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बेमेतरा में मॉक ड्रिल: भारी बारिश से जिला अस्पताल का भवन गया ढह, 45 लोग दबे, एसडीआरएफ बनी 'देवदूत'
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतरा
Published by: अनुज कुमार
Updated Thu, 25 Sep 2025 07:19 PM IST
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सार
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से राज्य बाढ़ आपदा प्रबंधन द्वारा आयोजित मॉक ड्रिल में बेमेतरा जिला अस्पताल के ढहने और शिवनाथ नदी बाढ़ की स्थिति का सिमुलेशन किया गया। एसडीआरएफ टीम ने रस्सियों, नावों और हेलीकॉप्टर की मदद से सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बचाया, कलेक्टर रणबीर शर्मा ने पूर्वाभ्यास की सराहना की।
बेमेतरा में मॉक ड्रिल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली के सहयोग से राज्य बाढ़ आपदा प्रबंधन द्वारा गुरुवार को पूरे प्रदेश में राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में बेमेतरा जिला अस्पताल परिसर के भवन ढहने की स्थिति को आधार बनाकर एक जीवंत राहत व बचाव कार्य का प्रदर्शन किया।
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मॉक ड्रिल के दौरान यह सूचना दी गई कि लगातार भारी बारिश के कारण जिला अस्पताल का भवन ढह गया है। उसमें 45 लोग दब गए हैं। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम तत्काल घटना स्थल पर पहुंची व बिना समय गवाए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। भवन की तीसरी मंजिल में फंसे लोगों को रस्सियों और अन्य उपकरणों की मदद से सुरक्षित नीचे उतारा गया।
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एसडीआरएफ जवानों ने आपदा की स्थिति में वैज्ञानिक तरीके से राहत व बचाव की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। घायल नागरिक को मौके पर ही चिकित्सा विभाग की टीम द्वारा प्राथमिक उपचार दिया गया। एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद हेलीकॉप्टर के माध्यम से उच्च स्तरीय अस्पतालों में रेफर किया गया। इस तरह सभी 45 हताहत लोगों को एसडीआरएफ टीम ने रेस्क्यू कर उनकी जान बचाई और राहत पहुंचाई।
इसी प्रकार शिवनाथ नदी के टेमरी पुल पर दूसरी मॉक ड्रिल हुई। लगातार बारिश से नदी में आई बाढ़ को आधार बनाते हुए यह सूचना दी गई कि दो नागरिक बाढ़ के पानी में फंस गए हैं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की जानकारी पर एसडीआरएफ की टीम तत्काल मौके पर पहुंची व रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। एसडीआरएफ जवानों ने बाढ़ के तेज बहाव से घिरे दोनों लोगों को बचाने के लिए नाव व रस्सियों का सहारा लिया। उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
पूर्वाभ्यास से होता है फायदा
इस जीवंत प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर रणबीर शर्मा व एसएसपी रामकृष्ण साहू समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर रणबीर शर्मा ने मॉक ड्रिल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के पूर्वाभ्यास से नागरिकों को आपदा के समय राहत और बचाव की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलता है। एसडीआरएफ टीम ने वैज्ञानिक ढंग से यह प्रदर्शित किया कि विपरीत परिस्थितियों में कैसे नागरिकों की जान बचाई जा सकती है।
इस मौके पर अपर कलेक्टर प्रकाश भारद्वाज, एएसपी ज्योति सिंह, डीएसपी कौशिल्या साहू, एसडीओपी बेरला विनय कुमार, प्रवीण खलखो, आपदा प्रबंधन बल के अखिलेश पाराशर समेत विभिन्न विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।