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Bijapur News: वन अपराधियों पर तीन राज्यों का शिकंजा, इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बनी संयुक्त रणनीति
Tue, 21 Jul 2026 01:01 PM IST
बीजापुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बीजपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजपुर
Published by: बीजापुर ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 01:01 PM IST
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- फोटो : CG News
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वन्यजीवों के शिकार, लकड़ी तस्करी और अन्य वन अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तेलंगाना के वन विभाग ने संयुक्त रणनीति तैयार की है। इसी कड़ी में सोमवार को इंद्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर में तीनों राज्यों के वरिष्ठ वन अधिकारियों की अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की मंशा तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पांडे और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) ओ.पी. यादव के निर्देश पर आयोजित की गई। इसमें सीमावर्ती वन क्षेत्रों में बढ़ते वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में वन्यजीवों के शिकार, लकड़ी तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए संयुक्त गश्त, एंटी-पोचिंग अभियान, डिजिटल इंटेलिजेंस नेटवर्क विकसित करने तथा रियल टाइम सूचना साझा करने पर सहमति बनी। साथ ही तीनों राज्यों के वन अमले के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।
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अधिकारियों ने कहा कि अंतर्राज्यीय सहयोग से वन अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण और वनों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।
बैठक में तीनों राज्यों के वरिष्ठ वन अधिकारियों ने भविष्य में भी नियमित समन्वय बैठकें आयोजित कर साझा रणनीति के तहत कार्रवाई जारी रखने पर सहमति जताई।
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बैठक वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की मंशा तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पांडे और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) ओ.पी. यादव के निर्देश पर आयोजित की गई। इसमें सीमावर्ती वन क्षेत्रों में बढ़ते वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
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बैठक में वन्यजीवों के शिकार, लकड़ी तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए संयुक्त गश्त, एंटी-पोचिंग अभियान, डिजिटल इंटेलिजेंस नेटवर्क विकसित करने तथा रियल टाइम सूचना साझा करने पर सहमति बनी। साथ ही तीनों राज्यों के वन अमले के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।
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अधिकारियों ने कहा कि अंतर्राज्यीय सहयोग से वन अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण और वनों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।
बैठक में तीनों राज्यों के वरिष्ठ वन अधिकारियों ने भविष्य में भी नियमित समन्वय बैठकें आयोजित कर साझा रणनीति के तहत कार्रवाई जारी रखने पर सहमति जताई।