सरगुजा जिले के सीतापुर में सराफा कारोबारी से करीब एक करोड़ रुपये के सोने-चांदी के जेवरात से भरे बैग की उठाईगिरी के मामले में सरगुजा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सोमवार को पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल अंबिकापुर और सीतापुर पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन राज्यों में जांच के बाद वारदात से जुड़े संदिग्धों की पहचान की है। पुलिस ने ओडिशा के गंजाम जिले में एक संदिग्ध के घर दबिश देकर करीब 46 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। हालांकि, मामले में शामिल आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तलाश जारी है।
जानकारी के मुताबिक, सीतापुर निवासी अरुणदेव सोनी की हाईस्कूल के पास काशी विश्वनाथ ज्वेलर्स नाम से सराफा दुकान है। 26 जुलाई की सुबह करीब 11.30 बजे वह स्कूटी से जेवरात से भरा बैग लेकर दुकान पहुंचे थे। स्कूटी में बैग रखने के बाद जैसे ही वह दुकान का शटर खोलने लगे, उसी दौरान अज्ञात बदमाश बैग लेकर फरार हो गए। बैग में करीब एक करोड़ रुपये के सोने-चांदी के जेवर होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
500 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले
घटना की जांच के लिए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी के नेतृत्व में साइबर सेल और सीतापुर थाना पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल से लेकर बदमाशों के संभावित भागने के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में दो मोटरसाइकिलों पर चार संदिग्धों के भागने की जानकारी सामने आई।
पढ़ें: रायपुर के इस मंदिर में करें 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन, रूद्रेश्वर महादेव से लिपटे रहते थे नाग-नागिन
इसके बाद पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों और उनके संभावित रूट को ट्रेस करने के लिए सरगुजा के गेरसा से लेकर जशपुर के कांसाबेल, कुनकुरी और सिंगीबहार तक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच आगे बढ़ाते हुए झारखंड के कुरडेग, खैरनटोली और सिमडेगा तथा ओडिशा के सुंदरगढ़ सहित कई इलाकों के कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जांची गई। करीब 500 सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस ने दो संदिग्धों की पहचान की।
गंजाम में दस दिन चला तलाशी अभियान
पुलिस जांच में संदिग्धों की पहचान चांटी दास निवासी ग्राम सोर्डा और नागेश्वर राव निवासी नारायणपुर, थाना कोटिनाडा, जिला गंजाम, ओडिशा के रूप में हुई। पहचान के बाद सरगुजा पुलिस की संयुक्त टीम को ओडिशा रवाना किया गया। आईजी सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा, डीआईजी एवं एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल, एएसपी रितेश चौधरी और नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल के मार्गदर्शन में टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर करीब दस दिनों तक संभावित ठिकानों पर निगरानी और तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध चांटी दास 16 अगस्त की रात अपने घर पहुंचा था। सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसके घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान आरोपी मौके पर नहीं मिला, लेकिन घर से चोरी किए गए जेवरात का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया गया।
300 ग्राम से ज्यादा सोना और 1.168 किलो चांदी बरामद
पुलिस ने आरोपी के घर से 300.92 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 43 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा 1 किलो 168 ग्राम चांदी के आभूषण भी मिले हैं, जिनकी कीमत करीब 3 लाख रुपये आंकी गई है। इस तरह पुलिस ने कुल करीब 46 लाख रुपये मूल्य के जेवरात बरामद किए हैं। पुलिस अब चांटी दास, नागेश्वर राव समेत वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गए बाकी जेवरात की बरामदगी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
मामले की जांच और आरोपियों तक पहुंचने में साइबर सेल प्रभारी एएसआई अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, विकास सिन्हा, आरक्षक अनुज जायसवाल, मनीष सिंह, अमन पुरी, राहुल केरकेट्टा और अशोक यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सीतापुर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अखिलेश सिंह, उपनिरीक्षक रघुनाथ भगत, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक अनिल कुमार, प्रधान आरक्षक तीजराम पैंकरा, आरक्षक राकेश यादव और महेंद्र नाग भी जांच टीम में शामिल रहे। थाना मणिपुर के आरक्षक उमाशंकर साहू और कुशकुमार सोनी ने भी अभियान में सहयोग किया। ओडिशा पुलिस के एसडीओपी आश्का सौरव रंजन प्रधान, थाना प्रभारी निरीक्षक आश्का सुधीर कुमार, निरीक्षक दीप्ति रंजन बेहरा सहित स्थानीय पुलिसकर्मियों के सहयोग से संयुक्त टीम को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही चोरी हुए शेष आभूषणों की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।