{"_id":"6a689b161ec3bba6030de454","slug":"preparations-for-the-samrasta-sankalp-abhiyan-social-harmony-pledge-campaign-in-balrampur-a-sacred-urn-will-arrive-from-kashi-and-samrasta-deep-lamps-of-harmony-will-be-lit-in-temples-on-july-29-ambikapur-news-c-1-1-noi1559-4550373-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: 29 जुलाई से 20 फरवरी तक चलेगा भाजपा का समरसता संकल्प अभियान, प्रदेश मंत्री ने दी जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: 29 जुलाई से 20 फरवरी तक चलेगा भाजपा का समरसता संकल्प अभियान, प्रदेश मंत्री ने दी जानकारी
Tue, 28 Jul 2026 07:36 PM IST
अंबिकापुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
Published by: अंबिकापुर ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2026 07:36 PM IST
सार
बलरामपुर के राजपुर में भाजपा प्रदेश मंत्री शिवनाथ यादव ने गुरु रविदास की 650वीं जयंती वर्ष पर 29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक चलने वाले देशव्यापी समरसता संकल्प अभियान की जानकारी दी।
विज्ञापन
प्रेस वार्ता के दौरान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बलरामपुर जिले के राजपुर में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी 29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक पूरे देश में ‘समरसता संकल्प अभियान’ चलाएगी। अभियान की रूपरेखा को लेकर राजपुर में भाजपा के प्रदेश मंत्री शिवनाथ यादव ने जिला स्तरीय प्रेसवार्ता कर विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी।
प्रदेश मंत्री शिवनाथ यादव ने बताया कि यह अभियान आषाढ़ पूर्णिमा (29 जुलाई 2026) से माघ पूर्णिमा (20 फरवरी 2027) तक देशभर में आयोजित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य संत गुरु रविदास महाराज के समरसता, समानता और सामाजिक सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत भाजपा की टीम उत्तर प्रदेश के काशी (वाराणसी) स्थित गुरु रविदास जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर से पवित्र मिट्टी से भरा कलश लेकर विभिन्न राज्यों, जिलों, मंडलों और गांवों तक पहुंचेगी। 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा की संध्या पर मंदिरों में समरसता दीप महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन
शिवनाथ यादव ने बताया कि 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक पंजाब के डेरा सचखंड बल्लां (जालंधर) से गुरु रविदास जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर (वाराणसी) तक समरसता यात्रा निकाली जाएगी, जिसका उद्देश्य सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश देना होगा।
उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास महाराज केवल एक समाज के संत नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के महान पथप्रदर्शक थे। उनका ‘बेगमपुरा’ का दर्शन एक ऐसे समाज की कल्पना करता है, जहां भेदभाव, अन्याय और पीड़ा का स्थान न हो। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास के विचार आज भी सामाजिक समानता और समावेशी विकास की प्रेरणा देते हैं।
प्रदेश मंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के संकल्प को और मजबूत करेगा तथा सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में जनभागीदारी बढ़ाने का माध्यम बनेगा।
विज्ञापन
प्रदेश मंत्री शिवनाथ यादव ने बताया कि यह अभियान आषाढ़ पूर्णिमा (29 जुलाई 2026) से माघ पूर्णिमा (20 फरवरी 2027) तक देशभर में आयोजित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य संत गुरु रविदास महाराज के समरसता, समानता और सामाजिक सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत भाजपा की टीम उत्तर प्रदेश के काशी (वाराणसी) स्थित गुरु रविदास जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर से पवित्र मिट्टी से भरा कलश लेकर विभिन्न राज्यों, जिलों, मंडलों और गांवों तक पहुंचेगी। 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा की संध्या पर मंदिरों में समरसता दीप महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन
शिवनाथ यादव ने बताया कि 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक पंजाब के डेरा सचखंड बल्लां (जालंधर) से गुरु रविदास जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर (वाराणसी) तक समरसता यात्रा निकाली जाएगी, जिसका उद्देश्य सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश देना होगा।
उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास महाराज केवल एक समाज के संत नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के महान पथप्रदर्शक थे। उनका ‘बेगमपुरा’ का दर्शन एक ऐसे समाज की कल्पना करता है, जहां भेदभाव, अन्याय और पीड़ा का स्थान न हो। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास के विचार आज भी सामाजिक समानता और समावेशी विकास की प्रेरणा देते हैं।
प्रदेश मंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के संकल्प को और मजबूत करेगा तथा सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में जनभागीदारी बढ़ाने का माध्यम बनेगा।