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बीजापुर : मूसालूर जंगल हत्याकांड का खुलासा, पत्नी-सौतेले बेटे सहित तीन गिरफ्तार, जानें पूरा मामला
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
Published by: Digvijay Singh
Updated Sat, 24 Jan 2026 07:16 PM IST
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सार
बीजापुर जिले के नैमेड़ थाना क्षेत्र के ग्राम मूसालूर के जंगल में 28 नवंबर 2025 को मिले अज्ञात पुरुष के शव के मामले में पुलिस ने हत्या का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने मृतक की दूसरी पत्नी, सौतेले बेटे सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीजापुर जिले के नैमेड़ थाना क्षेत्र के ग्राम मूसालूर के जंगल में 28 नवंबर 2025 को मिले अज्ञात पुरुष के शव के मामले में पुलिस ने हत्या का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने मृतक की दूसरी पत्नी, सौतेले बेटे सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
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हत्याकांड का पर्दाफाश
28 नवंबर 2025 को मूसालूर जंगल में एक अज्ञात पुरुष का शव मिलने की सूचना पर नैमेड़ पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतक की पहचान बदरू उरसा, निवासी नैमेड़ के रूप में हुई। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट के अनुसार, मृत्यु सिर और चेहरे पर ठोस वस्तु से गंभीर चोट लगने के कारण हुई थी। इस तथ्य के आधार पर, थाना नैमेड़ में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 20/2025, धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
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तकनीकी जांच से मिली अहम सुराग
पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कुटरू बृज किशोर यादव के मार्गदर्शन में, थाना नैमेड़ पुलिस और साइबर सेल बीजापुर ने तकनीकी जांच शुरू की। मृतक के मोबाइल कॉल डिटेल्स और घटनास्थल के टावर डंप रिकॉर्ड के विश्लेषण से घटना दिवस पर मृतक की दूसरी पत्नी माहरी मज्जी, सौतेले बेटे शंकर मज्जी और संदेही रमेश मज्जी की मोबाइल लोकेशन घटना स्थल के आसपास पाई गई। तीनों के बीच लगातार संपर्क की पुष्टि हुई। घटना के बाद शंकर मज्जी और रमेश मज्जी के तेलंगाना राज्य फरार होने की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने कार्रवाई की।
आरोपियों की गिरफ्तारी और कबूलनामा
वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर, निरीक्षक हरिनाथ रावत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तेलंगाना राज्य के जमीकुंटा और चेरूकुरू से रमेश मज्जी और शंकर मज्जी को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की वारदात स्वीकार कर ली। उन्होंने बताया कि मृतक बदरू उरसा ने माहरी मज्जी को 6-7 वर्षों तक पत्नी बनाकर रखने के बाद दूसरी महिला लाने के नाम पर घर से निकाल दिया था। इसी बात से क्षुब्ध होकर माहरी मज्जी, शंकर मज्जी और रमेश मज्जी ने मिलकर हत्या की योजना बनाई। योजना के तहत, मूसालूर जंगल में रमेश मज्जी और शंकर मज्जी ने लकड़ी के डंडे से मृतक के सिर और चेहरे पर प्राणघातक वार कर उसकी हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में फेंक दिया। घटना में प्रयुक्त आलाजबर भी बरामद कर लिया गया है। प्रकरण में संलिप्त तीनों आरोपियों को 23 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर बीजापुर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी:
रमेश मज्जी, पिता स्व. चैतू उर्फ अशोक मज्जी, उम्र 45 वर्ष, निवासी पेरमापारा, तोयनार, जिला बीजापुर।
शंकर मज्जी, पिता स्व. केशा, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम कोड़ेपल्ली, थाना बेदरे, जिला बीजापुर।
माहरी मज्जी उर्फ सोमली, उम्र 55 वर्ष, निवासी ग्राम कोड़ेपल्ली, थाना बेदरे, जिला बीजापुर।