CG: केंद्र की नीतियों के खिलाफ भाकपा का देशव्यापी आंदोलन, 1 सितंबर को दिल्ली में विशाल रैली
सूरजपुर में भाकपा नेता हरिद्वार सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन की जानकारी दी। 6 से 14 अगस्त तक पदयात्रा के बाद 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली होगी। पार्टी रोजगार, महंगाई, किसान और मजदूर मुद्दे उठाएगी।
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श्रमिक संगठन एटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता कामरेड हरिद्वार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की कथित गलत नीतियों के खिलाफ पार्टी ने देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि 6 अगस्त से 14 अगस्त तक राष्ट्रव्यापी पदयात्रा आयोजित कर गांव-गांव तक केंद्र सरकार की नीतियों और उनके प्रभावों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
पदयात्रा के समापन के बाद अब 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली आयोजित की जाएगी। भाकपा नेताओं के अनुसार, रैली में देशभर से किसान, मजदूर, छात्र और युवा बड़ी संख्या में शामिल होंगे और केंद्र सरकार के सामने रोजगार, महंगाई, किसानों की समस्याओं और श्रमिकों से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे।
कामरेड हरिद्वार सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश की अर्थव्यवस्था, विदेश नीति और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रबंधन में विफल रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय रुपये के लगातार कमजोर होने से महंगाई पर असर पड़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की साख को नुकसान पहुंच रहा है।
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भाकपा ने चार श्रम संहिताओं का भी विरोध किया। पार्टी का आरोप है कि श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़े 44 पुराने कानूनों को समाप्त कर फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट जैसी व्यवस्था लागू की गई है, जिससे कर्मचारियों के पेंशन, पीएफ, ग्रेच्युटी और स्वास्थ्य सुविधाओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
अग्निवीर योजना को लेकर भी भाकपा ने सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि चार साल की सेवा के बाद युवाओं के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है। पार्टी ने नियमित रोजगार और शहीदों के सम्मान में समानता की मांग उठाई।
किसानों के मुद्दे पर भाकपा ने उनकी उपज का उचित मूल्य देने की मांग की। पार्टी ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य देने की बात कही। वहीं, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस बल प्रयोग की भी पार्टी ने निंदा की।
भाकपा नेतृत्व ने कहा कि 1 सितंबर को देशभर से लाखों किसान, मजदूर, छात्र और युवा दिल्ली पहुंचकर अपने अधिकारों और मांगों को लेकर आवाज उठाएंगे। चर्चा के दौरान श्रमिक संगठन एटक के नेता कामरेड मनोज पांडे, महेंद्र सिंह, कुंज बिहारी यादव और अखलाक खान भी मौजूद रहे।