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Chhattisgarh: विभाग का दावा- स्मार्ट मीटर से नहीं बढ़ती बिजली की खपत, तीन शहरों के सर्वे में सामने आई सच्चाई
Tue, 28 Jul 2026 07:49 AM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Tue, 28 Jul 2026 07:49 AM IST
सार
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने स्मार्ट मीटर को लेकर अफवाहों के बीच प्रदेश के कई क्षेत्रीय कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगे घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली खपत का तीन महीने का तुलनात्मक अध्ययन कराया है।
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विस्तार
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में आम जनता स्मार्ट मीटर लगने से बढ़ी बिजली बिल को लेकर बहुत परेशान है। दूसरी ओर बिजली विभाग ने दावा किया है कि स्मार्ट मीटर से बिजली की खपत नहीं बढ़ती है। एक सर्वे में खपत का आधार स्मार्ट मीटर नहीं बल्कि उपभोक्ताओं की वास्तविक खपत बताया गया है। तीन शहरों के सर्वे में मिले नतीजों को लेकर यह हवाला दिया गया है।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) ने स्मार्ट मीटर को लेकर फैलाये जा रहे अफवाहों के बीच प्रदेश के कई लोकल कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगे घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली खपत का तीन माह का तुलनात्मक अध्ययन कराया है। मई, जून और जुलाई 2026 की खपत के विश्लेषण में यह सामने आया कि अधिकांश उपभोक्ताओं की बिजली खपत जुलाई में कम हुई है।
रायपुर शहर क्षेत्र के 3 लाख 11 हजार 374 घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के अध्ययन में 1 जून से 26 जून 2026 के दौरान कुल बिजली खपत लगभग 10.85 करोड़ यूनिट दर्ज की गई थी, जबकि 1 जुलाई से 26 जुलाई 2026 के दौरान यह घटकर लगभग 7.77 करोड़ यूनिट रह गई। यानी कुल 28 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। यदि 400 यूनिट से ज्यादा खपत करने वाले उपभोक्ताओं की बात करें, तो 1 लाख 21 हजार 135 उपभोक्ताओ के बिलों के विश्लेषण से मालूम हुआ है कि उनकी खपत में करीब 44 प्रतिशत की कमी आई है। इस खपत का आधार स्मार्ट मीटर नहीं बल्कि उपभोक्ताओं की वास्तविक खपत बताया गया है। ऐसे उपभोक्ता जिनके घर में स्मार्ट मीटर नहीं लगे थे, उनकी खपत में भी अप्रैल-मई-जून में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि दर्ज हुई है। विभाग ने इस संबंध में उदाहरण भी पेश किये हैं।
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अवंती विहार रायपुर- उपभोक्ता क्र. 100060XXXX, संयोजित भार 5 किलोवाट
राजीव नगर रायपुर- उपभोक्ता क्र. 100000XXXX, संयोजित भार 10 किलोवाट
कचना रायपुर- उपभोक्ता क्र. 100658XXXX, संयोजित भार 8 किलोवाट
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इस प्रकार दुर्ग शहर के चयनित 240 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं जिनकी खपत 400 यूनिट से अधिक थी। तीन माह के तुलनात्मक अध्ययन में भी जुलाई माह में बिजली की खपत में कमी दर्ज की गई। अध्ययन मे़ं जुलाई 2026 में कुल बिजली खपत 76,257 यूनिट रही, जबकि जून 2026 में यह 1,65,411 यूनिट, मई 2026 में 1,75,451 यूनिट थी। इस प्रकार जुलाई माह में लगभग 53 प्रतिशत की कमी खपत में दर्ज हुई है। बिलासपुर के सिटी सर्किल में 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत वाले 9,717 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का विश्लेषण किया गया। इसमें मई माह की औसत खपत 524 यूनिट, जून में 596 यूनिट और जुलाई में घटकर 312 यूनिट दर्ज की गई। इस प्रकार जुलाई की खपत लगभग 43 प्रतिशत कम हुई है।
निष्कर्ष
ऐसे उपभोक्ता जो एसी चलाते है, जिससे इनकी खपत 400 यूनिट से अधिक होती है। इन्हें मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान योजना का लाभ नहीं मिलता है। इस वजह से बिजली बिल बढ़कर आती है। जुलाई की सिस्टम से निकाले गए आंकडों में ऐसे उपभोक्ताओं की खपत में भी कमी देखी गई है। ऐसे उपभोक्ता जिनके घर में स्मार्ट मीटर नहीं लगा है, उनकी खपत में भी मई और जून में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि हुई है,लेकिन जुलाई में मीटर में कम खपत दर्ज हुई है। उपभोक्ताओं के कनेक्शनों में स्वीकृत भार से अधिक उपयोग करने पर लगातार तीन माहों में अधिक मांग अधिक दर्ज होने पर बिल के साथ सप्लाई अफोर्डिंग की राशि जुड़ रही थी। इस कारण उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई बिजली बिल मिली।
अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे स्मार्ट मीटर के संबंध में किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। वे मोर बिजली ऐप और स्मार्ट मीटर पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ता अपनी प्रतिदिन तथा प्रत्येक आधे घंटे की बिजली खपत स्वयं देख सकते हैं। इससे बिजली उपयोग की निगरानी और अनावश्यक खपत पर नियंत्रण आसान हो जाता है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी पारदर्शिता के साथ उपभोक्ताओं को तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराती रहेगी, ताकि स्मार्ट मीटर के संबंध में किसी भी प्रकार का भ्रम दूर हो सके।
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मोर बिजली एप से देखें मासिक खपत
विद्युत देयकों के लिए यह व्यवस्था की गई है कि स्वीकृत भार से उच्चतम मांग लगातार तीन माहों में अधिक दर्ज होने पर वर्ष में केवल एक बार सप्लाई अफोर्डिंग की राशि माह दिसंबर का बिल जो कि जनवरी में जारी होगा, में देय होगी। उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से दैनिक खपत स्मार्ट मीटर लगे होने पर मोर बिजली ऐप में देख सकता है। सामान्य मीटर में भी मोर बिजली ऐप के माध्यम से मासिक खपत देखी जा सकती है, परंतु इस मीटर में दैनिक खपत का कोई आंकड़ा ऐप में दर्ज नहीं होता।
टोल फ्री नंबर 1912 पर कर सकते हैं शिकायत
उपभोक्ताओं की बिजली समस्या के समाधान के लिये विभाग की ओर से चेक मीटर भी लगाया जा रहा है, जिससे दोनों मीटरों में दर्ज खपत की तुलना कर निजात दिलाने की व्यवस्था की जा रही है। अभी तक लगाये गये 4500 चेक मीटरों में दर्ज खपत और स्मार्ट मीटर में दर्ज खपत में एक समान है। उपभोक्ता बिजलजी बिल को लेकर टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) ने स्मार्ट मीटर को लेकर फैलाये जा रहे अफवाहों के बीच प्रदेश के कई लोकल कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगे घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली खपत का तीन माह का तुलनात्मक अध्ययन कराया है। मई, जून और जुलाई 2026 की खपत के विश्लेषण में यह सामने आया कि अधिकांश उपभोक्ताओं की बिजली खपत जुलाई में कम हुई है।
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रायपुर शहर क्षेत्र के 3 लाख 11 हजार 374 घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के अध्ययन में 1 जून से 26 जून 2026 के दौरान कुल बिजली खपत लगभग 10.85 करोड़ यूनिट दर्ज की गई थी, जबकि 1 जुलाई से 26 जुलाई 2026 के दौरान यह घटकर लगभग 7.77 करोड़ यूनिट रह गई। यानी कुल 28 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। यदि 400 यूनिट से ज्यादा खपत करने वाले उपभोक्ताओं की बात करें, तो 1 लाख 21 हजार 135 उपभोक्ताओ के बिलों के विश्लेषण से मालूम हुआ है कि उनकी खपत में करीब 44 प्रतिशत की कमी आई है। इस खपत का आधार स्मार्ट मीटर नहीं बल्कि उपभोक्ताओं की वास्तविक खपत बताया गया है। ऐसे उपभोक्ता जिनके घर में स्मार्ट मीटर नहीं लगे थे, उनकी खपत में भी अप्रैल-मई-जून में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि दर्ज हुई है। विभाग ने इस संबंध में उदाहरण भी पेश किये हैं।
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अवंती विहार रायपुर- उपभोक्ता क्र. 100060XXXX, संयोजित भार 5 किलोवाट
- अप्रैल- 2025 की खपत 1611 यूनिट, अप्रैल- 2026 की खपत 2071 यूनिट
- मई- 2025 की खपत 1503 यूनिट, मई- 2026 की खपत 2592 यूनिट
- जून- 2025 की खपत 895 यूनिट, जून- 2026 की खपत 2487 यूनिट
राजीव नगर रायपुर- उपभोक्ता क्र. 100000XXXX, संयोजित भार 10 किलोवाट
- अप्रैल- 2025 की खपत 1019 यूनिट, अप्रैल- 2026 की खपत 1065 यूनिट
- मई- 2025 की खपत 885 यूनिट, मई- 2026 की खपत 1383 यूनिट
- जून- 2025 की खपत 896 यूनिट, जून- 2026 की खपत 1762 यूनिट
कचना रायपुर- उपभोक्ता क्र. 100658XXXX, संयोजित भार 8 किलोवाट
- अप्रैल- 2025 की खपत 1332 यूनिट, अप्रैल- 2026 की खपत 1360 यूनिट
- मई- 2025 की खपत 1156 यूनिट, मई- 2026 की खपत 1709 यूनिट
- जून- 2025 की खपत 759 यूनिट, जून- 2026 की खपत 1579 यूनिट
Read more: Raigarh News: प्रेमिका और उसके दूसरे प्रेमी ने मिलकर की हत्या, शव जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश, महिला को उम्रकैद
इस प्रकार दुर्ग शहर के चयनित 240 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं जिनकी खपत 400 यूनिट से अधिक थी। तीन माह के तुलनात्मक अध्ययन में भी जुलाई माह में बिजली की खपत में कमी दर्ज की गई। अध्ययन मे़ं जुलाई 2026 में कुल बिजली खपत 76,257 यूनिट रही, जबकि जून 2026 में यह 1,65,411 यूनिट, मई 2026 में 1,75,451 यूनिट थी। इस प्रकार जुलाई माह में लगभग 53 प्रतिशत की कमी खपत में दर्ज हुई है। बिलासपुर के सिटी सर्किल में 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत वाले 9,717 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का विश्लेषण किया गया। इसमें मई माह की औसत खपत 524 यूनिट, जून में 596 यूनिट और जुलाई में घटकर 312 यूनिट दर्ज की गई। इस प्रकार जुलाई की खपत लगभग 43 प्रतिशत कम हुई है।
निष्कर्ष
ऐसे उपभोक्ता जो एसी चलाते है, जिससे इनकी खपत 400 यूनिट से अधिक होती है। इन्हें मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान योजना का लाभ नहीं मिलता है। इस वजह से बिजली बिल बढ़कर आती है। जुलाई की सिस्टम से निकाले गए आंकडों में ऐसे उपभोक्ताओं की खपत में भी कमी देखी गई है। ऐसे उपभोक्ता जिनके घर में स्मार्ट मीटर नहीं लगा है, उनकी खपत में भी मई और जून में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि हुई है,लेकिन जुलाई में मीटर में कम खपत दर्ज हुई है। उपभोक्ताओं के कनेक्शनों में स्वीकृत भार से अधिक उपयोग करने पर लगातार तीन माहों में अधिक मांग अधिक दर्ज होने पर बिल के साथ सप्लाई अफोर्डिंग की राशि जुड़ रही थी। इस कारण उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई बिजली बिल मिली।
अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे स्मार्ट मीटर के संबंध में किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। वे मोर बिजली ऐप और स्मार्ट मीटर पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ता अपनी प्रतिदिन तथा प्रत्येक आधे घंटे की बिजली खपत स्वयं देख सकते हैं। इससे बिजली उपयोग की निगरानी और अनावश्यक खपत पर नियंत्रण आसान हो जाता है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी पारदर्शिता के साथ उपभोक्ताओं को तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराती रहेगी, ताकि स्मार्ट मीटर के संबंध में किसी भी प्रकार का भ्रम दूर हो सके।
Read more: NIA Action: म्यांमार में मानव तस्करी और साइबर ठगी नेटवर्क पर NIA का शिकंजा, बंगाल-छत्तीसगढ़ में छापेमारी
मोर बिजली एप से देखें मासिक खपत
विद्युत देयकों के लिए यह व्यवस्था की गई है कि स्वीकृत भार से उच्चतम मांग लगातार तीन माहों में अधिक दर्ज होने पर वर्ष में केवल एक बार सप्लाई अफोर्डिंग की राशि माह दिसंबर का बिल जो कि जनवरी में जारी होगा, में देय होगी। उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से दैनिक खपत स्मार्ट मीटर लगे होने पर मोर बिजली ऐप में देख सकता है। सामान्य मीटर में भी मोर बिजली ऐप के माध्यम से मासिक खपत देखी जा सकती है, परंतु इस मीटर में दैनिक खपत का कोई आंकड़ा ऐप में दर्ज नहीं होता।
टोल फ्री नंबर 1912 पर कर सकते हैं शिकायत
उपभोक्ताओं की बिजली समस्या के समाधान के लिये विभाग की ओर से चेक मीटर भी लगाया जा रहा है, जिससे दोनों मीटरों में दर्ज खपत की तुलना कर निजात दिलाने की व्यवस्था की जा रही है। अभी तक लगाये गये 4500 चेक मीटरों में दर्ज खपत और स्मार्ट मीटर में दर्ज खपत में एक समान है। उपभोक्ता बिजलजी बिल को लेकर टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।