पर भी ध्यान नहीं दिया गया। मंडल महामंत्री ने पार्टी के प्रति अपनी लंबी निष्ठा का भी हवाला दिया था। उन्होंने प्रशासनिक और राजनीतिक सहयोग न मिलने को इस्तीफे का कारण बताया था।

कथित त्याग पत्र निकला फर्जी

कथित त्याग पत्र निकला फर्जी

 

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