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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Ambikapur News ›   Skeleton found on Mahamaya mountain identified; youth missing since July 11 turns out to be Shubham Kashyap.

CG Crime: महामाया पहाड़ में मिले कंकाल की हुई पहचान, परिजनों ने पुलिस की जांच पर उठाए सवाल

Mon, 27 Jul 2026 06:04 PM IST
अंबिकापुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अम्बिकापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अम्बिकापुर Published by: अंबिकापुर ब्यूरो Updated Mon, 27 Jul 2026 06:04 PM IST
सार

अंबिकापुर में महामाया पहाड़ पर मिले अज्ञात कंकाल की पहचान 11 जुलाई से लापता शुभम कश्यप के रूप में हुई। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही, गुमशुदगी की गंभीर जांच नहीं करने और फिरौती संबंधी सूचना की अनदेखी करने का आरोप लगाया। डीएनए जांच कराई जाएगी।

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Skeleton found on Mahamaya mountain identified; youth missing since July 11 turns out to be Shubham Kashyap.
कंकाल की पहचान शुभम कश्यप के रूप में हुई। 

विस्तार

सरगुजा जिले के अंबिकापुर कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत महामाया पहाड़ स्थित नर्सरी क्षेत्र में शनिवार को मिले अज्ञात कंकाल की पहचान 33 वर्षीय शुभम कश्यप के रूप में हुई है। शुभम 11 जुलाई से लापता था और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले ही कोतवाली थाने में दर्ज कराई जा चुकी थी। रविवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दिखाई दे रहे कपड़ों और चप्पलों के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान की। घटना के बाद परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए लापरवाही और असंवेदनशील व्यवहार का आरोप लगाया है।

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जानकारी के अनुसार, शनिवार को महामाया पहाड़ स्थित सागौन नर्सरी में क्षत-विक्षत अवस्था में एक शव मिला था। घटनास्थल पर साड़ी और महिलाओं की चप्पल मिलने से प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई गई थी कि शव किसी युवती का है। हालांकि, फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट हुआ कि अवशेष एक युवक के हैं।

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रविवार को सोशल मीडिया पर शव के साथ मिले सामान का वीडियो सामने आने के बाद शुभम कश्यप के परिजन कोतवाली थाना पहुंचे और कपड़ों व चप्पलों के आधार पर उसकी पहचान की। शुभम जयस्तंभ चौक के पास मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था।

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परिजनों का कहना है कि शुभम की गुमशुदगी की रिपोर्ट 11 जुलाई को ही दर्ज करा दी गई थी, लेकिन पुलिस ने न तो उसकी तलाश में गंभीर प्रयास किए और न ही शव मिलने की सूचना परिवार को दी। उनका आरोप है कि शव की पहचान नहीं होने के कारण पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया, जबकि गुमशुदगी के मामलों से उसका मिलान किया जाना चाहिए था।

परिवार के अनुसार, शुभम नशे की लत से परेशान था। 10 जुलाई को नशे की हालत में घर लौटने पर परिजन उसे समझाने के उद्देश्य से कोतवाली थाना लेकर गए थे, लेकिन पुलिस ने उसे थाने में रखने से इनकार कर दिया। अगले दिन वह घर से एक बैग लेकर निकला और फिर वापस नहीं लौटा।

परिजनों ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले शुभम की मां के मोबाइल पर एक संदेश आया था, जिसमें दावा किया गया था कि शुभम एक युवती के पास है और उसे वापस लाने के लिए एक लाख रुपये की मांग की गई थी। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने इस सूचना की भी गंभीरता से जांच नहीं की।

पहचान के दौरान थाने पहुंचे परिजनों ने एक पुलिसकर्मी पर अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता समेत अन्य कांग्रेस नेता कोतवाली पहुंचे। उन्होंने परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। वहीं, पुलिस का कहना है कि अंतिम पुष्टि के लिए कंकाल का डीएनए परीक्षण कराया जाएगा। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अवशेष परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंपे जाएंगे।

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