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छत्तीसगढ़: टांगी और खून के धब्बों ने खोला डबल मर्डर का राज, 16 गवाह-46 साक्ष्यों के बाद दो हत्यारों को उम्रकैद
Tue, 18 Aug 2026 07:30 PM IST
अंबिकापुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
Published by: अंबिकापुर ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2026 07:30 PM IST
सार
ग्राम कुम्हरता में हुए चर्चित पति-पत्नी हत्याकांड में अदालत ने करीब 10 महीने बाद अपना फैसला सुनाया है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, अंबिकापुर की अदालत ने मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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दोहरे हत्याकांड के दोनों आरोपी।
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हरता में हुए चर्चित पति-पत्नी हत्याकांड में अदालत ने करीब 10 महीने बाद अपना फैसला सुनाया है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, अंबिकापुर की अदालत ने मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले के बाद मृतक परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
मामला 22-23 अक्टूबर 2025 की दरमियानी रात का है। कुम्हरता घाधी में पति-पत्नी की हत्या कर दी गई थी। अगले दिन घटना की जानकारी मिलने पर दरिमा पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों के शव घर की परछी में मिले थे। जांच के दौरान घर से बकरियां गायब होने की बात भी सामने आई थी, जिसके बाद पुलिस ने कई पहलुओं पर जांच शुरू की।
टांगी और खून से सने कपड़ों ने खोले राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पम्पापुर निवासी करीमन मझवार (42) और जय श्याम (28) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल टांगी बरामद की गई। इसके अलावा घटना के समय पहने गए कपड़े भी जब्त किए गए, जिन पर खून के धब्बे मिले थे। पुलिस ने घटनास्थल से रक्तरंजित मिट्टी, सामान्य मिट्टी, मृतकों के कपड़े समेत कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाकर एफएसएल जांच के लिए भेजे। विवेचना पूरी करने के बाद 14 दिसंबर 2025 को न्यायालय में चालान पेश किया गया।
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16 गवाह और 46 साक्ष्यों से मजबूत हुआ केस
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 16 गवाहों और 46 महत्वपूर्ण आर्टिकल साक्ष्यों के जरिए अपना पक्ष रखा। परिस्थितिजन्य और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या का दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही मृतकों के उत्तराधिकारियों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिए जाने की अनुशंसा की गई है। मामले की विवेचना तत्कालीन दरिमा थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश खलखो ने की थी। उत्कृष्ट जांच के लिए आईजी सरगुजा रेंज दीपक झा ने विवेचक और सहयोगी पुलिसकर्मियों को पारितोषिक देने की घोषणा की है। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल ने भी पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना की।
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मामला 22-23 अक्टूबर 2025 की दरमियानी रात का है। कुम्हरता घाधी में पति-पत्नी की हत्या कर दी गई थी। अगले दिन घटना की जानकारी मिलने पर दरिमा पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों के शव घर की परछी में मिले थे। जांच के दौरान घर से बकरियां गायब होने की बात भी सामने आई थी, जिसके बाद पुलिस ने कई पहलुओं पर जांच शुरू की।
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टांगी और खून से सने कपड़ों ने खोले राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पम्पापुर निवासी करीमन मझवार (42) और जय श्याम (28) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल टांगी बरामद की गई। इसके अलावा घटना के समय पहने गए कपड़े भी जब्त किए गए, जिन पर खून के धब्बे मिले थे। पुलिस ने घटनास्थल से रक्तरंजित मिट्टी, सामान्य मिट्टी, मृतकों के कपड़े समेत कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाकर एफएसएल जांच के लिए भेजे। विवेचना पूरी करने के बाद 14 दिसंबर 2025 को न्यायालय में चालान पेश किया गया।
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16 गवाह और 46 साक्ष्यों से मजबूत हुआ केस
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 16 गवाहों और 46 महत्वपूर्ण आर्टिकल साक्ष्यों के जरिए अपना पक्ष रखा। परिस्थितिजन्य और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या का दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही मृतकों के उत्तराधिकारियों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिए जाने की अनुशंसा की गई है। मामले की विवेचना तत्कालीन दरिमा थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश खलखो ने की थी। उत्कृष्ट जांच के लिए आईजी सरगुजा रेंज दीपक झा ने विवेचक और सहयोगी पुलिसकर्मियों को पारितोषिक देने की घोषणा की है। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल ने भी पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना की।