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बिलासपुर हाईकोर्ट सख्त: आईएसबीएम यूनिवर्सिटी डिग्री पर कोर्ट ने रोकी नियुक्ति, राज्य सरकार को जारी नोटिस
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासुपर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 23 Feb 2026 09:55 PM IST
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सार
बिलासपुर हाईकोर्ट ने आईएसबीएम यूनिवर्सिटी की डिग्री को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित डिग्रीधारकों की नियुक्ति पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार समेत अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
यूनिवर्सिटी की डिग्री पर सवाल उठाते हुए दायर याचिका पर सुनवाई के बाद जस्टिस पीपी साहू की सिंगल बेंच ने आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई तक उन उम्मीदवारों को नियुक्ति आदेश जारी न किए जाएं, जिनके पास संबंधित यूनिवर्सिटी की यह डिग्री है।
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मामले में राज्य सरकार, उच्च शिक्षा विभाग, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग सहित अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया गया है। अगली सुनवाई 16 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।
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प्रियांशु दानी सहित सात अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि आईएसबीएम यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित डिप्लोमा कोर्स निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करता। इस संबंध में शिकायतों के बाद 16 सितंबर 2025 को एक जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने 9 अक्तूबर 2025 को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कहा गया है कि आईएसबीएम यूनिवर्सिटी का पीजीडीआरडी पाठ्यक्रम अवैध है।
जानकारी के अनुसार यह प्रोग्राम यूनिवर्सिटी के ऑर्डिनेंस नंबर 57 के तहत संचालित किया जा रहा है, जो कॉमर्स और मैनेजमेंट फैकल्टी के डिप्लोमा कोर्स से संबंधित है, न कि रूरल डेवलपमेंट से। याचिका में कहा गया है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आयुक्त से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया था। समिति की रिपोर्ट के आधार पर इस पाठ्यक्रम को अमान्य माना गया है।