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Ambikapur: राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पहाड़ी कोरवा परिवारों को नहीं मिल रहा पूरा राशन, घोटाले की नई शिकायत?

अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा Published by: अंबिकापुर ब्यूरो Updated Thu, 09 Apr 2026 07:58 PM IST
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सार

लखनपुर विकासखंड की सार्वजनिक वितरण प्रणाली एक बार फिर अनियमितताओं के कारण चर्चा में है। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरवा जनजाति के परिवारों सहित कई ग्रामीणों को दो माह का पूरा राशन नहीं मिलने का मामला सामने आया है।

President's adopted sons Pahari Korwa families are not getting full ration last two month
नहीं मिल रहा राशन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सरगुजा जिला के लखनपुर विकासखंड की सार्वजनिक वितरण प्रणाली एक बार फिर अनियमितताओं को लेकर चर्चा में है। ग्राम तुनगूरी में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरवा जनजाति सहित कई ग्रामीणों को फरवरी और मार्च माह का पूरा राशन नहीं मिलने का मामला सामने आया है। राशन से वंचित रहने के कारण जनजाति के परिवारों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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ग्रामीणों ने उचित मूल्य दुकान संचालक पर आरोप लगाते हुए बताया कि फरवरी माह में निर्धारित 35 किलो चावल के स्थान पर केवल 10 किलो ही दिया गया, जबकि शेष 25 किलो राशन कार्ड में बकाया दर्शा दिया गया। वहीं मार्च माह में कई हितग्राहियों से फिंगरप्रिंट लेने के बावजूद राशन का वितरण नहीं किया गया। राशन मांगने पर संचालक द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत भी ग्रामीणों ने की है।
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ग्रामीणों का कहना है कि राशन नहीं मिलने से उन्हें जीविका चलाने के लिए जंगल से लकड़ी लाकर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। कई बार राशन वितरण को लेकर दुकान संचालक से विवाद की स्थिति भी बन चुकी है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पूर्व में शिकायत के बाद अधिकारी जांच के लिए पहुंचे थे, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई और अब तक संचालक पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

दिव्यांग भाइयों सहित कई हितग्राही प्रभावित
कोरवा जनजाति के सुखराम और बंधन, जो दोनों दिव्यांग हैं, सहित तिहारी बाई, बुधनी बाई और अन्य हितग्राहियों ने बताया कि फरवरी माह में 35 किलो के स्थान पर केवल 10 किलो राशन दिया गया। मार्च माह में फिंगरप्रिंट लगवाने के बावजूद राशन नहीं मिलने से उनके सामने खाद्यान्न संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

संचालक ने स्टॉक की कमी बताई वजह
इस संबंध में उचित मूल्य दुकान संचालक पुरुषोत्तम राजवाड़े ने बताया कि वे पिछले 18 माह से समिति का संचालन कर रहे हैं। उनके अनुसार समिति में पहले से 157 क्विंटल राशन का स्टॉक कम था तथा एक माह का राशन दुकान तक नहीं पहुंचने के कारण समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे हितग्राहियों को राशन वितरण कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल ग्रामीण प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि पहाड़ी कोरवा जनजाति सहित सभी हितग्राहियों को समय पर राशन उपलब्ध हो सके।

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