CG: 11.38 करोड़ के लोन घोटाले में सीबीआई की रेड; एफआईआर दर्ज, सामने आया केपेक्स कंपनी की डायरेक्टर का नाम
CG:छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में व्यवसायी राजकुमार सराफ के घर में केंद्रीय एजेंसी सीबीआई ने रेड मारी है। केंद्रीय एजेंसियां वित्तीय लेन-देन,संबंधित कंपनियों और बैंक अधिकारियों की भूमिका की जांच पड़ताल कर रही हैं। बताया जाता है कि यह कार्रवाई यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर की गई है।
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CG: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में व्यवसायी राजकुमार सराफ के घर में केंद्रीय एजेंसी सीबीआई ने रेड मारी है। सीबीआई ने इस मामले में धमतरी केपेक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की डायरेक्टर राजलक्ष्मी सराफ, अभिषेक गुप्ता, गारंटर कुशल सोनी, अज्ञात बैंक अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग, लेखा में हेर-फेर और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
इस केस में सीबीआई के साथ ही आयकर विभाग भी जांच कर रहा है। ये केंद्रीय एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, संबंधित कंपनियों और बैंक अधिकारियों की भूमिका की जांच-पड़ताल कर रही हैं। बताया जाता है कि यह कार्रवाई यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर की गई है। बैंक के शिकायत पत्र में आरोप है कि धमतरी केपेक्स प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े लोगों ने करीब 11.38 करोड़ रुपये के बैंक लोन में भारी गड़बड़ी की है। इससे बैंक को काफी नुकसान है। इस शिकायत के आधार पर सीबीआई ने केस दर्ज किया है। दूसरी ओर इस मामले में बैंक का कहना है कि कंपनी समय पर लोन नहीं चुकाई है। 12 अक्टूबर 2024 को खाते को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) घोषित कर दिया गया। 31 जनवरी 2026 तक बैंक का 11.38 करोड़ रुपये बाकी था।
इस कार्रवाई को लेकर शुरुआत में यह माना जा रहा था कि ईडी ने छापेमारी की है। बाद में जब एफआईआर दर्ज की गई तब मालूम चला कि यह कार्रवाई सीबीआई ने की है।
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अब जानें क्या है पूरा मामला
एफआईआर के मुताबिक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के रायपुर रीजनल ऑफिस के डिप्टी जनरल मैनेजर रणधीर कुमार ने सात मई 2026 को सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद जांच में मालूम चला कि कंपनी को 19 अप्रैल 2023 को 15 करोड़ रुपये की एक्सपोर्ट पैकिंग क्रेडिट सुविधा स्वीकृत की गई थी। इसमें पांच करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट और 7.50 करोड़ रुपये की लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधा भी शामिल थी।