{"_id":"686d4963ba8feef23c0543dc","slug":"bjp-vice-president-shivratan-sharma-arrived-to-listen-to-bhagwat-katha-2025-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाटापारा: 'संतों का सान्निध्य और कथा श्रवण जीवन को बनाता है धन्य', भागवत कथा के समापन पर बोले BJP उपाध्यक्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाटापारा: 'संतों का सान्निध्य और कथा श्रवण जीवन को बनाता है धन्य', भागवत कथा के समापन पर बोले BJP उपाध्यक्ष
Tue, 08 Jul 2025 10:08 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला नेटवर्क, भाटापारा
अमर उजाला नेटवर्क, भाटापारा
Published by: आकाश दुबे
Updated Tue, 08 Jul 2025 10:08 PM IST
सार
भाजपा छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने व्यासपीठ को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया और श्रद्धालुओं के बीच बैठकर कथा का श्रवण किया। उन्होंने कहा, ऐसे आयोजनों से समाज में संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का विस्तार होता है।
विज्ञापन
कथा का श्रवण करने पहुंचे भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भाटापार के ग्राम पाटन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा कार्यक्रम का समापन भक्तिमय वातावरण में हुआ। इस अवसर पर भाजपा छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने श्रद्धा और भक्ति भाव से सहभागिता निभाई।
विज्ञापन
कथावाचक आचार्य पुरुषोत्तम शास्त्री द्वारा श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, रास पंचाध्यायी, उद्धव संवाद एवं श्रीमद्भागवत महात्म्य के बारे में बताया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालु संगीत की मधुर ध्वनि के साथ कथा के दिव्य रस में डूबे रहे।
विज्ञापन
शिवरतन शर्मा ने व्यासपीठ को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया और श्रद्धालुओं के बीच बैठकर कथा का श्रवण किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ऐसे आयोजनों से समाज में संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का विस्तार होता है। कथा न केवल आत्मिक शुद्धि का माध्यम है, बल्कि यह मनुष्य को सत्कर्मों की प्रेरणा भी देती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामवासी व श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विज्ञापन
समापन अवसर पर शिवरतन शर्मा ने आयोजन समिति और ग्रामवासियों का आभार व्यक्त करते हुए सभी से आग्रह किया कि वे धर्म और भक्ति को जीवन में स्थान दें तथा ऐसे आयोजनों में नियमित सहभागिता करें। यह आयोजन क्षेत्र में अध्यात्म और सामाजिक सौहार्द का एक सुंदर उदाहरण बन गया।