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Ambikapur: सरगुजिहा भाषा बोलने पर बच्चे को प्रवेश से रोका, निजी स्कूल पर एक लाख का जुर्माना; संचालन पर रोक
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
Published by: अंबिकापुर ब्यूरो
Updated Sat, 18 Apr 2026 07:54 PM IST
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सार
सरगुजा जिला के अंबिकापुर में भाषा के आधार पर एक चार वर्षीय बच्चे को स्कूल में प्रवेश देने से इंकार करने के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए चोपड़ापारा स्थित एक निजी विद्यालय पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
बच्चे को प्रवेश से रोका, निजी स्कूल पर एक लाख जुर्मानासंचालन पर रोक।
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विस्तार
सरगुजा जिला के अंबिकापुर में भाषा के आधार पर एक चार वर्षीय बच्चे को स्कूल में प्रवेश देने से इंकार करने के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए चोपड़ापारा स्थित एक निजी विद्यालय पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही स्कूल के संचालन को अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश में बताया गया है कि सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार माध्यमों के जरिए यह मामला सामने आया था। शिकायत में कहा गया था कि चोपड़ापारा स्थित स्वरंग किड्स एकेडमी (पेशागी एजुकेशन सोसायटी) ने एक बच्चे को केवल इस वजह से प्रवेश देने से मना कर दिया, क्योंकि वह हिंदी के बजाय स्थानीय सरगुजिहा भाषा में बातचीत करता था। बताया गया कि स्कूल प्रबंधन ने बच्चे के पिता से यह भी कहा था कि यहां बड़े परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं और शिक्षक बच्चे की भाषा समझ नहीं पा रहे हैं, इसलिए उसे प्रवेश नहीं दिया जा सकता।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा। जांच के दौरान यह सामने आया कि संबंधित विद्यालय बिना विभागीय मान्यता के संचालित किया जा रहा था। साथ ही विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने अपनी गलती स्वीकार भी की। इसके बाद वरिष्ठ प्राचार्य की अध्यक्षता में गठित जांच दल ने मौके पर जांच कर शिकायत को सही पाया और बिना मान्यता स्कूल संचालन की पुष्टि की। जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश में कहा है कि संस्था का यह कृत्य निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। इसी के तहत विद्यालय पर एक लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है।
