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Bijapur: बीजापुर में स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन, ठेका प्रथा समाप्त करने की उठी आवाज, सीएम के नाम ज्ञापन
Thu, 23 Jul 2026 01:31 PM IST
बीजापुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
Published by: बीजापुर ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2026 01:31 PM IST
सार
Bijapur: छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने गुरुवार को ठेका प्रथा, आउटसोर्सिंग और निजीकरण के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सांस्कृतिक भवन से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया।
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स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासमिति के आह्वान पर गुरुवार को जिले के समस्त स्वास्थ्य कर्मचारियों ने ठेका प्रथा, आउटसोर्सिंग एवं निजीकरण के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल हुए।
कर्मचारियों ने सांस्कृतिक भवन से कलेक्ट्रेट तक विशाल रैली निकालकर शासन की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की।
ज्ञापन में स्वास्थ्य विभाग में बढ़ती आउटसोर्सिंग एवं निजीकरण की प्रक्रिया का विरोध करते हुए नियमित भर्ती किए जाने, ठेका प्रथा समाप्त करने, पैथोलॉजी सेवाओं को विभागीय व्यवस्था के अंतर्गत सुदृढ़ करने तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों की विभिन्न लंबित एवं न्यायोचित मांगों का शीघ्र निराकरण किए जाने की मांग की गई।
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संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग की लैब सेवाओं को ठेके पर देने का निर्णय कर्मचारियों और आम जनता, दोनों के हित में नहीं है।
उन्होंने शासन से लोकहित एवं कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगों पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
कार्यक्रम में संघ के जिलाध्यक्ष सदाशिव दुर्गम सहित महेंद्र काका, आर.आर. मसीह, मुकेश, राजेश, लोकेश, शरण, गोपाल, कैलाश, राजेश दुर्गम, लक्ष्मण, अनिल, प्रदीप, धर्मेंद्र, शिवैया, सुनील, गणपत, प्रभा, रुक्मिणी, श्रवण सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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कर्मचारियों ने सांस्कृतिक भवन से कलेक्ट्रेट तक विशाल रैली निकालकर शासन की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की।
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ज्ञापन में स्वास्थ्य विभाग में बढ़ती आउटसोर्सिंग एवं निजीकरण की प्रक्रिया का विरोध करते हुए नियमित भर्ती किए जाने, ठेका प्रथा समाप्त करने, पैथोलॉजी सेवाओं को विभागीय व्यवस्था के अंतर्गत सुदृढ़ करने तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों की विभिन्न लंबित एवं न्यायोचित मांगों का शीघ्र निराकरण किए जाने की मांग की गई।
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संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग की लैब सेवाओं को ठेके पर देने का निर्णय कर्मचारियों और आम जनता, दोनों के हित में नहीं है।
उन्होंने शासन से लोकहित एवं कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगों पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
कार्यक्रम में संघ के जिलाध्यक्ष सदाशिव दुर्गम सहित महेंद्र काका, आर.आर. मसीह, मुकेश, राजेश, लोकेश, शरण, गोपाल, कैलाश, राजेश दुर्गम, लक्ष्मण, अनिल, प्रदीप, धर्मेंद्र, शिवैया, सुनील, गणपत, प्रभा, रुक्मिणी, श्रवण सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे।